सहकार सदस्यता अभियान से राज्य में मजबूत हुआ सहकारिता का नेटवर्क

जयपुर ,01 नवंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। राज्य में सहकारिता का नेटवर्क जमीनी स्तर तक मजबूत कर आमजन को अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित करने के निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अक्टूबर माह में आयोजित किया गया ‘सहकार सदस्यता अभियान’ राज्य में सहकार आंदोलन को नई ऊंचाइयां देने की दिशा में अहम कड़ी साबित हुआ है।

‘सहकार सदस्यता अभियान’ की अवधि पूर्व में 2 से 15 अक्टूबर तक निर्धारित की गई थी, जिसे आशाजनक परिणामों के फलस्वरूप बाद में 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। अभियान के अंतर्गत लगभग 8,500 पैक्स के स्तर पर शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस दौरान प्रमुख रूप से 5 प्रकार की गतिविधियां आयोजित कर उनमें आशानुरूप परिणाम प्राप्त किये गए। युवाओं एवं महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में सहकारिता से जोडऩा अभियान के अंतर्गत सबसे प्रमुख गतिविधि थी। इस दिशा में बेहतरीन कार्य करते हुए अभियान की अवधि में सहकारी समितियों के 8.90 लाख से अधिक नए सदस्य बनाए गए।

यह निर्धारित लक्ष्य 7.34 लाख की तुलना में लगभग 21.25 प्रतिशत अधिक है। अभियान के अंतर्गत जयपुर संभाग में 1.25 लाख नये सदस्य बनाये जाने का लक्ष्य था, जिसकी तुलना में 2.03 लाख सदस्य बनाये गए। उदयपुर संभाग में 1.01 लाख सदस्यों के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 1.30 लाख नये सदस्य बनाये गए।

अजमेर संभाग में 1.15 लाख सदस्यों के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 1.22 लाख नये सदस्य बनाये गए। जबकि, बीकानेर संभाग में 99 हजार के लक्ष्य की तुलना में 1.19 लाख सदस्य बनाये गए। इसी प्रकार, कोटा संभाग में 53 हजार के लक्ष्य की तुलना में लगभग 68 हजार एवं भरतपुर संभाग में 74 हजार के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 95 हजार नये सदस्य बनाये गए। जोधपुर संभाग में 1.53 लाख नये सदस्य बनाये गए।

अभियान अवधि के दौरान पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स गठन की कार्यवाही के तहत 1,706 ग्राम पंचायतों में सर्वे की कार्यवाही पूर्ण की गई। इस दौरान 1,296 पैक्स हेतु जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई। जबकि, 1275 पैक्स के गठन हेतु प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुए। इस दौरान भूमिविहीन या अपर्याप्त भूमि वाली 1,342 सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण हेतु भूमि का चिन्हीकरण किया गया तथा 1,215 सहकारी समितियों द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया गया।

‘सहकार सदस्यता अभियान’ के अंतर्गत पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लम्बित आवेदनों में से 38 हजार 850 कृषकों की आधार सीडिंग व 27 हजार 640 कृषकों की ई-केवाईसी का कार्य भी पूर्ण किया गया। साथ ही, इस दौरान 11 लाख से अधिक लोगों को प्रस्तावित नवीन सहकारी कानून के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान गई।

सहकार सदस्यता अभियान’ के अंतर्गत बड़ी संख्या में युवाओं एवं महिलाओं के सहकारी समितियों से जुडऩे से राज्य में जमीनी स्तर पर पर सहकारिता का नेटवर्क और अधिक मजबूत हुआ है, जिससे अधिक लोगों तक सुचारू रूप से जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी। पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नवीन पैक्स के गठन से जमीनी स्तर पर सहकारिता का व्यापक नेटवर्क होगा, जिसका किसानों व ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

भूमिविहीन समितियों को भूमि आवंटन हो जाने से इन समितियों में गोदाम के निर्माण की राह प्रशस्त होगी, जिससे राज्य की भण्डारण क्षमता में आशातीत वृद्धि होगी।

आधार सीडिंग और ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण होने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना सुचारू रूप से लाभ मिल पाएगा। जबकि, प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव कोड के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी आमजन के लिए उपयोगी साबित होगी। अभियान के बाद भी निरन्तर फॉलो अप करते हुए इन कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : डबल इंजन सरकार में राज्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है : पीएम मोदी

नवा रायपुर  ,01 नवंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव समारोह में भाग लिया। उन्होंने राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में छत्तीसगढ़ विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में शामिल होकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। जय जोहार।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्रदेश के विकास यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़ बना था, तब गांवों तक पहुंचना बेहद कठिन था। उस समय बहुत सारे गांवों में सड़कों का नामो-निशान तक नहीं था। आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का नेटवर्क 40 हजार किलोमीटर तक पहुंच चुका है। बीते 11 वर्षों में नेशनल हाइवे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।

आज छत्तीसगढ़ में वंदे भारत जैसी तेज गति की ट्रेनें दौड़ रही हैं। कभी छत्तीसगढ़ सिर्फ कच्चे माल के निर्यात के लिए जाना जाता था। आज यह एक इंडस्ट्रियल स्टेट के रूप में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नया विधानसभा भवन प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर उन्हें आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण करने का भी अवसर मिला है। इसके अलावा, इस मंच से लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा, इन विकास कार्यों के लिए मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं।

