जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में देंगे जवाब – सीएम योगी आदित्यनाथ

लखीमपुर खीरी ,26 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले की निंदा करते हुए यूपी वासियों की ओर से संवेदना और श्रद्धांजलि व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में आतंकवाद-अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। भारत सरकार का सेवा, सुरक्षा और सुशासन का मॉडल विकास, गरीब कल्याण और सबकी सुरक्षा पर आधारित है। सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जिस भाषा में समझेगा, उस भाषा में जवाब देने के लिए नया भारत तैयार है। नया भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन छेडऩे वाले को पीएम मोदी के नेतृत्व में छोड़ेगा भी नहीं। जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत ही यूपी को माफिया, अराजकता, दंगा मुक्त किया गया और देश को अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में लाकर खड़ा किया।

सीएम योगी ने सपा को घेरते हुए कहा कि विकास, महिला, युवा, किसान विरोधी लोगों को जब शासन का अवसर मिला था तो ये लोग किसानों को आत्महत्या, युवाओं को पलायन पर मजबूर करते थे और पेशेवर अपराधियों को संरक्षण देकर बेटी, बहन व व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाते थे। आज शासन सबकी सुरक्षा के लिए मजबूती से कार्य कर रहा है। कांग्रेस व सपा जाति के नाम पर समाज को बांट रही है। यह छत्रपति शिवाजी, राणा सांगा का अपमान व क्रूर औरंगजेब-बाबर का महिमामंडन करते हैं।

लखीमपुर खीरी में शनिवार को मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण, अनुदान, आवास और ट्रैक्टर की चाबी आदि प्रदान की। बाढ़ नियंत्रण की सकारात्मक पहल के लिए बिजवा और पलिया ब्लॉक के किसानों ने मंच पर आकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रदेश बताते हुए कहा कि बाढ़ हो या बीमारी, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश इसके समाधान के लिए बखूबी आगे बढ़ा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पलिया और निघासन क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से जूझते देखा था, तब मैंने कहा था कि चिंता मत कीजिए, इसके स्थायी समाधान का रास्ता निकालेंगे। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल शक्ति विभाग बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए शारदा नदी को चैनलाइज करने जा रहा है। इससे किसान का खेत भी बचेगा और बाढ़ से बस्ती भी बचेगी। सात किलोमीटर लंबा चैनल बनाने का कार्य हो रहा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में आना था, लेकिन मैंने कहा कि पहले काम शुरू करो। अब यह कार्य तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार जो पैसा खर्च करती है, वह मुख्यमंत्री-मंत्री का नहीं, बल्कि यह जनता के टैक्स का पैसा है। इसका सदुपयोग होना चाहिए। पहले प्रस्ताव आया था कि 180 करोड़ से तटबंध बनाया जाए। इससे किसानों की जमीन भी जाती। मैंने पूछा कि शारदा नदी में तीन-सवा तीन लाख क्यूसेक पानी आएगा तो मिट्टी का तटबंध कैसे इसे रोक पाएगा। यह समस्या का समाधान नहीं है, नदी को चैनलाइज कीजिए, ड्रेजर मंगाइए और नदी को एक साथ चलने का रास्ता दीजिए, तब बाढ़ की समस्या का समाधान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि 180 करोड़ का काम मात्र 22 करोड़ में हो सकता है तो इस कार्य को 10 जून तक पूरा कर दीजिए। मानसून आएगा तो पानी पलिया, निघासन या लखीमपुर खीरी की तरफ नहीं जाएगा, बल्कि सरयू जी में मिलकर आगे बढ़ जाएगा। यदि इसे चैनलाइज कर देंगे तो पानी बिखरेगा नहीं, अपने रास्ते तय करते हुए आगे बढ़ जाएगा, जिससे किसान भी सुरक्षित रहेगा और उसकी खेती, घर, फसल, पशुधन भी सुरक्षित रहेगा। बाढ़ से जन-धन की हानि नहीं होगी।

लखीमपुर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। अब यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी हो गया, जबकि कुछ वर्ष पहले यह सपना था। दुधवा नेशनल पार्क के माध्यम से पर्यटन की संभावना भी बढ़ेगी। लखीमपुर खीरी में एयरपोर्ट हो, इसके लिए पैसा भी दिया है। एयरपोर्ट सुहेली नदी और अन्य जल प्लावन से बचे, इसका भी निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान, युवा व आधी आबादी डबल इंजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। सरकार ने किसानों की कर्ज माफी से कार्यों की शुरुआत की थी। हर किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जा रही है। हमने पहले दिन से ही कहा था कि किसी को भी किसानों के शोषण की इजाजत नहीं देंगे।

2017 के पहले किसानों का 10-10 वर्षों का गन्ना मूल्य बकाया रहता था, आज एक वर्ष पुराना भुगतान किसी का नहीं होगा। 122 में से 105 चीनी मिलें एक सप्ताह के अंदर भुगतान कर रही हैं। शेष 17 मिलों में लेटलतीफी का समाधान निकाल रहे हैं। पैसा किसी का डूबेगा नहीं, क्योंकि चीनी मिल का कब्जा सरकार के पास है।

अभी हमने एस्क्रो अकाउंट खोला है, यह ज्वाइंट अकाउंट होगा। जो भी चीनी बिकेगी, उसका पैसा पहले किसान के पास जाएगा, फिर चीनी मिल मालिक के पास। यदि किसी ने इसके बाद भी बदमाशी की तो चीनी मिल की नीलामी करके पहले किसानों को पैसा देंगे।

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आर्मी मूवमेंट की कवरेज न करें मीडिया संस्थानः केंद्र सरकार

नई दिल्ली 26 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – Media organizations should not cover army movement: Central Government…  पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पाकिस्तान को पता है कि भारत इस कायराना हरकत का जवाब अवश्य देगा इसलिए वे पाक पीएम ने कहा कि हम पहलगाम हमले की जांच में सहयोग को तैयार हैं। वहीं केंद्र सरकार ने शनिवार को देश के मीडिया चैनलों से रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का सीधा प्रसारण करने से बचने की सलाह दी है और कहा कि इस तरह की रिपोर्टिंग से जाने-अनजाने में दुश्मनों को मदद मिल सकती है। इस निर्देश से स्पष्ट है कि कुछ बड़ा होने वाला है।

