केवड़िया के एकता नगर में 15 नवंबर तक चलेगी प्रदर्शनी, देशभर के कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को मिल रहा मंच
गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व 2026 में भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसी क्रम में वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार के उद्यम सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIC) ने भी अपनी विशेष प्रदर्शनी लगाई है। 30 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CCIC के पवेलियन का दौरा किया। यह दौरा निगम के लिए गौरव और यादगार क्षण रहा।

प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान CCIC को भारत की पारंपरिक कला, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। पवेलियन में देश के विभिन्न हिस्सों के कारीगरों और बुनकरों की कलात्मक प्रतिभा के साथ उनके उत्पादों की विविधता को प्रस्तुत किया गया है।
कारीगरों और बुनकरों को मिल रहा बाजार का अवसर
CCIC का पवेलियन केवल पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कारीगरों और बुनकरों को सशक्त बनाने की दिशा में निगम के प्रयासों को भी दर्शाता है। इसके माध्यम से स्थानीय शिल्पकारों को बेहतर बाजार पहुंच और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
निगम अपनी विभिन्न पहलों के जरिए भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। यह पहल केंद्र सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गुजरात की पारंपरिक कलाकृतियों ने खींचा ध्यान
CCIC के मंडप में देश के अलग-अलग राज्यों के कारीगरों की असाधारण कला और शिल्प कौशल देखने को मिल रहा है। गुजरात के कारीगरों ने एगेट पत्थरों, अर्ध-कीमती पत्थरों और जटिल एप्लिक वर्क से तैयार पारंपरिक कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है।

इस अवसर पर CCIC के प्रबंध निदेशक श्री बिमल गोपालाचारी सहित निगम के अधिकारी, कारीगर और बुनकर उपस्थित रहे। मंडप में प्रदर्शित उत्पाद भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान, रचनात्मकता और पीढ़ियों से चली आ रही हस्तनिर्मित कला की परंपरा को दर्शाते हैं।
15 नवंबर तक देख सकेंगे प्रदर्शनी
CCIC भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध एवं विविध विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। यहां देशभर के पारंपरिक और हस्तनिर्मित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है, जो भारतीय कला की विशिष्टता और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती को सामने लाती है।
गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित यह प्रदर्शनी 15 नवंबर 2026 तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी। भारत पर्व 2026 के माध्यम से देश के पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को अपनी कला प्रदर्शित करने के साथ नए बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है।
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