उन्होंने आगे कहा कि 25 साल का यह कालखंड पूरा हुआ है और आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। 25 वर्ष पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था। उन्होंने यह संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छुएगा। आज यह राज्य उसी दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के इस समारोह में शामिल होना उनके लिए गर्व का क्षण है। मैंने भाजपा कार्यकर्ता के रूप में राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है और इन 25 वर्षों की विकास यात्रा का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए अद्भुत अनुभूति है।

उन्होंने गरीब कल्याण योजनाओं पर कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा गरीब की दवाई, कमाई, पढ़ाई और सिंचाई पर फोकस किया है। 25 साल पहले हमारे छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज था, आज यहां 14 मेडिकल कॉलेज हैं और रायपुर में एम्स भी है। यह बदलाव छत्तीसगढ़ की प्रगति की तस्वीर पेश करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य हर गरीब को पक्का घर देना है। बीते 11 वर्षों में 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिए गए हैं और अब 3 करोड़ नए घर बनाने का संकल्प लिया गया है। आज के दिन भी छत्तीसगढ़ में साढ़े तीन लाख से अधिक परिवार अपने नए घर में गृह प्रवेश कर रहे हैं। यह दिखाता है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार गरीबों के कल्याण के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है।

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महिला विश्व कप – फाइनल में लगेगा बॉलीवुड का तड़का, सुनिधि चौहान देंगी प्रस्तुति

नई दिल्ली ,01 नवंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महिला विश्व कप 2025 का फाइनल मुकाबला रविवार को डीवाई पाटिल क्रिकेट स्टेडियम, नवी मुंबई में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबले में बॉलीवुड की मशहूर गायिका सुनिधि चौहान अपने हिट गानों पर प्रस्तुति देंगी। आईसीसी ने एक बयान में कहा, सुनिधि चौहान फाइनल में अपनी प्रस्तुति देंगी।

उनके साथ 60 नर्तकों का एक समूह होगा। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर संजय शेट्टी ने नृत्य निर्देशन का जिम्मा संभाला है। लेजर शो और ड्रोन प्रदर्शन भी किए जाएंगे। मैच से पहले सुनिधि चौहान भारतीय राष्ट्रगान गाएंगी, जबकि केप टाउन की टैरिन बैंक दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रगान प्रस्तुत करेंगी।

सुनिधि चौहान ने कहा कि महिला विश्व कप फाइनल में प्रस्तुति देना सम्मान की बात है, और मैं इस खास दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। फाइनल में भारत और उत्साही प्रशंसकों से भरे स्टैंड के साथ, मुझे यकीन है कि माहौल उत्साह से भरपूर होगा, और यह एक ऐसा दिन होगा जिसे हम सभी लंबे समय तक याद रखेंगे।

13 साल की उम्र में अपने गायन करियर की शुरुआत करने वाली सुनिधि चौहान भारत की सर्वाधिक सफल और लोकप्रिय गायिका हैं।
फाइनल की बात करें तो, भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई है।

भारतीय टीम ने जेमिमा रोड्रिग्स के नाबाद शतक की बदौलत रिकॉर्ड 339 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। टीम इंडिया पूर्व में 2005 और 2017 में फाइनल खेल चुकी है।

दोनों मौकों पर भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहली बार पहुंची है। इस बार महिला वनडे विश्व कप ऐसी टीम जीतेगी जिसने पूर्व में ट्रॉफी नहीं उठाई। आईसीसी ने शनिवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर दोनों कप्तानों और ट्रॉफी के साथ तस्वीर शेयर की।

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बिहार में सुशासन बनाम जंगलराज का चुनाव है : अमित शाह

गोपालगंज ,01 नवंबर(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के लिए जाने वाले थे, लेकिन खराब मौसम होने के कारण वे कहीं नहीं जा पाए। इस दौरान अमित शाह ने गोपालगंज और समस्तीपुर की चुनावी सभाओं को वर्चुअली संबोधित किया।

अमित शाह ने चुनावी रैली में आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव किसी एक प्रत्याशी की जीत-हार का चुनाव नहीं है, बल्कि इस चुनाव से यह तय करना है कि बिहार किसके हाथ में रहेगा। यह बिहार 15 सालों तक जंगलराज फैलाने वाले हाथों में रहेगा, या 20 साल तक सुशासन देने वाले एनडीए के हाथ में रहेगा।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव बिहार का भविष्य तय करने का चुनाव है। ये चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का चुनाव है। उन्होंने लोगों पर विश्वास जताते हुए कहा कि गोपालगंज वालों ने साल 2002 के बाद कभी भी यहां राजद को नहीं जिताया है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार भी ये रिकॉर्ड को आगे बढ़ाएंगे।

अमित शाह ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहार के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। एनडीए के पांचों दल पांडव की तरह एक साथ मिलकर इस चुनाव के मैदान में उतरे हैं, जबकि दूसरी ओर महाठगबंधन में इतनी लड़ाई है कि वे हमारे खिलाफ चुनाव लडऩे की जगह अंदर-अंदर ही एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।