Media organizations should not cover army movement: Central Government…  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से जारी सलाह में कहा गया है, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा-संबंधी अभियानों से संबंधित मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी का प्रयोग करें और मौजूदा कानूनों और विनियमों का सख्ती से पालन करें।’ वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जांच की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर पाकिस्तान की फौज ने लगातार दूसरे दिन LoC पर गोली बारी की।

Media organizations should not cover army movement: Central Government…  भारतीय फौज ने इसका जवाब दिया। नुकसान की खबर नहीं हैं। ” सलाह में यह भी कहा गया है कि संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों की सहायता कर सकता है और परिचालन पर प्रभाव और कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। सलाह में कारगिल युद्ध, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों और कंधार अपहरण जैसी पिछली घटनाओं का हवाला दिया गया, जब कवरेज ने राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले थे।

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लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारतीय प्रवासियों का विरोध प्रदर्शन

पहलगाम आतंकी हमले पर जताया आक्रोश

नई दिल्ली , 26 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए भीषण आतंकी हमले के विरोध में यूनाइटेड किंगडम में रह रहे भारतीय समुदाय के सैकड़ों लोगों ने लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या ने प्रवासी भारतीयों के दिलों को झकझोर दिया और पूरे समुदाय में गहरा आक्रोश फैला दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व यूथ ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी  यूके के अध्यक्ष एवं किंग्स कॉलेज लंदन के छात्र तेजस्व भारद्वाज ने किया।

प्रदर्शन में लगभग 500 लोगों ने भाग लिया, जिन्होंने हाथों में तिरंगा थामे “भारत माता की जय” और “पाकिस्तान मुर्दाबाद” जैसे नारों के साथ पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने और आतंकवाद को राज्य प्रायोजित संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से अपमानजनक और भड़काऊ व्यवहार की घटनाएं भी सामने आईं।

तेजस्व भारद्वाज ने कहा कि “हम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे थे, लेकिन उच्चायोग के भीतर से कुछ अधिकारियों ने नाचते हुए कैप्टन अभिनंदन के पोस्टर और चाय के कप लहराए। एक अधिकारी ने तो गला रेतने जैसा इशारा तक किया। यह शर्मनाक, उकसाने वाला और पूर्णतः अस्वीकार्य है।

हम भारत सरकार, ब्रिटिश प्रशासन और मेट्रोपॉलिटन पुलिस से इस पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं। प्रदर्शन के अंत में हमले में जान गंवाने वाले निर्दोषों को श्रद्धांजलि स्वरूप मोमबत्तियां जलाई गईं और एक मिनट का मौन रखा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान उच्चायोग परिसर के भीतर जोर-जोर से संगीत बजाया गया और उकसाने वाले इशारे किए गए, जिसे भारतीय समुदाय ने अत्यंत असंवेदनशील और अमानवीय बताया। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को समर्थन दोहराते हुए कहा कि वे भले ही विदेश में हों, लेकिन भारत के साथ उनका जुड़ाव और निष्ठा अटूट है।

अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा, “यह केवल एक हमला नहीं था, यह पूरे परिवारों का उजड़ जाना है। हम दुख प्रकट करने आए थे, लेकिन जवाब में हमें उपहास का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि आतंकवाद किस सोच से पोषित होता है। हम कहीं भी रहें, भारत हमारे दिल में है। आतंक का हर शिकार हमारे अपने हैं।”

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गुजरात में अवैध प्रवासियों पर बड़ी कार्रवाई

अहमदाबाद और सूरत में 500 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए

सूरत/अहमदाबाद 26 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : केंद्र सरकार के निर्देश पर गुजरात में अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है। अहमदाबाद और सूरत में पुलिस ने 500 से अधिक संदिग्ध प्रवासियों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से अधिकतर बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिनके पास फर्जी भारतीय दस्तावेज भी मिले हैं।

 अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजियन ने बताया कि एसओजी, ईओडब्ल्यू, जोन 6 और हेडक्वार्टर टीमों के साथ मिलकर पूरे शहर में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान 400 से अधिक संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। क्राइम ब्रांच के जेसीपी शरद सिंघल ने बताया, “गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी और डीजीपी के निर्देश पर चंडोला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। अब तक 457 अवैध प्रवासियों को पकड़ा जा चुका है। सभी से पूछताछ की जा रही है और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।”

सूरत पुलिस की एसओजी और क्राइम ब्रांच टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर 100 से अधिक अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन सभी से पूछताछ जारी है और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए प्रवासियों में से कई के पास फर्जी भारतीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्हें दस्तावेज बनवाने में किनकी मदद मिली।

पुलिस ने बताया कि इससे पहले दर्ज दो एफआईआर के तहत 127 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 70 को पहले ही डिपोर्ट किया जा चुका है। शेष के खिलाफ भी डिपोर्टेशन की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी अवैध प्रवासियों की पहचान और दस्तावेजी जांच पूरी कर जल्द से जल्द उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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PM मोदी ने 51 हजार से अधिक युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

बोले- आपके हाथों में देश का भविष्य

नई दिल्ली 26 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘रोजगार मेला’ के तहत 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए युवा शक्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत का युवा आज अपने परिश्रम और इनोवेशन से दुनिया को ये दिखा रहा है कि हममें कितना सामर्थ्य है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 51 हजार से अधिक युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी के पत्र दिए गए हैं। आज भारत सरकार के अलग-अलग विभागों में युवाओं के नए दायित्वों की शुरुआत हुई है। आपका दायित्व देश के आर्थिक तंत्र को मजबूत करना है, आपका दायित्व देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है, आपका दायित्व देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का है, आपका दायित्व श्रमिकों के जीवन में मूलभूत बदलाव लाने का है।

