Union Minister Jyotiraditya Scindia unveiled a 25-foot-tall statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj in Athani.
नई दिल्ली –  केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  रविवार को कर्नाटक के बेलगावी स्थित अथानी में मराठा शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 25 फुट ऊँची भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए सिंधिया ने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, साहस और हिंदवी स्वराज की चेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प है।
Union Minister Jyotiraditya Scindia unveiled a 25-foot-tall statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj in Athani.
उन्होंने कहा कि “जय भवानी, जय शिवाजी” का उद्घोष आज भी हर भारतीय के भीतर निर्भीकता, राष्ट्रधर्म और आत्मगौरव की ऊर्जा भर देता है। कार्यक्रम के दौरान मंजूनाथ भारती स्वामी जी, संभाजी भिड़े गुरु जी, कर्नाटक सरकार में मंत्री संतोष लाड़ एवं सतीश जारकिहोली, कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सवादी, कोल्हापुर सांसद श्रीमंत शाहू छत्रपति महाराज, कर्नाटक सरकार में पूर्व मंत्री श्रीमंत बी पाटिल और पीजीआर सिंधे सहित अन्य नेतागण मंच पर उपस्थित रहे।

हिंदवी स्वराज के शिल्पकार और राष्ट्रधर्म के प्रतीक हैं शिवाजी महाराज

अपने संबोधन में केन्द्रीय मंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में हिंदवी स्वराज का संकल्प लेने वाले शिवाजी महाराज ने साहस, रणनीति और दूरदृष्टि से आक्रांताओं को पराजित कर भारत के स्वाभिमान की रक्षा की। सिंधिया ने कहा कि बेलगावी और अथानी की भूमि शिवाजी महाराज के पराक्रम की साक्षी रही है।

Union Minister Jyotiraditya Scindia unveiled a 25-foot-tall statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj in Athani.

दक्षिण भारत में उनके अभियानों के दौरान इस क्षेत्र का सामरिक महत्व अत्यंत रहा, जहाँ से दक्कन, कोंकण और गोवा मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि आज इसी धरती पर शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण होना इतिहास, परंपरा और वर्तमान को जोड़ने वाला गौरवपूर्ण क्षण है। सिंधिया ने कहा कि आज बेलगावी की धरती पर शौर्य, स्वाभिमान और असीम साहस की अमर गाथा सजीव हो उठी है।

शिवाजी महाराज की प्रेरणा पर अग्रसर है आधुनिक भारतः सिंधिया

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज जब भारत आत्मगौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के मार्ग पर अग्रसर है, तब छत्रपति शिवाजी महाराज का चरित्र और अधिक प्रासंगिक हो गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रधर्म की जो चेतना देश में आगे बढ़ रही है, उसकी जड़ें शिवाजी महाराज की उसी विचारधारा में हैं।

यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती रहेगी कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है, साहस कभी थमता नहीं और स्वराज की भावना कभी पुरानी नहीं होती।

गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री अपने दो दिवसीय महाराष्ट्र-कर्नाटक के दौरे पर हैं।

इससे पहले शनिवार को उन्होंने कोल्हापुर में बॉम्बे जिमखाना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर डाक टिकट का विमोचन किया, तत्पश्चात वे ग्रामीण डाक सम्मेलन में शामिल हुए जहां उन्होंने ग्रामीण डाक सेवकों से संवाद किया।

उसके बाद आज सिंधिया बेलगावी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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