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नहीं सुधर रहा पाकिस्तान, अब LOC पर कई जगहों पर की फायरिंग

भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब

जम्मू 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कुछ जगहों पर पाकिस्तानी सेना ने फायरिंग की, जिसका भारतीय सेना ने प्रभावी ढंग से जवाब दिया। भारतीय सेना ने कहा, “पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर कुछ स्थानों पर छोटे हथियारों से फायरिंग की।

भारतीय सेना ने इसका प्रभावी ढंग से जवाब दिया। कोई हताहत नहीं हुआ। अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।” बता दें कि आतंकवादियों द्वारा 26 नागरिकों की नृशंस हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है।

पहलगाम आतंकी हमले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा था कि आतंकियों, उनके हैंडलर्स और समर्थकों का पीछा किया जाएगा और दुनिया के किसी भी कोने में उनसे बदला लिया जाएगा।

नागरिक हत्याओं के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने और उनकी तलाश के लिए पहलगाम के बैसरन मैदान में चौथे दिन भी बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहा।

अन्य आतंकवाद विरोधी अभियानों में गुरुवार को उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक सैनिक शहीद हो गया। सेना ने बताया था कि विशेष खुफिया सूचना के आधार पर गुरुवार को बसंतगढ़ (उधमपुर) में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान शुरू किया गया।

संपर्क स्थापित किया गया और भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। शुरुआती मुठभेड़ में हमारे एक बहादुर जवान को गंभीर चोटें आईं और बाद में बेहतरीन चिकित्सा प्रयासों के बावजूद उनका बलिदान हो गया। ऑपरेशन जारी है।”

गुरुवार को कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक और मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकवादियों के खिलाफ अभियान गोलीबारी के साथ शुरू हुआ, लेकिन शुक्रवार सुबह से गोलीबारी की कोई खबर नहीं है।

सुरक्षा बलों ने गुरुवार को पुंछ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ एक और अभियान शुरू किया। बैसरन मैदान हत्याकांड के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने और उनकी तलाश के लिए पहलगाम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान के अलावा वर्तमान में तीन ऑपरेशन चल रहे हैं।

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सिक्किम में पर्यटकों पर आई आफत

गंगटोक 25 April, (Rns): सिक्किम में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुई है। इस भूस्खलन से उत्तरी सिक्किम में करीब 1,000 पर्यटक फंस गए हैं। वहां पर अभी भी भारी बारिश हो रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य करने की कोशिश जारी है। कल चुंगथांग में करीब 200 पर्यटकों की गाडिय़ां फंसी हुई थी।

खराब मौसम और सडक़ यातायात में आ रही परेशानी की वजह से अधिकारियों ने आज उत्तरी सिक्किम के लिए पहले से निर्धारित सभी ट्रैवल परमिट रद्द कर दिए हैं। पहले जारी किए गए अग्रिम परमिट भी अमान्य घोषित कर दिए गए हैं।

लाचुंग और लाचेन हिल स्टेशन हैं, जो गुरुडोंगमार झील और युमथांग घाटी के कारण अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण स्थिति और खराब हो गई है। सिक्किम में अगली सूचना तक पर्यटकों के आने पर रोक लगा दी गई है। उनके ट्रैवल परमिट भी रद्द कर दिए गए हैं।

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हिसार से पाकिस्तानी हिंदू परिवार दिल्ली भेजा गया

वीजा खत्म होने के बाद भी रह रहे थे 15 सदस्य

हिसार 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): हरियाणा के हिसार जिले के बालसमंद गांव में पिछले सात महीने से रह रहे एक 15 सदस्यीय पाकिस्तानी हिंदू परिवार को पुलिस ने दिल्ली भेज दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और परिवार के वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद की गई है।

वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहा था परिवार

जानकारी के अनुसार, यह परिवार पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर से भारत आया था। इसमें 3 लड़कियां, 8 बच्चे, 3 महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं। परिवार का 45 दिन का वीजा 25 अगस्त 2024 को समाप्त हो गया था, लेकिन वे इसके बाद भी बालसमंद में ही रह रहे थे। परिवार ने एक निजी अस्पताल की जमीन पर बने कमरे में शरण ले रखी थी और खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहा था।

पाकिस्तान वापस जाने से इनकार, प्रताड़ना का लगाया आरोप

परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते क्योंकि वहां उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने भारत में ही रहने की इच्छा जताई थी और वीजा समाप्त होने के बाद दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) के लिए आवेदन भी किया था।

पहलगाम हमले के बाद सरकार का सख्त रुख

गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को जारी सार्क वीजा रद्द कर दिया था और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया था। इसी पृष्ठभूमि में हिसार पुलिस ने यह कदम उठाया है।

कैसे पहुंचा था परिवार हिसार?

सूत्रों के मुताबिक, इस परिवार को भारत लाने में दिल्ली निवासी हरिओम नामक व्यक्ति ने मदद की थी, जो राजस्थान के जैसलमेर में रह रहे पाकिस्तानी विस्थापितों की सहायता करते हैं। हरिओम ने जैसलमेर में ही रह रहे दयालदास (जो खुद 2011 से पाक वीजा पर भारत में थे) की मदद की थी। दयालदास ने ही हरिओम को इस परिवार के बारे में बताया था, जिसके बाद इन्हें पाकिस्तान से भारत लाकर हिसार के बालसमंद में बसाया गया था।

पुलिस ने दिल्ली कैंप भेजा

हिसार पुलिस के बालसमंद चौकी इंचार्ज शेषकरण ने पुष्टि करते हुए बताया, “उच्च अधिकारियों के आदेश पर इस परिवार को बस द्वारा दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप में भेज दिया गया है। वीजा समाप्त होने के बावजूद वे यहां रह रहे थे। आगे की कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली से की जाएगी।”

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पहलगाम हमले पर हुई सर्वदलीय बैठक 2 घंटे चली

