Major incident during Durga Puja in Kolkata; 17 people reported dead and 40 injured following a stampede at a pandal.

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ा हादसा, पंडाल में भगदड़ से 17 लोगों की मौत, 40 घायल होने का दावा

कोलकाता: दुर्गा पूजा की खुशियों के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दुखद खबर सामने आई है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान इलाके में सप्तमी की शाम पूजा पंडाल के बाहर भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी मचने की खबर है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 40 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी ह

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान इलाके में स्थित पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। बारिश के बीच लोगों की भारी भीड़ जमा होने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। बताया गया है कि इस दौरान पंडाल का एक हिस्सा भी ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

राहत और बचाव कार्य में जुटीं टीमें

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को बाहर निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किए जाने की जानकारी है। पूजा आयोजकों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।

बताया गया है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल भी घायलों का हाल जानने के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए।

कई पूजा पंडालों में आवाजाही पर रोक

हादसे के बाद चोरबागान के शारदा पार्क पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा प्रशासन के निर्देश पर ताला प्रतॉय पंडाल को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया, जबकि चेतला अग्रणी पूजा पंडाल को एक घंटे के लिए बंद रखने की सूचना दी गई।

सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रभावित लोगों के परिजन और अन्य संबंधित लोग इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, नंबर की आधिकारिक पुष्टि कर लेना उचित होगा।

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, घटनास्थल पर कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों की मदद से वहां से ले जाते हुए भी देखा गया। घटना के बाद इलाके में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दुर्गा पूजा के दौरान हुई इस घटना ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों, हताहतों की संख्या और प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट की पुष्टि का इंतजार है।

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