Tribute meeting organized in schools of Ranchi district on the demise of Education Minister Shri Ramdas Soren

 जिले के सभी प्रारंभिक 2128 सरकारी और अनुदानित विद्यालयों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया

रांची, 18.08.2025 – “श्री रामदास सोरेन जी का निधन न केवल झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री

Tribute meeting organized in schools of Ranchi district on the demise of Education Minister Shri Ramdas Soren

स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के माननीय मंत्री श्री रामदास सोरेन जी के असामयिक निधन पर राँची जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में गहरा शोक व्यक्त किया गया।

Tribute meeting organized in schools of Ranchi district on the demise of Education Minister Shri Ramdas Soren

उनके सम्मान में आज, 18 अगस्त 2025 को जिले के 2128 सरकारी और सरकारी अनुदानित विद्यालयों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया।

Tribute meeting organized in schools of Ranchi district on the demise of Education Minister Shri Ramdas Soren

इन सभाओं में लगभग 2.5 लाख छात्र-छात्राओं और 10,000 शिक्षकों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने श्री सोरेन के शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान और उनके दूरदर्शी नेतृत्व को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभाओं में सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने श्री रामदास सोरेन जी के जीवन, उनके संघर्षशील व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को याद किया।

शिक्षकों ने बच्चों को उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता सुधार के लिए उनके प्रयासों के बारे में बताया।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने अपने संदेश में कहा, “श्री रामदास सोरेन जी का निधन न केवल झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राँची जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग श्री रामदास सोरेन जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है और प्रार्थना करता है कि उनकी आत्मा को शांति प्राप्त हो। उनकी प्रेरणा और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण हम सभी को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।

****************************