राहुल बोले- सरकार की हर कार्रवाई को विपक्ष का समर्थन

नई दिल्ली 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – जम्मू कश्मीर की पहलगाम घाटी पर आतंकी हमले के बाद भारत ने कई अहम फैसले लिए हैं। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले को लेकर केंद्र सरकार द्वारा संसद भवन में सर्वदलीय बैठक की गई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य नेता सर्वदलीय बैठक में मौजूद है। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों की स्मृति में केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान 2 मिनट का मौन रखा गया।

बैठक से बाहर निकलकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर एक्शन पर सरकार को पूरा सपोर्ट है। बैठक में शामिल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी दलों ने हमले की निंदा की है। कश्मीर में शांति के प्रयास पर चर्चा हुई। सरकार को किसी भी एक्शन के लिए समर्थन है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान बॉर्डर भी अलर्ट मोड पर है। इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए कल यानी 25 अप्रैल श्रीनगर का दौरा करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की है। वहीं, जर्मनी, जापान, पोलैंड, ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों के राजदूत साउथ ब्लॉक स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पहलगाम हमले के बारे में कई देशों के राजदूतों को जानकारी दी।

भारत सरकार ने इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच बड़े फैसले लिए हैं। भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है। इसके साथ ही अटारी बॉर्डर बंद कर दिया गया है और सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया है। पाकिस्तान नागरिकों का वीजा बंद कर दिया गया है और उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी।

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देश रत्न अवॉर्ड 2025 समारोह का आयोजन 29 अप्रैल को……..!

 निर्देशक अमोल भगत निर्णायक मंडल में बतौर जज शामिल……!

60 भी अधिक फिल्म महोत्सवों के निर्णायक मंडल में शामिल रह चुके मराठी फिल्म निर्माता निर्देशक अमोल भगत एक बार फिर भारती युवा वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 29 अप्रैल को दूरदर्शन भवन, कमानी प्रेक्षागृह (मंडी हाउस), नई दिल्ली में आयोजित देश रत्न अवॉर्ड 2025 समारोह में भी बतौर जज शामिल रहेंगे।

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सामजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा संपोषित इस अवॉर्ड समारोह में अर्जुन राम मेघवाल (कानून मंत्री, भारत सरकार), जगदंबिका पाल जी (उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री), गजेंद्र सिंह शेखावत जी (संस्कृति मंत्री, भारत सरकार), प्रवेश वर्मा जी (डिप्टी सीएम, दिल्ली), राम दास आठवले जी (केन्द्रीय मंत्री), रघु राज जी (रोजगार मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार), राहुल भुच्चर जी (बॉलीवुड अभिनेता), मुस्ताक खान (बॉलीवुड अभिनेता) और विनय चौधरी जी (राष्ट्रीय प्रभारी, भाजपा) की उपस्थिति में चयनित प्रतिभागियों को अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।

विदित हो कि पुणे में जन्मे और बारामती के ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े फिल्मकार अमोल भगत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में एक जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। मराठी फिल्म उद्योग में अमोल भगत के शानदार योगदान ने, विशेष रूप से ‘पुणे टू गोवा’ जैसी फिल्म में उनके निर्देशन के माध्यम से उन्हें व्यापक पहचान दिलाई है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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FIITJEE के मालिक डीके गोयल पर ED की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली-एनसीआर में 10 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान FIITJEE की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संस्थान के मालिक डीके गोयल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की है।

सूत्रों के मुताबिक, FIITJEE के कई सेंटर अचानक बंद होने और हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटकने के मामले में ईडी यह कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार, संस्थान बंद होने से करीब 12,000 छात्रों को नुकसान हुआ है, जबकि मालिकों को इससे करीब 12 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हुआ।

इससे पहले फरवरी में नोएडा पुलिस ने FIITJEE से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया था। इन खातों में 11.11 करोड़ रुपये सीज किए गए थे। मामला थाना सेक्टर-58 में दर्ज किया गया था, जहां FIITJEE के मालिक दिनेश गोयल समेत 8 लोगों पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

FIITJEE पर आरोप है कि उन्होंने सैंकड़ों छात्रों से फीस लेने के बाद अचानक सेंटर बंद कर दिए और न तो क्लासेस चलाईं, न ही फीस वापस की। वहीं, कर्मचारियों को भी लंबे समय से वेतन नहीं दिया गया, जिससे संस्थान की आर्थिक स्थिति और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ED की छापेमारी फिलहाल जारी है और इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

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अब वक्त POK में सीधी कार्रवाई का : पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी

नई दिल्ली  24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी ने पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव पर कहा कि जब दो देशों के बीच आपसी संबंध बिगड़ते हैं और सुरक्षा की भावना खतरे में पड़ने लगती है, तो कठोर और निर्णायक कदम उठाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से उठाए गए हालिया कदम जैसे दूतावास बंद करने की तैयारी, वीजा रद्द करना और पाकिस्तान के नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम ये सभी पाकिस्तान पर गंभीर असर डालेंगे। प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान की आम जनता और युवा वर्ग पाकिस्तान आर्मी के साथ नहीं हैं।

भारत में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की भूमिका संदिग्ध है, और यह संभव है कि इस बार वह चीन के साथ मिलकर रणनीतिक तौर पर कोई तनावपूर्ण कदम उठा रहा हो। भारत का यह जवाब बहुत सीमित है और इससे पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत को केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीओके में उन 8-10 ठिकानों पर सीधा कब्जा करना चाहिए जहां से पाकिस्तान की सेना आतंकियों को भारत में भेजती है। बख्शी ने कहा कि “जब तक पाकिस्तान की जमीन पर कब्जा नहीं किया जाएगा, तब तक उसकी सेना को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”

