In view of the overwhelming enthusiasm of the public, the Bharat Tribes Fest 2026 has been extended until April 5.
नई दिल्ली – जनता के भारी उत्साह और मांग को देखते हुए, जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने टीआरआईएफईडी के सहयोग से चल रहे भारत जनजाति महोत्सव 2026 को 5 अप्रैल, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

यह निर्णय आगंतुकों, हितधारकों और प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया को दर्शाता है, और इसका उद्देश्य देश भर के आदिवासी कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए बाजार पहुंच और आजीविका के अवसरों को और मजबूत करना है।

नई दिल्ली स्थित सुंदर नर्सरी में आयोजित यह महोत्सव भारत की समृद्ध आदिवासी विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक जीवंत राष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है। इसमें पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, व्यंजन और उद्यम शामिल हैं। इस आयोजन में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। शामिल लोगों में 1,000 से अधिक आदिवासी कारीगर, वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके), आदिवासी रसोइये और देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक दल हैं।

इस महोत्सव में 22 राज्यों के 78 आदिवासी समुदाय (वीडीवीके)), 28 राज्यों के 300 से अधिक कला और शिल्प प्रदर्शक और 21 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 फूड स्टॉल संचालित करने वाले 120 आदिवासी व्यंजन प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

इस विस्तार से कारीगरों और उत्पादकों को उपभोक्ताओं के साथ सीधा संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे आदिवासी उत्पादों की बेहतर कीमत और व्यापक दृश्यता सुनिश्चित होगी। साथ ही, इससे आगंतुकों को आदिवासी भारत की विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का अनुभव करने का विस्तारित अवसर भी मिलेगा।

प्रदर्शनियों और बिक्री के साथ-साथ, यह महोत्सव भारत ट्राइब्स बिजनेस कॉन्क्लेव , सीएसआर कॉन्क्लेव और विषयगत कार्यशालाओं, जो ज्ञान के आदान-प्रदान, साझेदारी और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देते हैं का आयोजन भी जारी रहेगा।

विस्तारित कार्यक्रम के अंतर्गत, ट्राईफेड 29 मार्च, 2026 (रविवार) को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित स्थल पर वन धन सम्मेलन का आयोजन करेगा । सम्मेलन का उद्घाटन जनजातीय मामलों के माननीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके द्वारा विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा। इसमें सतत आजीविका, लघु वन उपज (एमएफपी) में मूल्यवर्धन, बाजार संपर्क और जनजातीय उद्यमशीलता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित पांच विषयगत सत्र होंगे।

मंत्रालय ने सतत आजीविका को बढ़ावा देने, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को संरक्षित करने और बाजार संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई पहलों के माध्यम से आदिवासी समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

आगंतुकों को विस्तारित कार्यक्रम का भरपूर लाभ उठाने और भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 में आदिवासी भारत की भावना का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

*********************