Union Minister Sarbananda Sonowal emphasized press freedom and the delivery of welfare schemes under Prime Minister Modi's people-centric governance model.
नई दिल्ली – केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की अपरिहार्य भूमिका को स्वीकारते हुए पत्रकारों को समाज के सतर्क प्रहरी और जनता की प्रामाणिक आवाज के रूप में रेखांकित किया।
Union Minister Sarbananda Sonowal emphasized press freedom and the delivery of welfare schemes under Prime Minister Modi's people-centric governance model.

असम के तिनसुकिया में असम प्रेस संवाददाता संघ (एपीसीयू) के 17वें केंद्रीय मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि तेजी से बदलते सूचना परिदृश्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Union Minister Sarbananda Sonowal emphasized press freedom and the delivery of welfare schemes under Prime Minister Modi's people-centric governance model.

सोनोवाल ने कहा कि समाज के जागरूक प्रहरी के रूप में मीडिया की भूमिका अतुलनीय है। जनता की आवाज के रूप में पत्रकारों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया है।

जिम्मेदारी पूर्ण पत्रकारिता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने मीडिया पेशेवरों से सत्य, विश्वसनीय और नैतिक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देने और गलत सूचना एवं सनसनीखेज खबरों से दूर रहने का आग्रह किया। सोनोवाल ने कहा कि पत्रकारिता को सरकार और जनता के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करना चाहिए। साथ ही सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हुए लोगों की समस्याओं को सामने लाना चाहिए।

श्री सोनोवाल ने समन्वय, संवाद और आम सहमति बनाने के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि मीडिया टकराव के बजाय रचनात्मक जुड़ाव के माध्यम से समाज को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। सोनोवाल ने कहा कि पत्रकारों के सामने आने वाली बदलती चुनौतियों के लिए निरंतर क्षमता निर्माण, पेशेवर ईमानदारी और नई तकनीकों के अनुकूलन की आवश्यकता है। साथ ही सार्वजनिक हित की पत्रकारिता में दृढ़ता से जुड़े रहना भी जरूरी है।

इस कार्यक्रम में विधायक संजय किशन और बोलिन चेतिया के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

इससे पहले दिन में माकुम एलएसी में सोनोवाल ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला रखने और उद्घाटन के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री के प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। सोनोवाल ने स्थानीय उद्यमियों के साथ बातचीत कर स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास में उनके योगदान को स्वीकार किया।

श्री सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंच गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि कल्याणकारी योजनाएं सीधे लाभार्थियों को सशक्त बनाती हैं और जमीनी स्तर पर उद्यमशीलता को मजबूत करती हैं। इस समावेशी दृष्टिकोण ने शासन को एक जन-केंद्रित मॉडल में बदल दिया है जो सामाजिक उत्थान और आर्थिक विकास दोनों को गति प्रदान करता है।

श्री सोनोवाल ने पनीटोला में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत निर्मित नवनिर्मित वरिष्ठ नागरिक कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। यह सुविधा 2024-25 वित्तीय वर्ष के दौरान 15 लाख रुपये की लागत से विकसित की गई थी और इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए संस्थागत सहायता को मजबूत करना है। सोनोवाल ने कहा कि इस तरह का बुनियादी ढांचा समावेशी विकास, गरिमा, पहुंच और जमीनी स्तर पर बुजुर्गों के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस मौके पर मकुम नगर पालिका बोर्ड की अध्यक्ष अर्चना सैकिया, मकुम कॉलेज की उप-प्रधानाचार्य पापोरी बरुआ, डिब्रूगढ़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अशिम हजारिका, असम राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष पुलक गोहैन, भाजपा तिनसुकिया के जिला अध्यक्ष कुशाकांत बोरा के अलावा लखीनाथ कोच, जेउती मोरन, गिरज बरुआ और रुक्मिणी पातर सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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