पूर्व विंग कमांडर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सेना अपनी जनता को यह भ्रम देती है कि वे भारत से बेहतर हैं, जबकि सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी समाज के कई हिस्से भारत से प्रभावित होकर ही बदले हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अब प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि निर्णायक सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सेना और लड़ाकू विमानों की तैनाती पर उन्होंने कहा कि भारत को कोई नई तैयारी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय सेना पहले से ही हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और नागरिक संपर्क लगभग समाप्त हो सकते हैं, जिससे संबंधों में और भी अधिक खटास आ सकती है।

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पहलगाम हमले पर अर्जुन रामपाल की दो टूक, कश्मीर भारत में है और हमेशा रहेगा

मुंबई  24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पहलगाम आतंकी हमले को अभिनेता अर्जुन रामपाल ने कायरतापूर्ण और घिनौना कृत्य बताया है। अभिनेता ने कहा कि कश्मीर भारत में है और भारत में ही रहेगा।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए अभिनेता अर्जुन रामपाल ने आतंकी हमले को कायरतापूर्ण और घिनौना करार देते हुए लिखा, “जो खुद का बचाव नहीं कर सकते थे, उन निर्दोष लोगों पर हमला कायरतापूर्ण और घिनौना कृत्य है।“

अभिनेता ने आगे कहा, “सोचिए कि आपके परिवार का कोई व्यक्ति खुशियां मनाने के लिए छुट्टी पर जाता है और कभी वापस नहीं आता, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह धर्म विशेष से है!

ऐसा नुकसान सहने वाले दुखी परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। उन कायरों के लिए आइए रिकॉर्ड को फिर से ऑन करें, ‘कश्मीर भारत में है और हमेशा रहेगा। इसमें कुछ भी बदलाव नहीं होगा।’

वहीं, पहलगाम आतंकी हमले पर दुख जाहिर करते हुए अभिनेत्री दीया मिर्जा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ”घटना के बाद से हमारा दिल दर्द और दुख से भरा हुआ है। ऐसे समय में हमें एकजुट होकर खड़े होना चाहिए। शांति के लिए आवाज उठानी चाहिए।

हमें नफरत और हिंसा के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। न्याय की जीत होनी चाहिए। आइए हम सब एक साथ आएं और कहें, बहुत हो गया। नफरत को हम अपने समाज को तोड़ने नहीं देंगे। अब हम चुप नहीं रहेंगे।”

सिंगर श्रेया घोषाल ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया और कैप्शन में लिखा, ”मैं पहलगाम के बारे में सोचना बंद नहीं कर सकती। उस खामोशी के बारे में जो अराजकता के बाद आई होगी। उन परिवारों के बारे में जिनकी दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं होगी।

मेरे दिमाग में यही चल रहा है। यह जानकर मेरा दिल टूट गया कि ऐसे सुंदर, शांतिपूर्ण स्थान पर भी लोगों की जान चली गई, जिनका हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वे इसके शिकार बन गए। यह हमारे राष्ट्र की आत्मा पर चोट है।”

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अटारी-वाघा बॉर्डर बंद, आवाजाही बंद, कई परिवारों को लौटाया गया

अटारी बॉर्डर  24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया है।

इस निर्णय के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, भोपाल के एक परिवार को, जो अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाने के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंचा था, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने वापस लौटा दिया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें अटारी-वाघा बॉर्डर बंद करना, सिंधु जल संधि निलंबित करना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि केवल 1 मई तक वैध वीजा के साथ आए लोग ही इस मार्ग से वापस जा सकते हैं।

भोपाल के रहने वाले तीन सदस्यों वाला यह परिवार अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। परिवार ने बताया कि उनके पास वैध वीजा और यात्रा दस्तावेज थे, लेकिन बॉर्डर बंद होने के कारण बीएसएफ ने उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी। निराश परिवार को वापस भोपाल लौटना पड़ रहा है।

परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हम अपने रिश्तेदारों से मिलने की उम्मीद लेकर गए थे, लेकिन अब हमें वापस जाना पड़ रहा है।”

अटारी-वाघा बॉर्डर भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र सड़क मार्ग है, जो सीमित व्यापार और लोगों के आवागमन के लिए खुला था। इस बॉर्डर पर हर शाम होने वाला ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह दोनों देशों की सैन्य परंपरा और प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक है।

बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी।

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आतंकवादियों की कमर तोड़ कर रहेंगे …..बिहार से मोदी ने दुनिया को दिया संदेश

मधुबनी 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन से पहले पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौन रखा।

बिहार के मधुबनी से नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है की आतंकियों की कमर तोड़ दी जायेगी। पीएम मोदी ने कहा है की जिन भी आतंकियों ने ये हमला किया है और जिन उनके आकाओं ने जो ये हमला करवाया है उन सभी को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा दी जाएगी।

पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम मोदी ने कहा, “आज बिहार की धरती पर मैं पूरी दुनिया से कहता हूं, भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के छोर तक खदेड़ेंगे।

आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नहीं टूटेगी। आतंकवाद को सजा मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस संकल्प में पूरा देश एक है। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और उनके नेताओं को धन्यवाद देता हूं जो हमारे साथ खड़े हैं।”

मोदी ने कहा, “22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने देश के निर्दोष लोगों की हत्या कर दी… इस घटना के बाद पूरा देश दुखी और व्यथित है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं… आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी… ऐसी सजा दी जाएगी जो इतनी बड़ी और कठोर होगी, जिसके बारे में इन आतंकवादियों ने कभी सोचा भी नहीं होगा।

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पहलगाम आतंकी हमला: शुभम द्विवेदी के परिवार से मिले सीएम योगी

कहा- सरकार आतंकवादियों को नेस्तनाबूद करेगी

कानपुर 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके आवास पर भेंट की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर आतंकियों को नेस्तनाबूत करेगी।

सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। सीएम ने इस हमले को क्रूर, कायराना और विभत्स कृत्य करार दिया।

उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में हर जगह इस घटना की निंदा हो रही है। यह घटना बताती है कि आतंकवाद अब अंतिम सांस ले रहा है। निर्दोष पर्यटकों पर हमला करके बहन-बेटियों के सिंदूर को उजाड़ा जाए। इसे कोई सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता है। खासतौर पर भारत के अंदर यह कतई स्वीकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ जो जीरो टॉलरेंस की नीति रही है, वह प्रभावी ढंग से आतंकवाद को नेस्तनाबूत करेगी। इसके ताबूत पर अंतिम कील ठोकने की शुरुआत हो चुकी है।

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन क्षेत्रों का दौरा किया है। आगे की रणनीति के साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद के खात्मे की एक नई पहल के लिए पूरा भारत आगे बढ़ा है।

इसके प्रति जो जीरो टॉलरेंस की नीति है, इस दुखद घड़ी में पीएम मोदी के नेतृत्व पर विश्वास करना चाहिए।

सीएम ने कहा कि मैंने अभी शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात की है। उनके पिता से कल भी बात हुई थी। उनका शव कल ही आया है। पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए प्रस्थान कर रहा है। परिवार दुखी है। शुभम परिवार का एकमात्र बेटा था। दिवंगत आत्मा के लिए शांति की कामना करता हूं।

परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। दुख की घड़ी में पूरा देश इस अमानवीय और बर्बर कृत्य की निंदा करता है। आतंकियों और उनके आकाओं को सजा जरूर मिलेगी। हमारी डबल इंजन की सरकार परिवार के साथ है और किसी आतंकी घटना को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है।

उन्होंने आगे कहा कि यह वह सरकार नहीं है जो आतंकियों पर दायर मुकदमों को वापस लेती हो या वहां भी अपना वोट बैंक देखती हो। पूरी शक्ति से ऐसे विषैले फनों को कुचलने का काम होगा। इस घटना का परिणाम हर व्यक्ति देखेगा।

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जैन इंटरनेशनल सेवा ऑर्गेनाइजेशन द्वारा ‘जिसो इवेंट’ संपन्न

24.04.2025 – वैश्विक डिजिटल महा संगठन जिसो फाउंडेशन जिसे जैन इंटरनेशनल सेवा ऑर्गेनाइजेशन के नाम से भी जाना जाता है, अब प्रत्येक जैन व्यक्ति को डिजिटल पहचान प्रदान करने दिशा में अपनी नई योजनाओं के साथ काफी एक्टिव हो गया है। पिछले दिनों दादर (पश्चिम), मुम्बई में आयोजित ‘जिसो इवेंट’ में शामिल होकर जैन समुदाय के कई लोगों ने ‘जिसो सेवा’ से जुड़ कर सेवा का लाभ लिया।

जैन इंटरनेशनल सेवा ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना प्रख्यात समाजसेवी, टेक विजनरी और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता श्री सुरेशजी पुनमिया द्वारा की गई है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य है कि जैन समाज के चारों प्रमुख संप्रदायों (श्वेतांबर, दिगंबर, स्थानकवासी और तेरापंथ) को एक एकीकृत डिजिटल मंच पर लाकर, सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने के साथ साथ हर जैन व्यक्ति को निःशुल्क डिजिटल पहचान और JISO Jain Minority Card उपलब्ध कराना है।

इस संगठन के हेल्प लाइन 9059054563 पर एक मिसकॉल कर व्हाट्सएप पर जैन मेनोरिटी कार्ड प्राप्त किया जा सकता है। जैन समाज की एकता, डिजिटल उन्नयन और सेवा संकल्प के सूत्रधार जैन इंटरनेशनल सेवा ऑर्गेनाइजेशन (जिसो) के संस्थापक श्री सुरेशजी पुनमिया की दूरदर्शिता से प्रेरित होकर यह संगठन आज न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जैन समाज की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में अग्रसर है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले-आरोपियों को जल्द जोरदार जवाब मिलेगा

नईदिल्ली ,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में आरोपियों को जवाब देने की बात कही है।

उन्होंने कहा, आतंकवादियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण हमले में हमारे देश ने निर्दोष नागरिकों को खोया है। हम सभी दुखी हैं। यहां मैं आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को दोहराता हूं। आतंकवाद के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी।

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, हम न केवल इस कृत्य के दोषियों तक पहुंचेंगे बल्कि उन तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने पर्दे के पीछे के इस हमले की साजिश रची है। भारत इतना बड़ा देश है, जिसे किसी भी सूरत में डराया नहीं जा सकता है। जिम्मेदार लोगों को आने वाले समय में जोरदार और स्पष्ट जवाब मिलेगा, यह मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं।

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यह भारत पर डायरेक्ट अटैक है, सभी दलों को विश्वास में ले सरकार, बोले कांग्रेस अध्यक्ष खरगे

बेंगलुरु,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार से मांग की है वह सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों को विश्वास में ले और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दे। उन्होंने कहा कि सरकार को पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों के साथ आतंकवाद की चुनौती से निपटने के बारे में चर्चा करनी चाहिए और उनके सुझाव भी लेने चाहिए।

उन्होंने यह भी कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी लोग सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े हैं तथा आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि यह भारत पर सीधा हमला है।

आतंकवादियों ने मंगलवार की दोपहर को कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गयी। आतंकी हमले में मारे गये लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे। खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ”बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा निर्दोष पर्यटकों की हत्या किए जाने से हमें गहरा दु:ख और सदमा पहुंचा है।

कांग्रेस पार्टी कड़े से कड़े शब्दों में इस कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा करती है। उन्होंने कहा, ”यह हमला हमारे देश की एकता और अखंडता पर कायराना हमला है। उनके अनुसार, ”वर्ष 2000 में हुए चिट्टीसिंहपोरा नरसंहार के बाद, यह हमला आतंकवादियों और अलगाववादियों द्वारा किए गए सबसे बर्बर हमलों में से एक है। हम दृढ़ता से दोहराते हैं कि निहत्थे और निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले इंसान नहीं हो सकते।