उन्होंने कहा कि जब युवा राष्ट्र के निर्माण में भागीदार होते हैं, तो राष्ट्र तेज विकास भी करता है और विश्व में अपनी पहचान भी बनाता है। भारत का युवा आज अपने परिश्रम और इनोवेशन से दुनिया को यह दिखा रहा है कि हममें कितना सामर्थ्य है। हमारी सरकार हर कदम पर यह सुनिश्चित कर रही है कि देश के युवाओं के लिए रोजगार-स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। आज का यह समय भारत के युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है। आईएमएफ ने हाल ही में कहा है कि भारत, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग मिशन की घोषणा की है। इसका उद्देश्य है- ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना और भारत के युवाओं को ग्लोबल स्टैंडर्ड वाले प्रोडक्ट बनाने का मौका देना। इससे न केवल देश की लाखों एमएसएमई को, हमारे लघु उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे देश में रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि देश में युवाओं के लिए नए-नए अवसर बन रहे हैं। कुछ ही दिन बाद विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन के केंद्र में भी देश के युवा हैं। देश के यंग क्रिएटर्स को पहली बार इस तरह का मंच मिल रहा है।

अपने संबोधन में देश की बेटियों की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज जो कीर्तिमान गढ़ रहा है उसमें हर वर्ग की भागीदारी बढ़ रही है और हमारी बेटियां दो कदम आगे ही चल रही हैं। हमारी नारीशक्ति ब्यूरोक्रेसी से लेकर स्पेस और साइंस के क्षेत्र में नई बुलंदियों को छू रही है। सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी है। भारत की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। यूपीएससी के नतीजों में दो महिलाओं ने शीर्ष दो स्थान प्राप्त किए हैं, जबकि तीन महिलाएं शीर्ष पांच में हैं। नौकरशाही, अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में नारी शक्ति नई ऊंचाइयों को छू रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं पर विशेष ध्यान दे रही है, बैंक सखी, कृषि सखी और स्वयं सहायता समूह जैसी पहलों के जरिए नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। आज भारत में 90 लाख से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे 10 करोड़ से ज्यादा महिला सदस्य जुड़ी हैं। उनकी क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने उनके बजट को पांच गुना बढ़ा दिया है और बिना किसी गारंटी के 20 लाख रुपये तक का लोन मुहैया कराया है।

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कुमार मंगलम बिड़ला को मिला लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार…..!

26.04.2025 – महान संगीत गुरु दीनानाथ मंगेशकर के 83वें स्मृति दिवस के अवसर पर पिछले दिनों विले पार्ले (ईस्ट), मुंबई स्थित दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह में मास्टर दीनानाथ मंगेशकर स्मृति प्रतिष्ठान और हृदयेश आर्ट्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित भव्य समारोह में आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा महान गायिका आशा भोंसले जी, मीना खडीकर मंगेशकर, आशीष शेलार, भारती मंगेशकर, राजश्री बिरला, आदिनाथ मंगेशकर, स्पृहा जोशी, रूपकुमार राठौड़, सुनाली राठौड़ और अविनाश प्रभावलकर की उपस्थिति में कुमार मंगलम बिड़ला को लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

 एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर, सुनील शेट्टी, सचिन पिलगांवकर, सोनाली कुलकर्णी और डॉ. एन. राजम के साथ अन्य को दीनानाथ मंगेशकर अवार्ड से सम्मानित किया गया। पंडित हृदयनाथ मंगेशकर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा “हर साल, हम उन व्यक्तियों को सम्मानित करते हैं जो समर्पण, उत्कृष्टता और सेवा की भावना को अपनाते हैं, जो मास्टर दीनानाथजी के जीवन में थी।

यह उत्सव न केवल अतीत के लिए एक श्रद्धांजलि है, बल्कि नवोदित प्रतिभाओं के वर्तमान और भविष्य के लिए एक जलती मशाल है।”

विदित हो कि मंगेशकर परिवार द्वारा 35 वर्षों से अधिक समय से संपोषित सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट ‘मास्टर दीनानाथ मंगेशकर स्मृति प्रतिष्ठान’ द्वारा 2022 में भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर की स्मृति में ‘लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार’ की शुरुआत की गई थी। यह पुरस्कार पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आशा भोसले और अमिताभ बच्चन को प्रदान किया जा चुका है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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पहलगाम हमले के शहीदों को प्रेस क्लब में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी

नमन श्रद्धांजलि

राँची प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य रहे मनमोहन सिंह जी को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी

25.04.2025 – पहलगाम हमले के शहीदों को राँची प्रेस क्लब  में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। इस मौके पर पाक समर्थित आतंकवाद का पुतला भी पत्रकारों ने फूंका। शोक की इस घड़ी में सभी पहलगाम के शहीदों और प्रेस क्लब के सदस्य रहे दिवंगत पत्रकार साथी मनमोहन सिंह जी के लिए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गयी।

इस दौरान अपने वक्तव्य में प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र सोरेन ने कहा कि यह नरसंहार भारत की गरिमा पर प्रहार है, देश के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे, भारत सरकार से आग्रह है कि आतंकवाद को रोकने के लिए वह सख्त कदम उठाए ताकि पुलवामा, पहलगाम के बाद कोई और दूसरी घटना आतंकी न देश मे दोहराई जा सके।

वहीं अध्यक्ष ने दिवंगत पत्रकार साथी को याद कहा कि मनोमहन सिंह जैसे व्यक्ति का निधन पत्रकार बिरादरी के किये अपूरणीय क्षति है, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। ततपश्चात सभी पत्रकार साथियों ने प्रेस क्लब के बाहर पाकिस्तान का पुतला फूंका और पाकिस्तान और आतंकवाद विरोधी नारे लगाए।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र लाल सोरेन, सचिव अमरकांत, संयुक्त सचिव, रतनलाल , कोषाध्यक्ष कुबेर सिंह, कार्यसमिति सदस्य आलोक सिन्हा , राजू प्रसाद, विजय मिश्रा , चन्दन भट्टाचार्य, मोनू कुमार, सौरभ कुमार शुक्ला, सन्दीप मिश्रा, सौरव कुमार, चन्दन वर्मा, कमलेश मिश्रा, विजय गोप, परवाज़ खान, नीतीश कुमार, जेमिनी सरकार सहित दर्जनों पत्रकार साथी मौजूद थे। सभी ने समवेत पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ बुलंद किया और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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वक्फ संशोधन मामला – केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब

