नई दिल्ली – खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने आज लेह में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिककरण योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी का उद्देश्य पीएमएफएमई योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करना, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना, योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना और क्षेत्र में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के लिए बाजार पहुंच को मजबूत करना था। यह प्रदर्शनी लेह के उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित की गई थी। इसका आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
श्री पासवान ने प्रदर्शनी में लगे स्टालों का दौरा किया और लाभार्थियों से बातचीत की। उन्होंने उनकी सफलता की कहानियों को ध्यानपूर्वक सुना और सभी को अपने प्रयासों में और अधिक सफलता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय मंत्री महोदय ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में लद्दाख में अपार संभावनाएं हैं और इसे मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।
श्री पासवान ने कहा कि कुछ समय पहले तक कृषि क्षेत्र का ध्यान उत्पादन पर केंद्रित था और दुर्भाग्यवश मूल्य सृजन पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद से उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए मूल्य सृजन पर अपना पूरा ध्यान दिया है और इसके परिणाम सबके सामने हैं।
लद्दाख के अनूठे उत्पादों जैसे सी बकथॉर्न और खुबानी का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री महोदय ने कहा कि इन दोनों उत्पादों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता है और इस सपने को साकार करने के लिए हमें भरपूर प्रयास करने और संसाधनों का निवेश करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री महोदय ने वर्ल्ड फूड इंडिया पहल का भी उल्लेख किया. श्री पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े सभी क्षेत्रों को ऐसे मंच से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए और इस अनुभव से लाभ उठाना चाहिए।
श्री पासवान ने कहा कि आधुनिकीकरण प्रक्रिया के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से देश भर में विकिरण इकाइयां स्थापित की जा रही हैं और वर्तमान में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए भविष्य में ऐसे और प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने क्रेता-विक्रेता बैठकों के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी बैठकों का आयोजन अधिक बार किया जाना चाहिए।
इससे पहले बैठक के दौरान, लद्दाख के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव श्री भुबेश चौधरी और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक श्री मोहम्मद अशरफ भट ने केंद्रीय मंत्री महोदय को लद्दाख के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का विस्तृत विवरण दिया।
इस बैठक में खाद्य एवं खाद्य प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री डी प्रवीण और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की ओर से लेह के उपायुक्त श्री रोमिला सिंह डोंक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




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