उन्होंने एनडीए सरकार में कराए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मिथिला के सम्मान के लिए बहुत सारे काम किए हैं। भाजपा सरकार ने मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में डाला, मैथिली भाषा में संविधान का अनुवाद कराया, और मधुबनी पेंटिंग को जीआई टैग दिया। यही नहीं, शाश्वत मिथिला महोत्सव गुजरात में शुरू किया।

उन्होंने लोक गायिका शारदा सिन्हा को याद करते हुए कहा कि स्वर्गीय शारदा सिन्हा को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया और मखाना बोर्ड की स्थापना भी मोदी सरकार ने की है। केंद्रीय गृह मंत्री ने घुसपैठियों की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व राहुल गांधी बिहार आए थे, उन्होंने एक यात्रा निकाली थी, जो घुसपैठिया बचाव यात्रा थी।

उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि आप लोग ही बताइए कि क्या बिहार की मतदाता सूची में घुसपैठिए होने चाहिए? उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा और एनडीए का स्पष्ट मत है कि बिहार की मतदाता सूची से चुन-चुनकर घुसपैठियों को निकालना चाहिए।

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सीबीआई की बड़ी कार्रवाई : जापानी नागरिकों को ठगने वाले साइबर मास्टरमाइंड द्विबेंदु मोहराना गिरफ्तार

नई दिल्ली ,01 नवंबर(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध के एक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। जांच एजेंसी ने जापानी नागरिकों को निशाना बनाने वाले तकनीकी सहायता घोटाले के मुख्य आरोपी द्विबेंदु मोहराना को 30 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया।

मोहराना को भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर भारत लौटते समय पकड़ा गया। वह मई 2025 में नोएडा में अपने अवैध कॉल सेंटर के पर्दाफाश होने के तुरंत बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भाग गया था।

यह कार्रवाई ऑपरेशन चक्र-5 के तहत की गई, जिसमें सीबीआई ने जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम किया।

जांच में पता चला कि मोहराना नोएडा स्थित वीओआईपी कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। वहां से उसके गुर्गे जापानी नागरिकों को फोन कर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के तकनीकी सहायक बनकर धोखा देते थे।

पीडि़तों को कंप्यूटर में वायरस या सिस्टम फेलियर का झूठा डर दिखाकर डिजिटल वॉलेट या बैंक ट्रांसफर के जरिए पैसे ऐंठे जाते थे।

28 मई 2025 को दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 19 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इस दौरान छह गुर्गों को मौके से गिरफ्तार किया गया और कॉल सेंटर का पूरा सेटअप जब्त किया गया।

मोहराना उसी रात भुवनेश्वर से यूएई फरार हो गया था। सीबीआई ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था, जिसके आधार पर एयरपोर्ट पर उसे रोका गया।

गिरफ्तारी के बाद मोहराना को ट्रांजिट वारंट पर दिल्ली लाया गया। सीबीआई विशेष अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंड ट्रेल और विदेशी खातों की जानकारी हासिल की जा सके। इस मामले में सीबीआई ने अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

सभी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। जांच से सामने आया है कि यह सिंडिकेट परिष्कृत सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल करता था। जापानी भाषा में स्क्रिप्ट तैयार कर पीडि़तों को विश्वास में लिया जाता था।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, यह ऑपरेशन साइबर अपराध के खिलाफ हमारी वैश्विक साझेदारी का उदाहरण है। जापान पुलिस और माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी मदद से हमने इस नेटवर्क को लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना पर आयोजित कार्यशाला का किया शुभारंभ

कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री, द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया

“राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं राज्य खाद्य सुरक्षा योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा है

लाभुकों से अच्छे से व्यवहार करें सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें किसी भी स्थिति पर दुर्व्यवहार ना हो इसके लिए सभी विभागों को भी सख़्त निर्देश

हमेशा यह शिकायत आती हैं की राशन डीलर द्वारा कम अनाज दिया जाता है। अगर कोई राशन डीलर ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी

राशन डीलरों को नशा मुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई

उपायुक्त का राशन डीलरों को संदेश: टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, गाँवों में फैलाव रोकें

हर तबके लिए राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच

राज्य स्थापना दिवस भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के साथ मनाया जाता है, जो आदिवासी गौरव एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। इस वर्ष 25वीं स्थापना वर्षगांठ होने के कारण कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जाएगा:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

राँची,01.11.2025 – राँची जिलान्तर्गत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) एवं झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSY) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 01 नवम्बर 2025 को आर्यभट्ट सभागार, मोरहाबादी, राँची में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री, द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस दौरान विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी राँची, श्रीमती मोनी कुमारी एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी राँची, श्री राम गोपाल पांडे एवं सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्यशाला में जिले के सभी पणन पदाधिकारी, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक तथा जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानदारों ने भाग लिया। उद्देश्य था कि अंतिम छोर तक खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा लाभुकों को निर्धारित मात्रा में समय पर राशन उपलब्ध हो।

“राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं राज्य खाद्य सुरक्षा योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा है