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने बुधवार देर शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य स्थानीय नेताओं से भी बात की। खरगे ने कहा कि इस घटना की पृष्ठभूमि में कांग्रेस कार्य समिति बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में बैठक करेगी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ”यह समय कोई राजनीति करने का नहीं है। हमारे पर्यटक जो इस नरसंहार में मरे हैं, यह समय उनको न्याय दिलाने का है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कर्नाटक के एक पर्यटक का उल्लेख करते हुए कहा, ”अलग-अलग राज्यों के पर्यटक वहां थे।

कर्नाटक से भी मंजूनाथ राव अपनी पत्नी, बच्चे के साथ वहां गए थे। उनकी इस हमले में मौत हो गई। भारत भूषण नामक व्यक्ति की भी इस दु:खद घटना में जान चली गई। मैंने पीडि़तों की पत्नियों से बात की और उन्हें अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक सरकार ने श्रम मंत्री संतोष लाड को जम्मू-कश्मीर भेजा है जो प्रदेश के लगभग 200 पर्यटकों से भी मिल रहे हैं और उनके लिए वापस आने की उड़ानों की व्यवस्था भी कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”मैंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से भी अनुरोध किया है कि वे हर उस पर्यटक के लिए व्यवस्था करें जो वापस लौटना चाहता है। हमारे गृह मंत्री ने भी मुझसे वादा किया है कि वे भी इसका ध्यान रखेंगे।

उन्होंने कहा कि इस साल जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था में भारी नुकसान होगा, ऐसे में भारत सरकार को अब उनकी मदद करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”इस समय, हम सब एक हैं। हम आतंकवादियों के खिलाफ़ एक होंगे। उन्होंने कहा, ”यह भारतीय राज्य के ऊपर सीधा हमला है। सारा देश स्तब्ध है।

पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन ने इसकी जि़म्मेदारी भी ली है। हमें इसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा। खरगे ने कहा कि सरकार को अपनी सारी ताक़त लगाकर आतंकवादियों को ढूंढ निकालना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ”सरकार को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था में पर्यटकों का भरोसा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

अमरनाथ यात्रा कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली है और हर साल लाखों पर्यटक इसमें हिस्सा लेते हैं। इससे पहले भी यात्रा के दौरान इस तरह के हमले हो चुके हैं। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता किया जाना चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया जाना चाहिए।

खरगे ने कहा, ”सरकार से हम अपेक्षा करते हैं कि जब जरूरी कार्रवाई हो जाए और पूरी मालूमात हासिल हो गई हो तो, वह सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर आतंकवाद की चुनौती से निपटने के बारे में चर्चा करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर कुछ सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा, ”यह राजनीति नहीं है और हम इस स्थिति में राजनीति नहीं चाहते। खरगे ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार के साथ समन्वय, सहयोग और साझेदारी करने को प्रतिबद्ध है। हमने समय-समय पर आतंकवाद और अलगाववाद का डट कर मुकाबला किया है और इसके खिलाफ़ लड़ाई में हमारे शीर्ष नेतृत्व ने अपने जीवन की आहुति भी दी है।

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हमें तुमपर हमेशा गर्व रहेगा, लेफ्टिनेंट नरवाल की पत्नी ने दी भावुक विदाई

नईदिल्ली ,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अबतक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। भारतीय नौसेना के एक अधिकारी लेफ्टिनेट विनय नरवाल की भी मौत हो गई थी।

बता दें कि लेफ्टिनेंट नरवाल कोच्चि में ड्यूटी पर तैनात थे और वह छुट्टी पर थे और पहलगाम गए हुए थे। इस घटना में उनकी भी मौत हो गई है। इस बीच लेफ्टिनेंट नरवालके पार्थिव शरीर को उनकी पत्नी ने भावुक विदाई दी है। रोती बिलखती लेफ्टिनेंट नरवाल की पत्नी ने कहा, इनकी वजह से कई लोगों ने सर्वाइव किया। हमें आप पर हमेशा गर्व रहेगा।

बता दें कि 16 अप्रैल को ही लेफ्टिनेंट नरवाल की शादी हुई थी और 19 अप्रैल को उनका रिसेप्शन था। दो दिन पहले वह पहलगाम पहुंचे थे। घर में खुशियों का माहौल खत्म भी नहीं हुआ कि उनके परिवार में अब मातम पसर चुका है। बता दें कि इस हमले में कई लोगों की मौत हो चुकी है।

बता दें कि इस हमले में एक के बाद एक कई जानकारियां सामने आ रही हैं। दरअसल जिन चार आतंकियों ने 26 निर्दोषों की बेरहमी से हत्या कर दी, उनकी तस्वीरें सामने आ गई हैं। जानकारी के मुताबिक दो आतंकी पश्तो भाषा में बात कर रहे थे। हमला करने वाले ये दो आतंकी पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है।

इन आतंकियों में से एक आसिफ शेख जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी बताया जा रहा है। चार आतंकियों में से तीन आतंकियों के नाम भी सामने आए हैं। इनके कोड में नाम थे, आसिफ फौजी का नाम मूसा था, सुलेमान शाह का नाम युनूस था, अबु तल्हा का कोड नामआसिफ था तीनों आतंकियों के कोड नेम थे।

सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के शरीर पर बॉडी कैम लगे थे और उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बनाया था। आतंकियों ने टूरिस्टों को पहले सिर झुकाने को कहा और उसके बाद एके-47 और अमेरिकन एम-14 राइफल से गोली मारनी शुरू कर दी। जांच एजेंसियों ने तीन संदिग्धों का स्केच भी जारी किया था, उसके तुरंत बाद अब चारों आतंकियों की तस्वीरें भी सामने आ चुकी है।

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तहव्वुर राणा की परिवार से बात करने की डिमांड का एनआईए ने किया विरोध

नई दिल्ली,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने अदालत में परिजनों से बात करने की डिमांड की थी, जिसका नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) ने विरोध किया है.