बताया कानून में बदलाव क्यों जरूरी

नई दिल्ली ,25 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वक्फ संशोधन कानून को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना विस्तृत जवाब दाखिल कर दिया। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि वक्फ कानून में बदलाव क्यों जरूरी था।

सरकार ने बताया कि 1923 से वक्फ बाय यूजर प्रावधान के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी होने के बावजूद इसका दुरुपयोग कर निजी और सरकारी संपत्तियों को वक्फ घोषित किया जाता रहा, जिसे रोकना जरूरी था।

केंद्र सरकार ने कहा कि वक्फ बाय यूजर की व्यवस्था खत्म होने से मुस्लिम समुदाय का वक्फ करने का अधिकार नहीं छीना गया है, बल्कि कानून के दुरुपयोग पर लगाम लगाई गई है।

सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता अदालत को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) को 5 सितंबर 2024 को दी गई जानकारी के अनुसार, 5,975 सरकारी संपत्तियों को वक्फ घोषित किया जा चुका था।

सरकार का कहना है कि पुराने कानून के तहत वक्फ बाय यूजर एक सुरक्षित स्वर्ग बन गया था, जहां से सरकारी और निजी संपत्तियों को हथियाया जा सकता था।

सरकार ने अदालत से कहा कि यह सेटेड लीगल पोजिशन है कि कोर्ट को संसद द्वारा बनाए गए कानूनों पर बिना विस्तृत सुनवाई के रोक नहीं लगानी चाहिए।

सरकार के अनुसार, 2016 से अब तक वक्फ संपत्ति में 116 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्र ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड एक मुस्लिम धार्मिक संस्था नहीं है। इसमें किया गया संशोधन संविधान के अनुरूप है। इसमें मौलिक अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

सरकार ने यह भी बताया कि वक्फ काउंसिल और वक्फ बोर्ड में 22 सदस्यों में से अधिकतम दो गैर-मुस्लिम हो सकते हैं, जो समावेशी प्रतिनिधित्व का संकेत है।

सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा कि पिछले 100 वर्षों से वक्फ बाय यूजर मौखिक नहीं, बल्कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत ही होता रहा है। अदालत अब इस मामले की पूरी सुनवाई के बाद निर्णय लेगी।

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भाई को भाई से लड़ाने की साजिश, आतंकियों की नापाक कोशिश करें विफल : राहुल गांधी

श्रीनगर ,25 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इसके साथ ही राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले में घायल और पीडि़तों से भी मुलाकात की।

उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कहा कि जो कुछ हुआ है, उसके पीछे समाज को विभाजित करने का विचार है, भाई को भाई से लड़ाने की साजिश है। ऐसे में यह जरूरी है कि हर भारतीय एकजुट होकर आतंकवादियों की नापाक कोशिश को विफल करे।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि यह एक भयानक त्रासदी है। मैं यहां के हालात जानने और मदद करने आया हूं। जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों ने इस भयानक हमले की निंदा की है और वे राष्ट्र के साथ हैं।

मैं घायल हुए लोगों में से एक से मिला हूं। मेरा प्यार और स्नेह उन सभी लोगों के साथ है, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। एक दिन पहले गुरुवार को हमने सरकार के साथ बैठक की और पूरे विपक्ष ने इस हमले की निंदा की।

उन्होंने आगे बताया कि इसके साथ ही हमने सरकार द्वारा की जाने वाली किसी भी कार्रवाई को पूरा समर्थन दिया है। जो कुछ हुआ है, उसके पीछे समाज को विभाजित करने का विचार है, भाई को भाई से लड़ाने की साजिश है। ऐसे में यह जरूरी है कि हर भारतीय एकजुट होकर आतंकवादियों की नापाक कोशिश को विफल करे।

यह दुखद है कि कुछ लोग कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों में हमारे भाइयों और बहनों पर हमला कर रहे हैं। हमें इस वक्त एकजुट होकर आतंकवाद को हराना है। इस घृणित काम से लडऩे और आतंकवाद को हमेशा के लिए हराने के लिए हमें एकजुट और साथ खड़ा होना होगा।

मैंने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से भी मुलाकात की। उन्होंने मुझे घटना के बारे में जानकारी दी। मैंने उन दोनों को आश्वस्त किया है कि मैं और हमारी पार्टी उनका पूरा समर्थन करेंगे।

इस दौरान राहुल गांधी ने श्रीनगर में कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उन्होंने पार्टी के नेताओं से कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध पूरा देश एकजुट है। हमें जुड़े रहना है, नफरत और आतंक के खिलाफ डटे रहना है।

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दिल्ली पुलिस ने मेधा पाटकर को किया गिरफ्तार

कोर्ट ने जारी किया था गैर-जमानती वारंट

नई दिल्ली 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एक डिफेमेशन (मानहानि) मामले में की गई है। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार सुबह मेधा पाटकर को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। बुधवार को ही अदालत ने मेधा पाटकर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। यह कार्रवाई उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले में दोषसिद्धि के बाद की गई है।

मामला दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 2001 में दर्ज कराया था। साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह ने कहा था कि मेधा पाटकर अदालत में उपस्थित नहीं हुईं और उन्होंने जानबूझकर सजा से जुड़े आदेश का पालन नहीं किया। पाटकर की मंशा स्पष्ट रूप से अदालत के आदेश की अवहेलना करने और सुनवाई से बचने की थी।

चूंकि सजा पर कोई स्थगन आदेश मौजूद नहीं है, इसलिए कोर्ट ने कहा कि पाटकर को पेश कराने के लिए अब दबाव का सहारा लेना अनिवार्य हो गया है। अगली तारीख के लिए दोषी मेधा पाटकर के खिलाफ दिल्ली पुलिस आयुक्त के कार्यालय के माध्यम से गैर-जमानती वारंट जारी किया जाए। इस मामले पर अगली सुनवाई तीन मई को होगी।

बता दें कि मेधा पाटकर ने पिछले वर्ष मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ अपील की थी। अपील में उन्हें जमानत मिल गई थी और उन्हें दी गई पांच महीने की कैद और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा को स्थगित कर दिया गया था। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दर्ज किया गया था

