जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अवैध सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने उत्तर प्रदेश एटीएस के सहयोग से एक दूर-दराज के गांव में संचालित गुप्त ड्रग्स निर्माण प्रयोगशाला पर छापेमारी कर करीब 1,100 किलोग्राम मादक पदार्थ, कच्चे रसायन और निर्माण उपकरण जब्त किए हैं। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार, डीआरआई को क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर 29 अक्टूबर 2026 की तड़के डीआरआई की टीम ने उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान मौके पर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की पूरी तरह सक्रिय प्रयोगशाला मिली।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने करीब 184 किलोग्राम अर्ध-निर्मित मादक पदार्थ, 582 किलोग्राम कच्चे रसायन और ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए।
इसके बाद आरोपियों के आवासों की तलाशी ली गई। यहां से करीब 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन, 153 किलोग्राम रसायन और निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली एक मशीन बरामद हुई। वहीं, एक अन्य आरोपी के ठिकाने से लगभग 168 किलोग्राम अतिरिक्त कच्चे रसायन जब्त किए गए।
इस पूरे मामले में दो लोगों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी अब इस अवैध निर्माण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसकी सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है।
डीआरआई के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में तैयार और अर्ध-निर्मित मादक पदार्थों के साथ कच्चे रसायनों की बरामदगी से स्पष्ट होता है कि यहां संगठित तरीके से अवैध ड्रग्स निर्माण का कारोबार संचालित किया जा रहा था।
इस कार्रवाई को देश में अवैध सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन और आपूर्ति पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। गुप्त प्रयोगशाला को नष्ट करने के साथ ही मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई चेन को भी बड़ा झटका लगा है।
***************************