उपायुक्त ने कहा कि “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं राज्य खाद्य सुरक्षा योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी एवं दुकानदार मिलकर यह सुनिश्चित करें कि एक भी पात्र लाभुक राशन से वंचित न रहे।”उन्होंने ई-पॉस मशीन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, गोदाम प्रबंधन एवं स्टॉक सत्यापन पर विशेष जोर दिया।

कार्यशाला में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं प्रशिक्षण दिया गया:

जैसे – राशन वितरण में पारदर्शिता, आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता तथा फर्जी कार्ड निरस्तीकरण,गोदाम प्रबंधन, स्टॉक रजिस्टर का डिजिटलाइजेशन, FIFO (First In First Out) पद्धति का पालन एवं नियमित भौतिक सत्यापन, दुकानदारों की जिम्मेदारी है, की निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न वितरण, प्रदर्शन बोर्ड अपडेट एवं मासिक रिटर्न दाखिल करना।

विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, राँची श्रीमती मोनी कुमारी ने तकनीकी सत्र में POS मशीन के उपयोग, ऑनलाइन स्टॉक अपडेशन एवं डोर-स्टेप डिलीवरी की बारीकियों पर प्रकाश डाला। जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राम गोपाल पांडे ने पिछले छह माह में हुई प्रगति एवं कमियों का विश्लेषण प्रस्तुत किया तथा आगामी लक्ष्यों पर बल दिया।

कार्यशाला के अंत में उपायुक्त ने सभी प्रतिभागियों से संकल्प दिलाया कि “खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का माध्यम है।”उन्होंने PDS दुकानदारों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पारदर्शी एवं नियमित वितरण से ही जनविश्वास अर्जित किया जा सकता है।

उपयुक्त ने इस आयोजन के लिए विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी राँची, को विशेष बधाई देते हुए कहा, की राँची जिला के दूरस्थ इलाकों से राशन डीलर आए हैं, इसके लिए उनका बहुत बहुत आभार, उन्होंने विशेष रूप से कहा की राज्य सरकार यह चाहती है कि जो भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र है, वहां कुपोषण ना रहे। कोई भूखा न रहे। इसके लिए आप सभी राशन डीलर का राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का स्तंभ बने जिसके माध्यम से हम सभी के सहयोग से राज्य पूरे देश में रांची को नंबर एक जिला बना पाएंगे। आपूर्ति विभाग ऐसा विभाग है जो हर परिवार से सीधा जुड़ा है बहुत सारा योजनाओं का क्रियान्वयन आपके द्वारा ही होता है। आप सबकी की सहभागिता काफ़ी अहम हैं।

ई- केवाईसी को निर्धारित समय में पूरा करें

उपायुक्त ने सभी राशन डीलर को निर्देश देते हुए कहा की ई- केवाईसी अब तक 80 प्रतिशत पूरा हो गया हैं। और बाकी बचें 20 प्रतिशत ई- केवाईसी को निर्धारित समय में पूरा करना हैं। इसलिए ई- केवाईसी काम जल्द से जल्द पूरा करें। बहुत लाभुक आपसे जुड़े हुए हैं इसीलिए आप लोगों को राज्य सरकार की चल रही योजनाओं की जानकारी दें। जिससे वह राज्य सरकार की चल रही योजनाओं का लाभ ले सके।

लाभुकों से अच्छे से व्यवहार करें सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें किसी भी स्थिति पर दुर्व्यवहार ना हो इसके लिए सभी विभागों को भी सख़्त निर्देश

उपयुक्त में सभी राशन डीलर को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आप लाभुकों से अच्छे से व्यवहार करें सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें किसी भी स्थिति पर दुर्व्यवहार ना हो इसके लिए सभी विभागों को भी सख़्त निर्देश पूर्व में भी दिए गए हैं।

हमेशा यह शिकायत आती हैं की राशन डीलर द्वारा कम अनाज दिया जाता है। अगर कोई राशन डीलर ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त ने राशन डीलर से कहा कि हमेशा यह शिकायत आती हैं की राशन डीलर द्वारा कम अनाज दिया जाता है। अगर कोई राशन डीलर ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सबसे अनुरोध करते हुए कहा कि इस योजना के लाभुकों को किसी भी स्थिति में कम अनाज ना दे।

राशन डीलरों को नशा मुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई

जिला प्रशासन द्वारा बैठक में उपायुक्त ने सभी राशन डीलरों को समाज में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने डीलरों से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा, “राशन डीलर समाज के उन महत्वपूर्ण सदस्यों में से हैं जो आम जनता के निकट संपर्क में रहते हैं। आपकी भूमिका केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को नशे की लत से मुक्त करने में भी आप अहम योगदान दे सकते हैं।”

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की खेती (जैसे अफीम, गांजा आदि) में संलिप्त है या इसकी जानकारी मिलती है, तो राशन डीलर तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन को दें। प्रशासन द्वारा ऐसे तत्वों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपायुक्त ने राशन डीलरों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, स्कूलों, पंचायतों और मोहल्लों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराएं।

जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि नशा उन्मूलन अभियान में सहयोग करने वाले डीलरों को प्रोत्साहन और सम्मान दिया जाएगा।