2008 में 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के आरोपी और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा की अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति की मांग वाली याचिका का एनआईए ने विरोध किया है.

एनआईए ने पटियाला हाउस कोर्ट से कहा कि तहव्वुर राणा अपने परिवार वालों से बातचीत के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सूचनाओं को साझा कर सकता है.

एडिशनल सेशंस जज हरदीप कौर ने इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने आज यानि 24 अप्रैल को फैसला सुनाने का आदेश दिया.

तहव्वुर राणा ने अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की अनुमति की मांग की है. कोर्ट ने उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 अप्रैल को एनआईए को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने 10 अप्रैल को तहव्वुर राणा को 18 दिनों की एनआईए की हिरासत में भेजा था.

एनआईए ने तहव्वुर राणा को पटियाला हाउस कोर्ट में 10 अप्रैल को करीब दस बजे रात में पेश किया था. एनआईए ने 10 अप्रैल की शाम को तहव्वुर को दिल्ली के पालम वायुसेना अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया.

बता दें कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण के खिलाफ राणा की याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे लाने के लिए भारतीय एजेंसियों की एक टीम अमेरिका गई थी. तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है.

2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है.

64 वर्षीय तहव्वुर राणा के समर्थन की वजह से उस समय भारत में हेडली की आवाजाही आसान हो गई थी. पाकिस्तान मूल के तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली बचपन के दोस्त थे और दोनों ने एक ही सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी. तहव्वुर राणा ने डेविड कोलमैन हेडली की मदद के लिए मुंबई में एक एजेंसी खोली थी.

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पहलगाम आतंकी हमला: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों के लिए सुरक्षा की मांग

नई दिल्ली,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यों को पहाड़ी राज्यों और दूरदराज के स्थानों पर जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपाय करने और उन स्थानों पर सशस्त्र बलों को तैनात करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक एकत्र होते हैं.

यह याचिका अधिवक्ता विशाल तिवारी ने दायर की है. मंगलवार को दोपहर करीब 2.30 बजे आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम से करीब 6 किलोमीटर दूर बैसरन नाम के घास के मैदान पर पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे और कई अन्य घायल हो गए. इस भयावह हमले के कारण पूरा देश गुस्से और दुख से उबल रहा है.

तिवारी द्वारा दायर याचिका में जम्मू-कश्मीर में शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए निर्देश देने की भी मांग की गई है. याचिका में पर्यटन स्थलों, विशेषकर दूरदराज के पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में जहां पर्यटक आते हैं और एकत्र होते हैं, उचित चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था के लिए निर्देश देने की भी मांग की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति के समय त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके.

याचिका में कहा गया है कि अधिकांश उत्तर भारत के राज्यों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर करती है, क्योंकि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं. साथ ही कहा गया है कि आतंकवादी हमलों से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है.

याचिका में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने पर जोर दिया गया. याचिका में कहा गया है कि हाल ही में पहलगाम हमले के दौरान संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद वहां किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई.

याचिका में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र संगठन की आतंकवाद रोधी शाखा ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश बनाए हैं, जिनका भारत द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है.

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद कुलगाम में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू

श्रीनगर,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन जारी है। पूरे प्रदेश में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

बुधवार की सुबह ही उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 2 आतंकियों को मार गिराया है। वहीं, अब बुधवार की शाम को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर शुरू हो गया है।

जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबल कुलगाम क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जिले के तंगमर्ग इलाके में गोलियों की आवाज सुनी गई। बता दें कि ये क्षेत्र प्रसिद्ध अबरबल झरने के पास स्थित है जो कि काफी मशहूर टूरिस्ट स्पॉट है।

ये क्षेत्र प्रदेश के पुंछ जिले की सीमा से सटा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। घटना के बारे में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

बुधवार को सर्च ऑपरेशन में लगी सेना ने उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 2 आतंकियों को मार गिराया है। ये आतंकी बारामुल्ला के उरी नाला में सरजीवन के जनरल क्षेत्र से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

हालांकि, सेना ने आतंकियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस दौरान सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी हुई जिसमें दो आतंकवादियों को मार गिराया गया। आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आंतकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर लोग पर्यटक थे और मिनी स्विटजरलैंड के नाम से मशहूर पहलगाम के बैसरन घाटी में पिकनिक मनाने के लिए आए थे।

अचानक से आतंकियों ने वहां आकर लोगों को गोलियों से भून डाला। आतंकियों ने हिंदू धर्म के लोगों की पहचान और उन्हें निशाना बनाकर बेरहमी से मौत के घाट उतारा।

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पहलगाम हमले को लेकर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक

शाह समेत कई मंत्री मौजूद

नईदिल्ली,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार में आला स्तर पर बैठकों के दौर जारी है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बेहद अहम बैठक जारी है।

इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
बता दें कि पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए हैं।

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में वायु सेना, थल सेना और नौसेना के प्रमुखों के साथ बैठक की। करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की समग्र स्थिति पर चर्चा और अगले कदम को लेकर बातचीत की गई। तीनों सेना प्रमुखों ने अपनी तैयारियों की जानकारी रक्षा मंत्री को दी।

बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष सीडीएस जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और रक्षा सचिव ने हिस्सा लिया।

हमले पर रक्षा मंत्री ने कहा, आतंकवादियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण हमले में देश ने निर्दोष नागरिकों को खोया है। हम सभी दुखी हैं। आतंकवाद के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है।

मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी। हम न केवल इस कृत्य के दोषियों तक पहुंचेंगे, बल्कि उन तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने पर्दे के पीछे के इस हमले की साजिश रची है। जिम्मेदारों को आने वाले समय में जोरदार और स्पष्ट जवाब मिलेगा।

हमले को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘पहलगाम में हुए हमले के बाद मैंने कल दोपहर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मैंने सभी प्रमुख राजनेताओं, जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों के सभी माननीय सांसदों और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता को निमंत्रण पत्र भेजे हैं।’