। विनय कुमार सक्सेना ने 2001 में यह मामला दर्ज कराया था, जब वह अहमदाबाद स्थित एनजीओ ‘नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज’ के प्रमुख थे। सक्सेना ने कहा था कि मेधा पाटकर ने 25 नवंबर 2000 को जारी एक प्रेस नोट में उन्हें कायर व देश विरोधी होने और उन पर हवाला लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया था। मामले में कोर्ट ने पाटकर को दोषी ठहराते हुए कहा था कि उनके बयान जानबूझकर, दुर्भावनापूर्ण और सक्सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दिए गए थे।

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पाकिस्तान में चाहे घुसकर मारो, हम हर कदम पर साथ देंगे

ब्रिटिश सांसद का भारत को पैगाम

नई दिल्ली 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – पहलगाम में हुए हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा है। वहीं, भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ कई फैसले लिए गए है। इस बीच ब्रिटेन के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि भारत अगर पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे तो भी वह भारत का समर्थन करेंगे।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान ब्रिटेन के कई सांसद और बड़ी हस्तियां भी शामिल हुए। सभा में बोलते हुए ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने भारत के समर्थन में एक सशक्त और भावनात्मक बयान दिया।

उन्होंने कहा कि जो भी कदम भारत सरकार इस हमले के बाद उठाना उचित समझे – चाहे वह सैन्य कार्रवाई ही क्यों न हो – उन्हें उसका पूरा समर्थन है। ब्लैकमैन ने कहा, “हम यहां दुख साझा करने आए हैं। जब आतंकी हमला करता है, तो वह पूरी मानवता के दिलों पर हमला करता है। यह हमला धार्मिक आधार पर नफरत को दर्शाता है, और इसे कतई सहन नहीं किया जा सकता।” उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) में उठाया और सरकार से आग्रह किया कि वह भारत के प्रति अपना समर्थन स्पष्ट रूप से जताए।

उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मेरी व्यक्तिगत राय में, भारत जो भी कदम आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ उठाएगा, हमें उसका समर्थन करना चाहिए। अगर आतंकियों को न्याय के कटघरे में नहीं खड़ा किया जा सकता, तो उन्हें खत्म कर दिया जाना चाहिए। मेरी उम्मीद है कि ब्रिटेन के सभी राजनीतिक दल भारत के साथ खड़े होंगे, चाहे वह कार्रवाई एलओसी के पार सैन्य रूप में ही क्यों न हो।

” बॉब ब्लैकमैन इंग्लैंड के हैरो ईस्ट से कंजर्वेटिव सांसद हैं। वे भारत के पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। ब्लैकमैन ने अपने कश्मीर दौरे को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 9 साल पहले कश्मीर घाटी की यात्रा की थी और घाटी की सुंदरता उनके मन में आज भी बसी हुई है। उन्होंने कहा, “आतंकी चाहते हैं कि घाटी में पर्यटन न हो, लेकिन हम उन्हें ऐसा करने नहीं देंगे।”

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सेना ने मार गिराया लश्कर का बड़ा कमांडर

J&K में तोड़ी जा रही आतंकियों की कमर

नई दिल्ली 25 April,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना एक्शन मोड में है। इस बीच सेना ने बंदीपोरा में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अल्ताफ लल्ली को मुठभेड़ में मार गिराया है।

पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों का स्कैच भी जारी किया गया है। पहलगाम अटैक की जिम्मेदारी भी लश्कर से जुड़े द रेजिस्टेंस फोर्स ने ली थी। बुधवार को आतंकवादियों ने 26 मासूम पर्यटकों को गोलियों से भून दिया था।

22 अप्रैल को हुए नरसंहार के बाद से ही घाटी में भारतीय सेना ने अभियान तेज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना सेना को मिली थी। इसके बाद जम्मू और कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर साझा तलाशी अभियान चलाया गया। लोकेशन का पता लगने के बाद आतंकियों के साथ लंबी मुठभेड़ भी हुई।

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पहलगाम हमले के संदिग्‍ध आतंकी आदिल के घर में ब्‍लास्‍ट

दूसरे आतंकी के मकान पर चला बुलडोजर

पहलगाम 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकी आसिफ शेख के घर विस्फोट होने की खबर सामने आई है। जबकि दूसरे संदिग्ध के घर को बुलडोर से गिराया गया है।

दक्षिण कश्मीर के गुरी के एक गांव में सुरक्षा बलों ने चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए विस्फोट से एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को कुछ संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। खतरे को भांपते हुए सुरक्षा बलों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीछे हट गए।

हालांकि, पीछे हटने के कुछ ही देर बाद एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिससे घर को भारी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि यह घर पहलगाम हमले में शामिल आतंकी आदिल का था।वहीं, दक्षिण कश्मीर के त्राल में पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े लश्कर आतंकी आसिफ शेख का घर ध्वस्त कर दिया गया। घर को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बुलडोजर से गिराया है।

इससे इस बात का संदेह हो रहा है कि पहलगाम आतंकी हमले की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी। सुरक्षा बलों को आशंका है कि मौके पर और विस्फोटक सामग्री हो सकती है, इसलिए पूरे क्षेत्र को सील कर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

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नहीं सुधर रहा पाकिस्तान, अब LOC पर कई जगहों पर की फायरिंग

भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब

जम्मू 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कुछ जगहों पर पाकिस्तानी सेना ने फायरिंग की, जिसका भारतीय सेना ने प्रभावी ढंग से जवाब दिया। भारतीय सेना ने कहा, “पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर कुछ स्थानों पर छोटे हथियारों से फायरिंग की।

भारतीय सेना ने इसका प्रभावी ढंग से जवाब दिया। कोई हताहत नहीं हुआ। अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।” बता दें कि आतंकवादियों द्वारा 26 नागरिकों की नृशंस हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है।

पहलगाम आतंकी हमले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा था कि आतंकियों, उनके हैंडलर्स और समर्थकों का पीछा किया जाएगा और दुनिया के किसी भी कोने में उनसे बदला लिया जाएगा।

नागरिक हत्याओं के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने और उनकी तलाश के लिए पहलगाम के बैसरन मैदान में चौथे दिन भी बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहा।

