The 14th International Tourism Mart begins today in Tawang; representatives from 22 countries are expected to attend.

29 से 31 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन, पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के पर्यटन, संस्कृति, हस्तशिल्प और एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा वैश्विक मंच

तवांग। पूर्वोत्तर भारत की पर्यटन संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (आईटीएम) का आयोजन 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग में किया जा रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, अरुणाचल प्रदेश सरकार और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के सहयोग से आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम होटल विवांता, तवांग में होगा।

इस आयोजन में देश-विदेश के पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, टूर ऑपरेटर, पर्यटन सेवा प्रदाता, उद्यमी, सरकारी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत के पर्यटन स्थलों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देना तथा व्यावसायिक साझेदारियों के नए अवसर तैयार करना है।

केंद्रीय मंत्री और अरुणाचल के मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

29 अक्टूबर को आयोजित उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पर्यटन एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू शामिल होंगे।

उद्घाटन समारोह के दौरान ‘नॉर्थ ईस्ट बाजार’ का उद्घाटन भी किया जाएगा। यहां पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वस्त्र, खान-पान और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र की विविध परंपराओं और स्थानीय पहचान को भी सामने लाया जाएगा।

22 देशों के 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद

14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में 200 से अधिक खरीदारों और विक्रेताओं सहित विभिन्न प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें 22 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार भी शामिल होंगे।

प्रतिभागियों में ऑस्ट्रेलिया, भूटान, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई देशों के प्रतिनिधियों के आने की संभावना है।

इस आयोजन में पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पर्यटन व्यवसायों और सेवा प्रदाताओं को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन उत्पादों के प्रचार, व्यावसायिक समझौतों और क्षेत्रीय पर्यटन नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आठ राज्यों के पर्यटन आकर्षणों का होगा प्रदर्शन

मार्ट में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के पर्यटन स्थलों तथा पर्यटन उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रस्तुतियों में प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, साहसिक पर्यटन, स्थानीय जीवनशैली और पर्यटन सुविधाओं को प्रमुखता दी जाएगी। साथ ही, पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाले संयुक्त पर्यटन सर्किटों और नए पर्यटन उत्पादों की संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

बी2बी बैठकें और तकनीकी सत्र होंगे आयोजित

30 अक्टूबर को व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और पूर्वोत्तर के पर्यटन सेवा प्रदाताओं के बीच संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नए व्यावसायिक अवसर तलाशना, पर्यटन उत्पादों का विकास करना और स्थानीय उद्यमियों की बाजार तक पहुंच बढ़ाना है।

मार्ट के दौरान पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र भी होंगे। इनमें पूर्वोत्तर में लाइव कार्यक्रमों और संगीत समारोहों से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने तथा संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों में पर्यटकों की पहुंच सुगम बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

इसके अलावा, रॉयल एनफील्ड की ओर से ‘गंतव्यों से परे: पूर्वोत्तर भारत में अनुभवपरक यात्राओं का सृजन’ विषय पर प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें मोटरसाइकिल पर्यटन और अनुभव-आधारित यात्राओं के माध्यम से क्षेत्र के पर्यटन को विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला जाएगा।

तवांग के प्रमुख पर्यटन स्थलों का करेंगे भ्रमण

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधियों के लिए तवांग और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों के तकनीकी भ्रमण की योजना बनाई गई है। इनमें तवांग मठ, जसवंत गढ़ युद्ध स्मारक, जंग जलप्रपात, तवांग युद्ध स्मारक, छठे दलाई लामा की जन्मस्थली उर्ग्येलिंग गोम्पा, बुद्ध पार्क, पंकांग तेंग त्सो (पीटीएसओ) झील और शेरनुप गांव शामिल हैं।

इन भ्रमणों के जरिए प्रतिनिधियों को क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक दृश्यों, स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए परिचयात्मक भ्रमण भी निर्धारित किए गए हैं, जो 1 नवंबर 2026 को गुवाहाटी से शुरू होंगे।

पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक भी होगी

मार्ट के साथ 30 अक्टूबर को पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे।

बैठक में पूर्वोत्तर में पर्यटन विकास को गति देने, राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने और क्षेत्र को एक प्रमुख घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

13 साल बाद तवांग में हो रहा आयोजन

14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का तवांग में आयोजन विशेष महत्व रखता है। यह कार्यक्रम 13 साल बाद दोबारा तवांग में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2013 में इस आयोजन का दूसरा संस्करण तवांग में हुआ था। मार्ट का पिछला संस्करण नवंबर 2025 में सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित किया गया था।

इस बार तवांग में आयोजन से अरुणाचल प्रदेश सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबार, स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

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