Vice President interacts with women self-help groups in Tripura on the occasion of International Women's Day
नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर त्रिपुरा के हपानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों के साथ बातचीत की और जमीनी स्तर के विकास एवं महिलाओं के  सशक्तिकरण में उनके योगदान की सराहना की।

सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पिछले एक दशक में एक महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी बना है। इस बदलाव के तहत देश में महिलाओं के विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की अवधारणा पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली साधन बन गए हैं, जिससे महिलाएं आत्मविश्वास से भरी नेता बनने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने में समर्थ हुईं हैं।

‘लखपति दीदी’ पहल पर प्रकाश डालते हुए, श्री राधाकृष्णन ने कहा कि देश भर में लगभग 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और दो करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। त्रिपुरा सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि इस राज्य ने 1.35 लाख लखपति दीदियां बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रही तेज प्रगति को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों और प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन एवं उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के तहत महिला लाभार्थियों को प्राथमिकता देने पर भी प्रकाश डाला। इन कदमों से महिलाओं का जीवन काफी बेहतर हुआ है।

शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, श्री राधाकृष्णन ने विश्वास व्यक्त किया कि कई लखपति दीदियां जल्द ही करोड़पति दीदियां भी बनेंगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का अवलोकन भी किया और विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल श्री इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, विधायक, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।

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