अन्य आतंकवाद विरोधी अभियानों में गुरुवार को उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक सैनिक शहीद हो गया। सेना ने बताया था कि विशेष खुफिया सूचना के आधार पर गुरुवार को बसंतगढ़ (उधमपुर) में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान शुरू किया गया।

संपर्क स्थापित किया गया और भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। शुरुआती मुठभेड़ में हमारे एक बहादुर जवान को गंभीर चोटें आईं और बाद में बेहतरीन चिकित्सा प्रयासों के बावजूद उनका बलिदान हो गया। ऑपरेशन जारी है।”

गुरुवार को कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक और मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकवादियों के खिलाफ अभियान गोलीबारी के साथ शुरू हुआ, लेकिन शुक्रवार सुबह से गोलीबारी की कोई खबर नहीं है।

सुरक्षा बलों ने गुरुवार को पुंछ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ एक और अभियान शुरू किया। बैसरन मैदान हत्याकांड के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों का पता लगाने और उनकी तलाश के लिए पहलगाम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान के अलावा वर्तमान में तीन ऑपरेशन चल रहे हैं।

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सिक्किम में पर्यटकों पर आई आफत

गंगटोक 25 April, (Rns): सिक्किम में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हुई है। इस भूस्खलन से उत्तरी सिक्किम में करीब 1,000 पर्यटक फंस गए हैं। वहां पर अभी भी भारी बारिश हो रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य करने की कोशिश जारी है। कल चुंगथांग में करीब 200 पर्यटकों की गाडिय़ां फंसी हुई थी।

खराब मौसम और सडक़ यातायात में आ रही परेशानी की वजह से अधिकारियों ने आज उत्तरी सिक्किम के लिए पहले से निर्धारित सभी ट्रैवल परमिट रद्द कर दिए हैं। पहले जारी किए गए अग्रिम परमिट भी अमान्य घोषित कर दिए गए हैं।

लाचुंग और लाचेन हिल स्टेशन हैं, जो गुरुडोंगमार झील और युमथांग घाटी के कारण अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण स्थिति और खराब हो गई है। सिक्किम में अगली सूचना तक पर्यटकों के आने पर रोक लगा दी गई है। उनके ट्रैवल परमिट भी रद्द कर दिए गए हैं।

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हिसार से पाकिस्तानी हिंदू परिवार दिल्ली भेजा गया

वीजा खत्म होने के बाद भी रह रहे थे 15 सदस्य

हिसार 25 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): हरियाणा के हिसार जिले के बालसमंद गांव में पिछले सात महीने से रह रहे एक 15 सदस्यीय पाकिस्तानी हिंदू परिवार को पुलिस ने दिल्ली भेज दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और परिवार के वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद की गई है।

वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहा था परिवार

जानकारी के अनुसार, यह परिवार पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर से भारत आया था। इसमें 3 लड़कियां, 8 बच्चे, 3 महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं। परिवार का 45 दिन का वीजा 25 अगस्त 2024 को समाप्त हो गया था, लेकिन वे इसके बाद भी बालसमंद में ही रह रहे थे। परिवार ने एक निजी अस्पताल की जमीन पर बने कमरे में शरण ले रखी थी और खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहा था।

पाकिस्तान वापस जाने से इनकार, प्रताड़ना का लगाया आरोप

परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते क्योंकि वहां उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने भारत में ही रहने की इच्छा जताई थी और वीजा समाप्त होने के बाद दिल्ली से लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) के लिए आवेदन भी किया था।

पहलगाम हमले के बाद सरकार का सख्त रुख

गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को जारी सार्क वीजा रद्द कर दिया था और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया था। इसी पृष्ठभूमि में हिसार पुलिस ने यह कदम उठाया है।

कैसे पहुंचा था परिवार हिसार?

सूत्रों के मुताबिक, इस परिवार को भारत लाने में दिल्ली निवासी हरिओम नामक व्यक्ति ने मदद की थी, जो राजस्थान के जैसलमेर में रह रहे पाकिस्तानी विस्थापितों की सहायता करते हैं। हरिओम ने जैसलमेर में ही रह रहे दयालदास (जो खुद 2011 से पाक वीजा पर भारत में थे) की मदद की थी। दयालदास ने ही हरिओम को इस परिवार के बारे में बताया था, जिसके बाद इन्हें पाकिस्तान से भारत लाकर हिसार के बालसमंद में बसाया गया था।

पुलिस ने दिल्ली कैंप भेजा

हिसार पुलिस के बालसमंद चौकी इंचार्ज शेषकरण ने पुष्टि करते हुए बताया, “उच्च अधिकारियों के आदेश पर इस परिवार को बस द्वारा दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप में भेज दिया गया है। वीजा समाप्त होने के बावजूद वे यहां रह रहे थे। आगे की कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली से की जाएगी।”

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पहलगाम हमले पर हुई सर्वदलीय बैठक 2 घंटे चली

राहुल बोले- सरकार की हर कार्रवाई को विपक्ष का समर्थन

नई दिल्ली 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – जम्मू कश्मीर की पहलगाम घाटी पर आतंकी हमले के बाद भारत ने कई अहम फैसले लिए हैं। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले को लेकर केंद्र सरकार द्वारा संसद भवन में सर्वदलीय बैठक की गई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य नेता सर्वदलीय बैठक में मौजूद है। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों की स्मृति में केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान 2 मिनट का मौन रखा गया।

बैठक से बाहर निकलकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर एक्शन पर सरकार को पूरा सपोर्ट है। बैठक में शामिल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी दलों ने हमले की निंदा की है। कश्मीर में शांति के प्रयास पर चर्चा हुई। सरकार को किसी भी एक्शन के लिए समर्थन है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान बॉर्डर भी अलर्ट मोड पर है। इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए कल यानी 25 अप्रैल श्रीनगर का दौरा करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की है। वहीं, जर्मनी, जापान, पोलैंड, ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों के राजदूत साउथ ब्लॉक स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पहलगाम हमले के बारे में कई देशों के राजदूतों को जानकारी दी।

भारत सरकार ने इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच बड़े फैसले लिए हैं। भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है। इसके साथ ही अटारी बॉर्डर बंद कर दिया गया है और सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया है। पाकिस्तान नागरिकों का वीजा बंद कर दिया गया है और उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी।

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देश रत्न अवॉर्ड 2025 समारोह का आयोजन 29 अप्रैल को……..!