अब्दुल्ला ने इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया है, जिसके मुताबिक, ये बैठक दोपहर 3 बजे होगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की और पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।

बयान के मुताबिक, ‘उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और जम्मू-कश्मीर में हुए नृशंस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने जानमाल के नुकसान पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और दोहराया कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस संकट में भारत के लोगों के साथ खड़ा है।’

सीसीएस में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सभी फैसले लिए जाते हैं। यह समिति आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से संबंधित सभी मामलों पर फैसला लेने वाली सर्वोच्च संस्था होती है। इनमें सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और सायबर सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं।

इसकी बैठक में बैठक में प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और विदेश मंत्री शामिल होते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए), कैबिनेट सचिव और रक्षा सचिव समेत आला अधिकारी भी हिस्सा लेते हैं।

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पहलगाम मृतकों को श्रद्धांजलि देने अमित शाह रेड कॉर्पेट पर चलकर आए,विपक्ष की आपत्ति

श्रीनगर ,23 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की आतंकी हमले में मौत के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने मृतकों को श्रीनगर में श्रद्धांजलि दी, जिसका वीडियो सामने आने पर विपक्ष नाराजगी जता रहा है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शाह श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम के परिसर में रेड कॉर्पेट पर चलकर मृतकों को श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं।

इसी को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत अन्य विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं।

टीएमसी सांसद सागरिक घोष ने वीडियो एक्स पर साझा कर लिखा, नरेंद्र मोदी और अमित शाह शासन मॉडल की फोटो खिंचवाने की संस्कृति पहलगाम हमले में स्पष्ट रूप से उजागर हुई है।

त्रासदी के समय में रेड कार्पेट केवल यह दर्शाता है कि मोदी-शाह शासन कितना असंवेदनशील और बेशर्मी से अलग-थलग है। यह वीवीआईपी ऑप्टिमाइज़ेशन का नहीं बल्कि जवाबदेही का समय है।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग और आम आदमी पार्टी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजेश शर्मा ने भी निंदा की है।

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पहलगाम आतंकी हमले में क्या पाकिस्तान का हाथ?

डिजिटल फुटप्रिंट समेत ये सबूत दे रहे संकेत

श्रीनगर ,23 अपै्रल (आरएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है। घाटी में आतंक फैलाने में हमेशा से पाकिस्तान की भूमिका रही है और इस बार भी ऐसे संकेत मिले हैं कि पहलगाम हमले में भी पाकिस्तान का कहीं-न-कहीं हाथ है।

फोरेंसिक विशेषज्ञों, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों द्वारा की गई संयुक्त जांच में एक योजनाबद्ध, समन्वित और बाहरी समर्थन वाले हमले की ओर इशारा करते हुए अहम जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फोरेंसिक विश्लेषण और जिंदा बचे लोगों के बयानों से पता चलता है कि हमलावर सैन्य स्तर के हथियार इस्तेमाल कर रहे थे और उन्नत संचार उपकरणों से लैस थे।

ये संकेत देता है कि आतंकियों ने उच्च स्तर का प्रशिक्षण लिया था और पूरी योजना बनाई थी।
हमले की सटीकता को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि आतंकियों को बाहरी या स्लीपर सेल के जरिए मदद दी गई थी।

सूत्रों के हवाले से बताया कि हमलावरों और पाकिस्तान में बैठे आतंकी गुटों के बीच डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए सीधे संवाद की पुष्टि हुई है।
आतंकियों के डिजिटल फुटप्रिंट ने पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया है, जो मुजफ्फराबाद और कराची के सुरक्षित घरों तक पहुंच रहे हैं।

खुफिया एजेंसियों का दावा है कि आतंकी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव के साथ प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में थे।

एजेंसियों के अनुसार, आतंकवादी पूरी तैयारी के साथ आए थे। आतंकवादियों ने पीठ पर बैग टांग रखे थे, जिसमें सूखे मेवे, दवाइयां और संचार उपकरण थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकवादियों का समूह कुछ समय से जंगल में छिपा हुआ था और स्थानीय लोगों की मदद से पहलगाम की रेकी कर रहा था।

हमले में 3 से 4 आतंकवादी शामिल थे, जिनमें से 2 बाहरी और 2 स्थानीय थे। माना जा रहा है कि स्थानीय आतंकी बिजभेरा और त्राल के हैं।
पाकिस्तान ने कहा कि उसका घटना से कोई लेना-देना नहीं है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा पहलगाम हमले में पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है। दिल्ली में जो हुकूमत है, उसके खिलाफ बगावत हुई पड़ी है। ये घर में पनपा हुआ है।

भारत में नागालैंड से लेकर मणिपुर और कश्मीर में लोग सरकार के खिलाफ हैं। भारत सरकार लोगों के हक को मार रही है, इसके खिलाफ लोग खड़े हो चुके हैं।

एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, यह सिर्फ एक अलग-थलग आतंकी घटना नहीं थी। हमलावरों को सीमा पार से निर्देशित, सुसज्जित और समर्थित किया गया था। उनका उद्देश्य क्षेत्र को अस्थिर करना और शांति को पटरी से उतारना है।

वहीं, हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। इस संबंध में टीआरएफ का एक अपुष्ट बयान भी सामने आया है।

16 अप्रैल को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया था।

उन्होंने कहा था, हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है- कश्मीर हमारी गले की नस थी, यह हमारी गले की नस रहेगी, हम इसे नहीं भूलेंगे। हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके संघर्ष में नहीं छोड़ेंगे।

वहीं, 19 अप्रैल को रावलकोट में हुई रैली में लश्कर कमांडर अबू मूसा ने कहा था कि जिहाद जारी रहेगा, कश्मीर में फिर बंदूकें गरजेंगी और सिर कटते रहेंगे।