राशन डीलर राशन वितरण का दिन निर्धारित करें

जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सभी राशन डीलरों को स्पष्ट निर्देश जारी किया।

उपायुक्त ने कहा कि सभी राशन डीलर अपने-अपने क्षेत्र में राशन वितरण के लिए एक निर्धारित दिन निर्धारित करें, ताकि लाभुकों को पूर्व निर्धारित तिथि पर ही दुकान पर जाकर अपना राशन प्राप्त करने में सुविधा हो। इससे अनावश्यक भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक डीलर निर्धारित दिन की सूचना अपने क्षेत्र के लाभुकों तक नोटिस बोर्ड, पंचायत कार्यालय एवं स्थानीय माध्यमों के जरिए अग्रिम रूप से पहुंचाएं। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित दिन पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और किसी भी लाभुक को राशन से वंचित न होना पड़े।

उपायुक्त का राशन डीलरों को संदेश: टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, गाँवों में फैलाव रोकें

उपायुक्त ने सभी राशन डीलरों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में क्षय रोग (टीबी) एक गंभीर समस्या बनी हुई है। यह बीमारी अक्सर पीड़ित व्यक्ति को अपनी स्थिति की जानकारी नहीं होने के कारण अनजाने में फैलती रहती है।

उपायुक्त ने बताया कि कई मरीज सरकारी या योग्य चिकित्सकों के बजाय तथाकथित झोला-छाप डॉक्टरों के पास इलाज कराते हैं, जिससे न केवल बीमारी ठीक नहीं होती, बल्कि गलत दवाओं के सेवन से मरीज की जान को भी खतरा हो जाता है। उन्होंने राशन डीलरों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के लोगों को टीबी के लक्षणों (लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना आदि) के बारे में जागरूक करें और उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त जांच व इलाज कराने के लिए प्रोत्साहित करें।

उपायुक्त ने कहा, “राशन डीलर गाँव के हर घर तक पहुंचते हैं। आप लोगों की जिम्मेदारी है कि टीबी जैसी घातक बीमारी के प्रसार को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें। एक जागरूक नागरिक ही स्वस्थ समाज की नींव है।”

हर तबके लिए राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच

उपायुक्त ने इस कार्यशाला में कहा की झारखण्ड सरकार योग्य लाभुकों को मंईया सम्मान दे रही हैं। रांची जिले में इस योजना का विशेष प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां लगभग चार लाख योग्य लाभुक महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं। इन महिलाओं के बैंक खातों में नियमित रूप से राशि हस्तांतरित हो रही है, जिससे वे न केवल दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं, बल्कि छोटे-मोटे व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में भी स्वावलंबी बन रही हैं।

राज्य स्थापना दिवस को विशेष रूप से मनाने की अपील

उपायुक्त ने आगामी 15 नवंबर को मनाए जाने वाले राज्य स्थापना दिवस को विशेष रूप से भव्य एवं यादगार बनाने की अपील की है। उन्होंने सभी जिलावासियों, सरकारी अधिकारियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया है कि इस अवसर पर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आदिवासी परंपराओं एवं विकास यात्रा को उजागर करते हुए उत्साहपूर्वक भागीदारी सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने बताया कि राज्य स्थापना दिवस भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के साथ मनाया जाता है, जो आदिवासी गौरव एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। इस वर्ष 25वीं स्थापना वर्षगांठ होने के कारण कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जाएगा।

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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक राँची, श्री राकेश रंजन ने राज्यपाल श्री संतोष गंगवार को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं

राँची,01.11.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक राँची, श्री राकेश रंजन ने  01 नवम्बर, 2025 को राजभवन पहुँचकर माननीय राज्यपाल, झारखण्ड आदरणीय श्री संतोष गंगवार जी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने माननीय राज्यपाल को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु की कामना की।

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सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने अमित शाह को लिखा पत्र, दिल्ली का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की मांग

नई दिल्ली  01 Nov,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह नाम भारतीय सभ्यता की आत्मा, धर्म, नीति और लोककल्याण की भावना का प्रतीक है।

सांसद का कहना है कि दिल्ली कोई साधारण आधुनिक शहर नहीं, बल्कि महाभारत काल में पांडवों द्वारा बसाई गई उस महान नगरी की जीवंत परंपरा है, जिसे इतिहास ‘इंद्रप्रस्थ’ के नाम से जानता है। सांसद ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम ‘इंद्रप्रस्थ जंक्शन’ और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ‘इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट’ किया जाए।

साथ ही दिल्ली के किसी प्रमुख स्थान पर पांडवों की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, क्योंकि यही वह पावन भूमि है, जहां पांडवों ने अपनी राजधानी बनाई थी। इन प्रतिमाओं से नई पीढ़ी त्याग, साहस, न्याय और धर्मपरायणता जैसे मूल्यों से जुड़ेगी।

खंडेलवाल ने अपने पत्र की प्रति दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी भेजी है।

उनका कहना है कि महाभारत काल में पांडवों ने हस्तिनापुर से राजधानी स्थानांतरित कर यमुना तट पर ‘इंद्रप्रस्थ’ बसाई थी। वह नगरी अपने समय की सबसे समृद्ध, सुंदर और सुसंगठित नगरी थी। यहीं से धर्म और नीति पर आधारित शासन की नींव पड़ी।

