रांची। रांची और आसपास के इलाकों में लोगों को अधिक किराया देने का लालच देकर चारपहिया वाहन किराये पर लेने और बाद में उन्हें दूसरे लोगों के पास बंधक रखकर मोटी रकम वसूलने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में ओरमांझी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फॉर्च्यूनर समेत कुल चार कार और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मामले में ओरमांझी थाना कांड संख्या 151/26, दिनांक 29 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हरचंडा निवासी सनी कुमार ने पुलिस को बताया था कि विश्वजीत कुमार सिंह, ज्योति कुमारी और मनोज कुमार ने आपसी मिलीभगत से किराये पर लेने की बात कहकर उनकी दो गाड़ियां फॉर्च्यूनर और सेल्टोस ले ली थीं। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी इसी तरह धोखाधड़ी का संगठित कारोबार चला रहे हैं।
ट्रैवल्स कंपनी की आड़ में चल रहा था ठगी का धंधा
पुलिस के अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी रांची और आसपास के क्षेत्रों के वाहन मालिकों को ज्यादा किराया देने का लालच देकर उनकी गाड़ियां एग्रीमेंट के माध्यम से किराये पर लेते थे। शुरुआत में एक-दो महीने तक वाहन मालिकों को नियमित किराया दिया जाता था, ताकि उनका भरोसा बना रहे।
इसके बाद आरोपी उन गाड़ियों को दूसरे लोगों के पास मोटी रकम लेकर बंधक रख देते थे। कुछ समय बाद वाहन मालिकों को किराया देना बंद कर दिया जाता था और उनसे संपर्क भी तोड़ लिया जाता था।
जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी विश्वजीत कुमार सिंह ने रातू रोड स्थित मॉल ऑफ रांची के बगल में प्रार्थना हाइट्स में ‘शुभ यात्रा ट्रैवल्स’ के नाम से कार्यालय खोल रखा था। इसी ट्रैवल्स कंपनी की आड़ में वाहन मालिकों से गाड़ियां ली जाती थीं और फिर उन्हें दूसरे लोगों के पास ऊंची रकम पर बंधक रख दिया जाता था।
तीन आरोपी गिरफ्तार, चार गाड़ियां बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
उनकी निशानदेही पर शिकायतकर्ता की फॉर्च्यूनर के अलावा तीन अन्य कारें भी बरामद की गईं। पुलिस अब गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी और बाकी वाहनों की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
-
विश्वजीत कुमार सिंह उर्फ विक्की (35 वर्ष)
-
मनोज कुमार (36 वर्ष)
-
ज्योति कुमारी (34 वर्ष)
ये गाड़ियां और मोबाइल हुए बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
-
टोयोटा फॉर्च्यूनर – JH01CZ 6468
-
मारुति ऑल्टो – JH01GD 8234
-
मारुति फ्रॉन्क्स – JH01FM 8452
-
बिना नंबर की नई बलेनो कार
-
छह मोबाइल फोन
मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी विश्वजीत कुमार सिंह उर्फ विक्की के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें नामकुम, कांके, ओरमांझी और मुंगेर के मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं सहित अन्य गंभीर आरोपों के मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
वहीं, दूसरे आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाने में उत्पाद अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। गिरोह ने अब तक कितने वाहन मालिकों को अपना शिकार बनाया है और कितनी गाड़ियों को बंधक रखकर रकम वसूली गई है, इसका पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन किराये पर लेकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अब देखना होगा कि जांच में इस गिरोह से जुड़े और कितने लोगों के नाम सामने आते हैं।
**************************