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गाडिय़ों के हॉर्न अब नहीं करेंगे दिमाग खराब

नितिन गडकरी ला रहे नया कानून

नई दिल्ली ,22 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सड़क पर ट्रैफिक के कर्कश हॉर्न से परेशान लोगों के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी वाहनों के हॉर्न की आवाज को बदलने के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रहे हैं। इस कानून के तहत गाडिय़ों के हॉर्न में भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि का इस्तेमाल किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में इस योजना का खुलासा करते हुए कहा कि उनका मानना है कि गाडिय़ों के हॉर्न की तेज और अप्रिय आवाज ध्वनि प्रदूषण बढ़ाती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। इसके बजाय, यदि हॉर्न में बांसुरी, तबला, वायलिन या हारमोनियम जैसे भारतीय वाद्ययंत्रों की आवाज का उपयोग किया जाए, तो यह सुनना सुखद होगा और शोर कम होगा।

गडकरी ने परिवहन क्षेत्र से होने वाले वायु प्रदूषण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण परिवहन के कारण होता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार मेथनॉल और इथेनॉल जैसे हरित ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने भारतीय वाहन उद्योग की प्रगति पर भी प्रकाश डाला।

गडकरी ने बताया कि 2014 में भारतीय वाहन क्षेत्र का कारोबार 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। भारत अब जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। इस सूची में अब केवल अमेरिका और चीन ही भारत से आगे हैं। भारत दोपहिया वाहनों और कारों का निर्यात कर महत्वपूर्ण राजस्व भी अर्जित कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री की यह पहल ध्वनि प्रदूषण को कम करने और सड़कों पर एक सुखद अनुभव बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बड़ा बयान – संसद ही सर्वोच्च है

इससे ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं

नई दिल्ली ,22 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की सुप्रीम कोर्ट पर विवादित टिप्पणी के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का बड़ा बयान सामने आया है।

उपराष्ट्रपति ने संविधान में निर्धारित भारतीय सरकार के ढांचे के भीतर न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र पर एक बार फिर सवाल उठाया है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद और सुप्रीम कोर्ट की शक्ति को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सबसे सर्वोच्च संसद ही है, उससे ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि संसद में जो सांसद चुनकर आते हैं वो आम जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। सांसद ही सबकुछ होते हैं, इनसे कोई ऊपर कोई नहीं होता।

जगदीप धनखड़ ने ये बातें मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर अपने पिछले हमलों की आलोचना पर भी पलटवार किया और कहा कि किसी संवैधानिक पदाधिकारी (खुद के बारे में) द्वारा बोला गया हर शब्द सर्वोच्च राष्ट्रीय हित से निर्देशित होता है।

उन्होंने कहा कि संविधान कैसा होगा और उसमें क्या संशोधन होने हैं, यह तय करने का पूरा अधिकार सांसदों को है। उनके ऊपर कोई भी नहीं है। उपराष्ट्रपति का यह बयान तब आया है जबकि सुप्रीम कोर्ट को लेकर की गई उनकी टिप्पणी का एक वर्ग आलोचन भी कर रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में संसद ही सुप्रीम है। संवैधानिक पद पर बैठा हर व्यक्ति का बयान राष्ट्र के हित में होता है। निर्वाचित प्रतिनिधि तय करते हैं कि संविधान कैसा होगा। उनके ऊपर कोई और अथॉरिटी नहीं हो सकती।

सुप्रीम कोर्ट पर सार्वजनिक रूप से किए गए अनुचित हमलों में संविधान की प्रस्तावना के बारे में दो अलग-अलग ऐतिहासिक फ़ैसलों में

विरोधाभासी बयानों के लिए आलोचना शामिल थी – 1967 का आईसी गोलकनाथ मामला और 1973 का केशवानंद भारती मामला। धनखड़ ने 1975 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान अदालत की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है। दूसरे मामले में एससी ने कहा कि यह संविधान का हिस्सा है। लेकिन संविधान के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। चुने हुए प्रतिनिधि ही संविधान के अंतिम स्वामी होंगे। उनसे ऊपर कोई अथॉरिटी नहीं हो सकता।

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वक्फ कानून पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की मुसलमानों से चर्चा

मुंबई ,22 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वक्फ कानून को लेकर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुंबई में मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान उन्हें वक्फ कानून के बारे में विस्तार से बताया कि कैसे यह कानून देश के गरीब मुसलमानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

मुंबई में आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, आज मुंबई में वक्फ सुधार जनजागरण अभियान के तहत आम जन से मुलाकात कर संबोधित किया।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को लेकर यहां उपस्थित लोगों का उत्साह अत्यंत सुखद है। यह अधिनियम न्याय, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करता है। मुस्लिम समुदाय के गरीब परिवारों और महिलाओं के विकास के लिए यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।

बातचीत के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस कानून पर खुशी जाहिर की और पीएम मोदी का आभार जताया।

हाजी पटेल ने कहा कि आज यहां पर एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ कानून के बारे में हम लोगों को विस्तार से बताया है। मैं समझता हूं कि केंद्र की मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वक्फ में संशोधन किया है।

इस कानून से वक्फ की जमीनों का लाभ गरीब मुसलमानों को मिलेगा। अब तक जो मुसलमान जमीन की कमी होने के कारण सड़कों पर रहने के लिए मजबूर थे। वह अब वक्फ की जमीन पर अपना घर बना सकेंगे। मैं एक बार फिर से पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का धन्यवाद करना चाहता हूं।

सलीम बागवान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ कानून के बारे में बताया। हम लोगों को पूरा भरोसा है कि यह कानून गरीब मुसलमानों के हित को देखते हुए लाया गया है। जो लोग इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वह अब तक सिर्फ मुसलमानों को अपना वोट बैंक समझते थे।

पीएम मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। वक्फ कानून से गरीब मुसलमानों को घर मिलेगा, कारोबार के लिए जगह मिलेगी। मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं।

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