सांसद ने अपने पत्र में कहा कि इतिहास गवाह है कि मौर्य और गुप्त काल में यह क्षेत्र व्यापार और संस्कृति का केंद्र रहा। राजपूत काल में तोमर राजाओं ने इसे ‘ढिल्लिका’ कहा, जिससे धीरे-धीरे ‘दिल्ली’ नाम बना। सल्तनत काल में कुतुबुद्दीन ऐबक से लेकर मुगल काल में शाहजहां तक ने कई शहर बसाए जैसे सिरी, तुगलकाबाद, फिरोजशाह कोटला और शाहजहानाबाद, लेकिन मूल केंद्र इंद्रप्रस्थ ही रहा।

ब्रिटिश काल में 1911 में लुटियन्स दिल्ली को नई राजधानी बनाया गया, पर उसका भूगोल आज भी वही है जहां कभी पांडवों की राजधानी थी।
सांसद ने कहा कि जब प्रयागराज, अयोध्या, उज्जैन और वाराणसी जैसे शहर अपनी प्राचीन पहचान लौटा रहे हैं, तो दिल्ली को भी ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम का सम्मान मिलना चाहिए। यह बदलाव सिर्फ ऐतिहासिक न्याय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में बड़ा कदम होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांस्कृतिक नवजागरण के विजन से यह पूरी तरह मेल खाता है। नाम बदलने से सांस्कृतिक आत्मगौरव बढ़ेगा।
‘इंद्रप्रस्थ’ नाम भारत की सभ्यता और धर्मनिष्ठ शासन की भावना को जीवंत करेगा। आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश मिलेगा कि राजधानी सिर्फ सत्ता का केंद्र नहीं, बल्कि धर्म, नीति और राष्ट्रधर्म का प्रतीक भी है।

उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर ‘इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट’ और ‘इंद्रप्रस्थ जंक्शन’ जैसे नाम भारत की प्राचीन विरासत को दुनिया के सामने लाएंगे। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे व्यापार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

खंडेलवाल ने जोर दिया कि दिल्ली महाभारत युग की उस महान नगरी की विरासत है. जहां धर्म और नीति की नींव रखी गई थी। अब समय आ गया है कि देश की राजधानी को उसका असली नाम और पहचान लौटाई जाए।

जब हर शहर अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रहा है, तो दिल्ली को ‘इंद्रप्रस्थ’ से पुकारे जाने का पूरा अधिकार है।

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छत्तीसगढ़: प्रधानमंत्री मोदी ने की बच्चों के साथ दिल की बात, दिखा अलग स्नेह

रायपुर  01 NOv, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। छत्तीसगढ़ दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान, उन्होंने ‘दिल की बात’ कार्यक्रम के तहत दिल की बीमारी से जूझने वाले और सफल इलाज करा चुके बच्चों से मुलाकात की।

कार्यक्रम में पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान श्री सत्य साईं बाबा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने हृदय रोग से स्वस्थ हुए बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किया और ‘दिल की बात’ कार्यक्रम के दौरान उनसे संवाद किया।

अब तक अस्पताल में 2500 बच्चों का सफल इलाज हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। पीएम मोदी भी प्रसन्न थे और बच्चों के साथ उनका एक अलग स्नेह नजर आया।

इसके कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारी के ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन किया, जो आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।

उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत विशेष है। आज हमारा छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर रहा है। छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड और उत्तराखंड के भी 25 वर्ष पूरे हुए हैं। आज देश के और भी कई राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। मैं इन सभी राज्यों के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास से देश का विकास के मंत्र पर चलते हुए हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं।

विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्था की बहुत बड़ी भूमिका है। मैं बीते कई दशकों से आप सबके साथ जुड़ा हुआ हूं। मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन के विस्तार को देखा है।

पीएम मोदी ने कहा, “मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह विस्तार लेते हुए देखा है। 2011 में अहमदाबाद में ‘फ्यूचर ऑफ पावर’ कार्यक्रम, 2012 में संस्था की स्थापना के 75 वर्ष, 2013 में प्रयागराज का कार्यक्रम, आबू जाना हो या गुजरात के कार्यक्रमों में जाना मेरे लिए रूटीन-सा हो गया था।”

उन्होंने कहा कि चाहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ हो या ‘स्वच्छ भारत’ अभियान, जब भी मैं आया हूं, मैंने यहां के प्रयासों को बड़ी ईमानदारी से देखा है।

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भारत ने महिलाओं के स्वास्थ्य में बनाए तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली 01 Nov, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को अपने ‘एक्स’ सोशल मीडिया हैंडल पर बड़ी खुशखबरी साझा की है। भारत ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए चलाए गए राष्ट्रव्यापी अभियान में तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किए हैं। यह उपलब्धि देश की महिलाओं और बच्चों की सेहत सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अभियान का नाम है- स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान। इसे पोषण माह के साथ जोड़कर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया गया। इसका मुख्य मकसद महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को बेहतर बनाना था। साथ ही बीमारियों की जल्दी पहचान करना, जरूरी इलाज उपलब्ध कराना और परिवारों को मजबूत बनाना था।