 निर्देशक अमोल भगत निर्णायक मंडल में बतौर जज शामिल……!

60 भी अधिक फिल्म महोत्सवों के निर्णायक मंडल में शामिल रह चुके मराठी फिल्म निर्माता निर्देशक अमोल भगत एक बार फिर भारती युवा वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 29 अप्रैल को दूरदर्शन भवन, कमानी प्रेक्षागृह (मंडी हाउस), नई दिल्ली में आयोजित देश रत्न अवॉर्ड 2025 समारोह में भी बतौर जज शामिल रहेंगे।

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और सामजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा संपोषित इस अवॉर्ड समारोह में अर्जुन राम मेघवाल (कानून मंत्री, भारत सरकार), जगदंबिका पाल जी (उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री), गजेंद्र सिंह शेखावत जी (संस्कृति मंत्री, भारत सरकार), प्रवेश वर्मा जी (डिप्टी सीएम, दिल्ली), राम दास आठवले जी (केन्द्रीय मंत्री), रघु राज जी (रोजगार मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार), राहुल भुच्चर जी (बॉलीवुड अभिनेता), मुस्ताक खान (बॉलीवुड अभिनेता) और विनय चौधरी जी (राष्ट्रीय प्रभारी, भाजपा) की उपस्थिति में चयनित प्रतिभागियों को अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।

विदित हो कि पुणे में जन्मे और बारामती के ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े फिल्मकार अमोल भगत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में एक जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। मराठी फिल्म उद्योग में अमोल भगत के शानदार योगदान ने, विशेष रूप से ‘पुणे टू गोवा’ जैसी फिल्म में उनके निर्देशन के माध्यम से उन्हें व्यापक पहचान दिलाई है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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FIITJEE के मालिक डीके गोयल पर ED की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली-एनसीआर में 10 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान FIITJEE की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संस्थान के मालिक डीके गोयल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की है।

सूत्रों के मुताबिक, FIITJEE के कई सेंटर अचानक बंद होने और हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटकने के मामले में ईडी यह कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार, संस्थान बंद होने से करीब 12,000 छात्रों को नुकसान हुआ है, जबकि मालिकों को इससे करीब 12 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हुआ।

इससे पहले फरवरी में नोएडा पुलिस ने FIITJEE से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया था। इन खातों में 11.11 करोड़ रुपये सीज किए गए थे। मामला थाना सेक्टर-58 में दर्ज किया गया था, जहां FIITJEE के मालिक दिनेश गोयल समेत 8 लोगों पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

FIITJEE पर आरोप है कि उन्होंने सैंकड़ों छात्रों से फीस लेने के बाद अचानक सेंटर बंद कर दिए और न तो क्लासेस चलाईं, न ही फीस वापस की। वहीं, कर्मचारियों को भी लंबे समय से वेतन नहीं दिया गया, जिससे संस्थान की आर्थिक स्थिति और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ED की छापेमारी फिलहाल जारी है और इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

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अब वक्त POK में सीधी कार्रवाई का : पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी

नई दिल्ली  24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पूर्व विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी ने पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव पर कहा कि जब दो देशों के बीच आपसी संबंध बिगड़ते हैं और सुरक्षा की भावना खतरे में पड़ने लगती है, तो कठोर और निर्णायक कदम उठाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से उठाए गए हालिया कदम जैसे दूतावास बंद करने की तैयारी, वीजा रद्द करना और पाकिस्तान के नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम ये सभी पाकिस्तान पर गंभीर असर डालेंगे। प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान की आम जनता और युवा वर्ग पाकिस्तान आर्मी के साथ नहीं हैं।

भारत में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की भूमिका संदिग्ध है, और यह संभव है कि इस बार वह चीन के साथ मिलकर रणनीतिक तौर पर कोई तनावपूर्ण कदम उठा रहा हो। भारत का यह जवाब बहुत सीमित है और इससे पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत को केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीओके में उन 8-10 ठिकानों पर सीधा कब्जा करना चाहिए जहां से पाकिस्तान की सेना आतंकियों को भारत में भेजती है। बख्शी ने कहा कि “जब तक पाकिस्तान की जमीन पर कब्जा नहीं किया जाएगा, तब तक उसकी सेना को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”

पूर्व विंग कमांडर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सेना अपनी जनता को यह भ्रम देती है कि वे भारत से बेहतर हैं, जबकि सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी समाज के कई हिस्से भारत से प्रभावित होकर ही बदले हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अब प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि निर्णायक सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सेना और लड़ाकू विमानों की तैनाती पर उन्होंने कहा कि भारत को कोई नई तैयारी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय सेना पहले से ही हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और नागरिक संपर्क लगभग समाप्त हो सकते हैं, जिससे संबंधों में और भी अधिक खटास आ सकती है।

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पहलगाम हमले पर अर्जुन रामपाल की दो टूक, कश्मीर भारत में है और हमेशा रहेगा

मुंबई  24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पहलगाम आतंकी हमले को अभिनेता अर्जुन रामपाल ने कायरतापूर्ण और घिनौना कृत्य बताया है। अभिनेता ने कहा कि कश्मीर भारत में है और भारत में ही रहेगा।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए अभिनेता अर्जुन रामपाल ने आतंकी हमले को कायरतापूर्ण और घिनौना करार देते हुए लिखा, “जो खुद का बचाव नहीं कर सकते थे, उन निर्दोष लोगों पर हमला कायरतापूर्ण और घिनौना कृत्य है।“

अभिनेता ने आगे कहा, “सोचिए कि आपके परिवार का कोई व्यक्ति खुशियां मनाने के लिए छुट्टी पर जाता है और कभी वापस नहीं आता, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह धर्म विशेष से है!

