The system of making free prescriptions ended in Himachal's government hospitals

10 रुपये देना होगा चार्ज

शिमला 05 June (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में अब पर्ची निश्शुल्क नहीं बनेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 10 रुपये प्रति पर्ची शुल्क तय किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव की ओर से बुधवार को आदेश जारी किए गए।

 मंत्रिमंडल उपसमिति (कैबिनेट सब कमेटी) ने इसकी सिफारिश की थी, जिसे अधिसूचना के साथ ही लागू कर दिया है। इसके अतिरिक्त 26 मई को 14 विभिन्न श्रेणियों के लिए भी निश्शुल्क एक्सरे, ईसीजी व अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद कर दी है।

अब इन श्रेणियों के रोगियों को भी पैसे चुकाने पड़ेंगे। निदेशक स्वास्थ्य विभाग, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा व निदेशक नेशनल हेल्थ मिशन को भी आदेशों की प्रति भेजी गई है।

राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि रोगी कल्याण समिति की ओर से दी जाने वाली सेवाओं स्वच्छता, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और उपकरणों के रखरखाव को सुदृढ़ करने के लिए यह निर्णय लिया है। काफी समय से इस पर काम चल रहा था। विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मामला उठा था।

स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल का तर्क था कि निश्शुल्क पर्ची को लोग संभालकर नहीं रखते, इससे चिकित्सकों को भी परेशानी होती है। पर्ची बनाने के 10 रुपये लगेंगे तो लोग इसे संभालकर रखेंगे। उन्होंने कहा था कि पीजीआई चंडीगढ़ में भी यह शुल्क लिया जाता है।

स्वास्थ्य संस्थानों में 14 श्रेणियों को प्रदान की गई निश्शुल्क डायग्नोस्टिक जांच और एक्स-रे की सुविधा को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

कैंसर व किडनी रोगी, गर्भवती , 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग, टीबी रोगी, दिव्यांग, मानसिक रोगी, जेल बंदी, एनआरएचएम के लाभार्थी, निश्शुल्क दवा योजना के तहत आने वाले रोगी, आपदा पीड़ित, एचआइवी पाजिटिव रोगी, बाल सुधार गृह के बच्चे, वृद्धाश्रम व अनाथालय में रहने वाले लोगों को भी एक्सरे के 60 रुपये, अल्ट्रासाउंड के 120 रुपये व ईसीजी के 35 रुपये शुल्क लगेगा। 14 श्रेणियों को केवल तीन ही टेस्ट के पैसे लगेंगे, शेष 133 टेस्ट पहले की तरह इन्हें निश्शुल्क ही हैं। शेष लोगों को पहले से इसका शुल्क देना पड़ रहा है।

*****************************