इस अभियान के तहत पूरे देश के सभी जिलों में 19.7 लाख से ज्यादा स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में 11 करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए। यहां महिलाओं की जांच, दवाइयां, पोषण सलाह और अन्य सेवाएं मुफ्त दी गईं। यह सब कुछ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस करते हुए किया गया, यानी बीमारी आने से पहले ही रोकथाम।

जेपी नड्डा ने कहा कि यह रिकॉर्ड महिलाओं के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह अभियान ‘सेवा और भारत प्रथम’ की भावना पर आधारित है। इससे एक स्वस्थ महिला, मजबूत परिवार और विकसित भारत का सपना साकार हो रहा है।

यह तीनों रिकॉर्ड गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से दिए गए हैं। ये उपलब्धियां न सिर्फ संख्या में बड़ी हैं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी कामयाब रही हैं। अभियान में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को कवर किया गया, ताकि हर महिला तक पहुंच बन सके।
सरकार का दावा है कि ऐसे कार्यक्रमों से एनीमिया, कुपोषण और मातृ मृत्यु दर जैसी समस्याएं कम होंगी। आगे भी ऐसे अभियान चलते रहेंगे।

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महाराष्ट्र के 12 जिलों में येलो अलर्ट, मुंबई-ठाणे में सतर्क रहें: आईएमडी

मुंबई 01 Nov,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट शनिवार सुबह सात बजे जारी किया गया। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आईएमडी के अनुसार, मौसम में नमी बढ़ने से हल्की बारिश हो सकती है। यह चेतावनी मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे, रायगढ़, नंदुरबार, धुले, जलगांव, पुणे, नासिक, सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों के लिए लागू है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अभी भी महाराष्ट्र पर पड़ रहा है, जिससे दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ नमी लाने वाली हवाएं सक्रिय हैं। हालांकि, बारिश हल्की रहेगी, लेकिन इससे सड़कों पर फिसलन और छोटे-मोटे जलभराव की आशंका है।

मुंबई में शनिवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम 30 डिग्री तक पहुंच सकता है। हवा की गति 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी दिशा से चलेगी। आईएमडी ने लोगों को बरसाती मौसम में सावधानियां बरतने का निर्देश दिया है।

इसमें बिजली के उपकरणों से दूर रहना, फिसलन भरी सड़कों पर वाहन धीरे चलाना, बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचना और पानी से भरे गड्ढों के पास न जाना शामिल है। अगर तेज हवा या बिजली चमकने लगे, तो तुरंत घर के अंदर शरण लें।

यह चेतावनी मौसम पूर्वानुमान के तहत जारी की गई है, जो हर तीन घंटे में अपडेट होती रहेगी। आईएमडी के मुंबई क्षेत्रीय केंद्र ने कहा कि अगले कुछ दिनों में मौसम में सुधार होगा, लेकिन नवंबर के पहले सप्ताह तक हल्की बारिश की घटनाएं बनी रह सकती हैं।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के लौटने के बाद भी ये असमय की वर्षा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। विशेष रूप से मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में, जहां जल निकासी की समस्या आम है, ऐसे पूर्वानुमान महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

आईएमडी ने किसानों, मछुआरों और यात्रियों को भी सलाह दी है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट चेक करें। वेबसाइट पर जाकर जिला-वार पूर्वानुमान देखा जा सकता है।

विभाग ने जोर दिया कि ऐसी चेतावनियां जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए हैं, इसलिए इन्हें हल्के में न लें। महाराष्ट्र सरकार ने भी संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट कर दिया है ताकि आवश्यक इंतजाम किए जा सकें।

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जेएंडके को छोड़कर भारत में 2013 के बाद नहीं हुआ कोई बड़ा आतंकी हमला’…., देश की सुरक्षा स्थिति पर गरजे NSA

नई दिल्ली 01 Nov, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सरदार पटेल स्मारक व्याख्यान में देश की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2013 के बाद से जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के किसी भी हिस्से में आतंकी हमला नहीं हुआ है।

अजीत डोभाल ने कहा कि तथ्य स्पष्ट हैं और इन पर कोई विवाद नहीं हो सकता। भारत ने आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2005 को देश में एक बड़ी आतंकी घटना हुई थी और उसके बाद 2013 में आखिरी बार देश के अंदरूनी क्षेत्रों में आतंकवादी हमला हुआ था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरा देश आतंकवादी हमलों से सुरक्षित रहा है।

एनएसए ने बताया कि भले ही दुश्मन ताकतें सक्रिय रहीं, लेकिन भारत की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता के कारण देश के भीतरी हिस्सों में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2014 के बाद से वामपंथी उग्रवाद में भारी कमी आई है।

डोभाल ने कहा, 2014 की तुलना में वामपंथी उग्रवाद अब 11 प्रतिशत से भी कम क्षेत्रों में सिमट गया है। जिन जिलों को पहले उग्रवाद प्रभावित घोषित किया गया था, उनमें से अधिकांश को अब सुरक्षित घोषित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत अब राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों का प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम हो गया है। “सिर्फ यह कहना पर्याप्त नहीं है कि हमने सुरक्षा उपाय किए हैं, बल्कि यह भी जरूरी है कि हर भारतीय खुद को आंतरिक और बाहरी दोनों ही खतरों से सुरक्षित महसूस करे,” डोभाल ने कहा।