ऐसा नुकसान सहने वाले दुखी परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। उन कायरों के लिए आइए रिकॉर्ड को फिर से ऑन करें, ‘कश्मीर भारत में है और हमेशा रहेगा। इसमें कुछ भी बदलाव नहीं होगा।’

वहीं, पहलगाम आतंकी हमले पर दुख जाहिर करते हुए अभिनेत्री दीया मिर्जा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ”घटना के बाद से हमारा दिल दर्द और दुख से भरा हुआ है। ऐसे समय में हमें एकजुट होकर खड़े होना चाहिए। शांति के लिए आवाज उठानी चाहिए।

हमें नफरत और हिंसा के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। न्याय की जीत होनी चाहिए। आइए हम सब एक साथ आएं और कहें, बहुत हो गया। नफरत को हम अपने समाज को तोड़ने नहीं देंगे। अब हम चुप नहीं रहेंगे।”

सिंगर श्रेया घोषाल ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया और कैप्शन में लिखा, ”मैं पहलगाम के बारे में सोचना बंद नहीं कर सकती। उस खामोशी के बारे में जो अराजकता के बाद आई होगी। उन परिवारों के बारे में जिनकी दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं होगी।

मेरे दिमाग में यही चल रहा है। यह जानकर मेरा दिल टूट गया कि ऐसे सुंदर, शांतिपूर्ण स्थान पर भी लोगों की जान चली गई, जिनका हिंसा से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वे इसके शिकार बन गए। यह हमारे राष्ट्र की आत्मा पर चोट है।”

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अटारी-वाघा बॉर्डर बंद, आवाजाही बंद, कई परिवारों को लौटाया गया

अटारी बॉर्डर  24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया है।

इस निर्णय के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, भोपाल के एक परिवार को, जो अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाने के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंचा था, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने वापस लौटा दिया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें अटारी-वाघा बॉर्डर बंद करना, सिंधु जल संधि निलंबित करना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि केवल 1 मई तक वैध वीजा के साथ आए लोग ही इस मार्ग से वापस जा सकते हैं।

भोपाल के रहने वाले तीन सदस्यों वाला यह परिवार अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। परिवार ने बताया कि उनके पास वैध वीजा और यात्रा दस्तावेज थे, लेकिन बॉर्डर बंद होने के कारण बीएसएफ ने उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी। निराश परिवार को वापस भोपाल लौटना पड़ रहा है।

परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हम अपने रिश्तेदारों से मिलने की उम्मीद लेकर गए थे, लेकिन अब हमें वापस जाना पड़ रहा है।”

अटारी-वाघा बॉर्डर भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र सड़क मार्ग है, जो सीमित व्यापार और लोगों के आवागमन के लिए खुला था। इस बॉर्डर पर हर शाम होने वाला ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह दोनों देशों की सैन्य परंपरा और प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक है।

बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी।

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आतंकवादियों की कमर तोड़ कर रहेंगे …..बिहार से मोदी ने दुनिया को दिया संदेश

मधुबनी 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन से पहले पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौन रखा।

बिहार के मधुबनी से नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है की आतंकियों की कमर तोड़ दी जायेगी। पीएम मोदी ने कहा है की जिन भी आतंकियों ने ये हमला किया है और जिन उनके आकाओं ने जो ये हमला करवाया है उन सभी को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा दी जाएगी।

पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम मोदी ने कहा, “आज बिहार की धरती पर मैं पूरी दुनिया से कहता हूं, भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के छोर तक खदेड़ेंगे।

आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नहीं टूटेगी। आतंकवाद को सजा मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस संकल्प में पूरा देश एक है। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और उनके नेताओं को धन्यवाद देता हूं जो हमारे साथ खड़े हैं।”

मोदी ने कहा, “22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने देश के निर्दोष लोगों की हत्या कर दी… इस घटना के बाद पूरा देश दुखी और व्यथित है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं… आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी… ऐसी सजा दी जाएगी जो इतनी बड़ी और कठोर होगी, जिसके बारे में इन आतंकवादियों ने कभी सोचा भी नहीं होगा।

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पहलगाम आतंकी हमला: शुभम द्विवेदी के परिवार से मिले सीएम योगी

कहा- सरकार आतंकवादियों को नेस्तनाबूद करेगी

कानपुर 24 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके आवास पर भेंट की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर आतंकियों को नेस्तनाबूत करेगी।

सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। सीएम ने इस हमले को क्रूर, कायराना और विभत्स कृत्य करार दिया।

उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में हर जगह इस घटना की निंदा हो रही है। यह घटना बताती है कि आतंकवाद अब अंतिम सांस ले रहा है। निर्दोष पर्यटकों पर हमला करके बहन-बेटियों के सिंदूर को उजाड़ा जाए। इसे कोई सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता है। खासतौर पर भारत के अंदर यह कतई स्वीकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ जो जीरो टॉलरेंस की नीति रही है, वह प्रभावी ढंग से आतंकवाद को नेस्तनाबूत करेगी। इसके ताबूत पर अंतिम कील ठोकने की शुरुआत हो चुकी है।

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन क्षेत्रों का दौरा किया है। आगे की रणनीति के साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद के खात्मे की एक नई पहल के लिए पूरा भारत आगे बढ़ा है।

इसके प्रति जो जीरो टॉलरेंस की नीति है, इस दुखद घड़ी में पीएम मोदी के नेतृत्व पर विश्वास करना चाहिए।

सीएम ने कहा कि मैंने अभी शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात की है। उनके पिता से कल भी बात हुई थी। उनका शव कल ही आया है। पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए प्रस्थान कर रहा है। परिवार दुखी है। शुभम परिवार का एकमात्र बेटा था। दिवंगत आत्मा के लिए शांति की कामना करता हूं।

परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। दुख की घड़ी में पूरा देश इस अमानवीय और बर्बर कृत्य की निंदा करता है। आतंकियों और उनके आकाओं को सजा जरूर मिलेगी। हमारी डबल इंजन की सरकार परिवार के साथ है और किसी आतंकी घटना को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है।

उन्होंने आगे कहा कि यह वह सरकार नहीं है जो आतंकियों पर दायर मुकदमों को वापस लेती हो या वहां भी अपना वोट बैंक देखती हो। पूरी शक्ति से ऐसे विषैले फनों को कुचलने का काम होगा। इस घटना का परिणाम हर व्यक्ति देखेगा।

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