Union Minister Sarbananda Sonowal interacted with the courageous crew of the Indian-flagged LPG carriers ‘Shivalik’ and ‘Nanda Devi’.
नई दिल्ली – केंद्रीय पत्तनपोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज यहां भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक’ और नंदा देवी’ के चालक  दल के साहसी सदस्यों से संवाद किया। उन्होंने रसोई गैस जैसे महत्वपूर्ण कार्गो का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने में चालक दल द्वारा दिखाए गए साहस और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के लिए उनका राष्ट्र की ओर से आभार व्यक्त किया।
Union Minister Sarbananda Sonowal interacted with the courageous crew of the Indian-flagged LPG carriers ‘Shivalik’ and ‘Nanda Devi’.

यह संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया गयाजिसमें पत्तनपोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमारमहानिदेशक (नौवहनश्याम जगन्नाथनशिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन बीकेत्यागी‘शिवालिक’ के कैप्टन सुखमीत सिंह एवं उनके दल के सदस्यतथा नंदा देवी’ के कैप्टन धीरज कुमार अग्रवाल अपने दल के साथ शामिल हुए।

Union Minister Sarbananda Sonowal interacted with the courageous crew of the Indian-flagged LPG carriers ‘Shivalik’ and ‘Nanda Devi’.

नाविकों को संबोधित करते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह संवाद उच्च जोखिम वाले समुद्री वातावरण में कार्य करते हुए महत्वपूर्ण एलपीजी आपूर्ति की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने वाले चालक दल के प्रति राष्ट्र की हार्दिक कृतज्ञता की अभिव्यक्ति” है।

Union Minister Sarbananda Sonowal interacted with the courageous crew of the Indian-flagged LPG carriers ‘Shivalik’ and ‘Nanda Devi’.

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा“शिवालिक और नंदा देवी के चालक दल के साहससमर्पण और पेशेवर दक्षता को सम्मानित करना अत्यंत गर्व का विषय है। आपके प्रयासों से महत्वपूर्ण एलपीजी कार्गो का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित हुआजिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सुदृढ़ हुई।

केन्द्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि दोनों जहाज भारत की ओर अपनी यात्रा जारी रखने से पहले बढ़ी हुई सुरक्षा चिंताओं के बीच लगभग दो सप्ताह तक उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में तैनात रहे। सोनोवाल ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी क्रू ने असाधारण धैर्यसतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।

इससे पहलेभारतीय ध्वज वाले दोनों एलपीजी वाहक जहाज 16 और 17 मार्च को भारत पहुंचने से पूर्व सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार कर चुके थे। पश्चिम एशिया में बदलती भूराजनीतिक स्थिति के बीच सरकारफारस की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर चल रहे एमटी शिवालिक’ और एमटी नंदा देवी’ ने शुक्रवार13 मार्च2026 को सुबह के समय होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार किया।

सोनोवाल ने कहा“नाविक वैश्विक व्यापार के गुमनाम नायक हैं। अपने घरों और परिवारों से दूर रहकर आप यह सुनिश्चित करते हैं कि आवश्यक सामान सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचे।” उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने में समुद्री कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

केंद्रीय मंत्री ने आगे जोर देते हुए कहा कि भारतीय ध्वज वाले इन दोनों जहाजों की सफल यात्राजिनका संचालन पूरी तरह भारतीय समुद्री कर्मियों द्वारा किया गयाभारत के समुद्री कार्यबल की शक्ति और दृढ़ता को दर्शाती है।

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम समुद्री क्षेत्र को सशक्त बनाने तथा अपने समुद्री कर्मियों की सुरक्षागरिमा और वैश्विक पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सोनोवाल ने कहा कि नाविकों के परिवारों का सहयोग भी सराहानीय है। उनके परिवार उनकी निष्ठा एवं सेवा के पीछे एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं। दोनों जहाजों के मास्टर्सअधिकारियों और क्रू को बधाई देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री सोनोवाल ने उनके भविष्य की सुरक्षित समुद्री यात्राओं की कामना की।

नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंगजहाज मालिकोंभर्ती एवं प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस (आर पी एस अलएजेंसियों तथा क्षेत्र में भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल स्वयं इस स्थिति की सक्रिय और प्रत्यक्ष रूप से निगरानी कर रहे हैं।

समुद्री परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार बंदरगाहोंशिपिंग लाइनों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही हैताकि समुद्री व्यापार में किसी भी प्रकार की परिचालन बाधाओं को कम से कम किया जा सके। बंदरगाहों को आवश्यकता अनुसार राहत उपाय प्रदान करने की सलाह दी गई हैजिसमें एंकरेजबर्थ किराया तथा भंडारण शुल्क में रियायतें शामिल हैं।

प्रमुख बंदरगाह एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर बर्थ प्रदान कर रहे हैंताकि कार्गो की समय पर अनलोडिंग सुनिश्चित हो सके और ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता बनी रहे। पिछले कुछ दिनों में प्रमुख भारतीय बंदरगाहों पर छह एलपीजी जहाज पहुंचे हैं। इसके अतिरिक्तबंदरगाह उन जहाजों के लिए भी सुरक्षित एंकरेज क्षेत्र उपलब्ध करा रहे हैंजिन्हें खाड़ी क्षेत्र के लिए कार्गो लेकर रवाना होना था लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के कारण अभी यात्रा आरंभ नहीं कर पा रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि वह विदेश मंत्रालयविदेशों में भारतीय मिशनोंशिपिंग कंपनियों तथा समुद्री यात्रा से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों के साथ बेहतर समन्वय के साथ समुद्री स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय समुद्री कर्मियों के कल्याण की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा भारत के समुद्र के रास्ते माल ढुलाई नेटवर्क की मजबूती बनाए रखना है।

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