रांची,02.04.2026 – सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले में महत्वपूर्ण गवाहों की जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने जांच के बाद अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करने को कहा है।
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एमएम सुंदरेश और न्यायाधीश एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल मई 2024 से जेल में बंद हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गवाहों की जल्द जांच पूरी करने पर जोर दिया है।
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