एनएसए ने समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान और महिलाओं की सुरक्षा पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, “वंचित, कमजोर और हाशिए पर पड़े लोगों की देखभाल और उन्हें सशक्त बनाना आवश्यक है। आधुनिक शासन में महिलाओं को सुरक्षा, समानता और सशक्तिकरण की भावना देना सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।”

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पर्यावरण संरक्षण की ओर बड़ा कदम, इस राज्य में प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला

बेंगलुरू  01 Nov, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य भर के सभी सरकारी कार्यालयों और मीटिंग्स में प्लास्टिक पानी की बोतलों के उपयोग पर सख्त रोक लगाने का आदेश दिया है। अब सभी सरकारी कार्यक्रमों और दफ्तरों में पीने के लिए केवल पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

 मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले भी ऐसे निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब इस नियम को कड़ाई से लागू किया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों को कहा गया है कि वे अपने-अपने विभागों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तुरंत जारी करें।

साथ ही, सिद्धारमैया ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकारी बैठकों, कार्यक्रमों और सचिवालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों में राज्य की सार्वजनिक संस्था कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के ‘नंदिनी’ ब्रांड के डेयरी और खाद्य उत्पादों के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। अब इन आयोजनों में चाय, कॉफी, दूध और अन्य डेयरी उत्पाद केवल ‘नंदिनी’ से ही उपलब्ध होंगे।

सरकार का कहना है कि इन कदमों से न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि राज्य के स्थानीय डेयरी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। सभी विभागों को आदेश का सख्ती से पालन करने और प्रत्येक बैठक एवं कार्यक्रम में इस नियम को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिद्धारमैया ने कहा, “राज्य भर के सभी सरकारी कार्यालयों और आधिकारिक बैठकों में पीने के पानी के लिए प्लास्टिक की बोतलों की बजाय पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों का उपयोग किया जाना चाहिए।

इस निर्देश को कड़ाई से लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।” इसके अलावा उन्होंने सभी विभागों को सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में “सरकारी स्वामित्व वाले कर्नाटक दुग्ध संघ (KMF) के नंदिनी उत्पादों का अनिवार्य उपयोग” करने का निर्देश भी दिया।

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भारत के इस राज्य में गरीबी हुई खत्म, CM ने खुद विधानसभा में किया ऐलान

नई दिल्ली 01 Nov, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को राज्य विधानसभा में घोषणा की कि केरल ने चरम गरीबी को समाप्त कर दिया है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार का दावा है कि ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य है।

मुख्यमंत्री ने यह ऐलान राज्य गठन दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में किया।

2021 में शुरू की गई चरम गरीबी उन्मूलन परियोजना के तहत राज्य सरकार ने 64,006 परिवारों को अत्यंत गरीब के रूप में चिन्हित किया था। इन परिवारों को चार वर्ष तक चलने वाली इस योजना के अंतर्गत आवास, भोजन, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सहायता दी गई।

स्थानीय स्वशासन मंत्री एम. बी. राजेश ने बताया कि नीति आयोग के अध्ययन में पहले ही यह पाया गया था कि केरल की गरीबी दर देश में सबसे कम 0.7% है। उन्होंने कहा, “हमने सर्वेक्षणों के जरिए 64,006 परिवारों के 1,03,099 व्यक्तियों को चरम गरीबी में पाया और उन्हें योजनाओं से जोड़ा।”

विपक्षी कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सरकार के दावे को पूर्ण धोखाधड़ी बताते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान संसदीय नियमों का उल्लंघन है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “यूडीएफ जब धोखाधड़ी कहता है, तो वह अपने आचरण की बात कर रहा है। हमने वही किया है जो हमने कहा था।”

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वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में मची भीषण भगदड़, 9 श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत; मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

श्रीकाकुलम 01 Nov, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। काशी बुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में कार्तिक मास की एकादशी के पावन अवसर पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, इसी दौरान मची भगदड़ में कम से कम 9 श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास अचानक भीड़ का दबाव बेतहाशा बढ़ गया। एकादशी होने के कारण सुबह से ही मंदिर में हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।

अचानक हुई धक्का-मुक्की से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान कई लोग नीचे गिर पड़े और भीड़ उन्हें कुचलती हुई आगे निकल गई।

चश्मदीदों का कहना है कि सुबह से ही मंदिर में भीड़ काफी बढ़ गई थी और श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण हालात बेकाबू हो गए।

जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

जिला प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और हालात पर काबू पाने के लिए मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भीड़ नियंत्रण में चूक कहां हुई।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।

मैंने अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए हैं और स्थानीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा है।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री नारा लोकेश ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “एकादशी के दिन यह एक बड़ी त्रासदी हुई। हमारी सरकार घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार प्रदान कर रही है।

सूचना मिलते ही मैंने अधिकारियों, जिला मंत्री अत्चन्नायडू और स्थानीय विधायक गौथु सिरीशा से बात कर पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के आदेश दिए हैं।”

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