गृह मंत्री अमित शाह ने कई अहम पहलों का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी, जिनमें नई असम विधानसभा भवन और एमएलए आवासीय परिसर का निर्माण, विश्व स्तरीय बहुउद्देश्यीय खेल परिसर, वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना, और डिब्रूगढ़ क्षेत्र में तालाबों और वेटलैंड्स(जलभूमियों) का बड़े पैमाने पर कायाकल्प शामिल है। ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यों के विकेंद्रीकरण, शासन संरचना को मजबूत करने और ऊपरी असम में क्षेत्रीय विकास को तेज करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा, “आज डिब्रूगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। जैसे ही माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिब्रूगढ़, ऊपरी असम और पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए उठाए जा रहे परिवर्तनकारी कदमों को दर्शाते हैं। पिछले एक दशक में, प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में असम में अभूतपूर्व बदलाव आया है, जहां जनता की आकांक्षाओं को सुशासन के माध्यम से वास्तविक नतीजों में बदला गया है।”
सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि नया विधानसभा परिसर, विधायक आवास, अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, वन्यजीव अनुसंधान संस्थान और जलभूमि(वेटलैंड) को फिर से बेहतर बनाने जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं डिब्रूगढ़ को नई गति देंगे और असम के समग्र विकास को भी मजबूत करेंगें। प्रशासनिक क्षमता को मजबूती प्रदान करने के लिए, गृह मंत्री अमित शाह ने डिब्रूगढ़ में नई असम विधान सभा भवन की आधारशिला रखी, जिसका अनुमानित लागत 284 करोड़ रूपए है। यह परियोजना डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खानिकर परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय आपदा शमन कोष(एनडीएमएफ) फंड के तहत असम वेटलैंड बहाली और कायाकल्प परियोजना का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम असम के लंबे समय से चले आ रहे बाढ़ रोकथाम और जलवायु लचीलापन ढांचा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। 692 करोड़ रूपए के निवेश से लागू की गई यह परियोजना असम के 9-जिलों में फैले 125-वेटलैंड्स के पुनर्जीवन पर केंद्रित है। इस पहल ने जलभराव, गाद जमा होने और पर्यावरण के खराब होने जैसी लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का भी समाधान किया।
खेल विकास को बढ़ावा देने के लिए शाह ने डिब्रूगढ़ के खानिकार में बहुउद्देश्यीय खेल परिसर के पहले चरण का उद्घाटन किया और मुख्य स्टेडियम में बैठने की क्षमता 5,000 से बढ़ाकर 35,000 करने के लिए आधारशिला रखी, ताकि शहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर सके। असम की दूसरी राजधानी के रूप में डिब्रूगढ़ का उभरना और मिसिंग समुदाय की समृद्ध विरासत का उत्सव, मोदी सरकार में पूर्वोत्तर के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है।
सोणोवाल ने कहा कि डिब्रूगढ़ ने ने राज्य की दूसरी राजधानी के रूप में खुद को स्थापित करने में बड़ा कदम उठाया है। सोनोवाल ने कहा, “डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी घोषित किए जाने के बाद, राज्य सरकार ने ज़रूरी बुनियादी ढ़ांचे और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण करने के लिए तेज़ी से काम किया, जिससे आज के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करना संभव हो पाया।”
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में असम में निरंतर शांति और स्थिरता बनी रही है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में तेज़ विकास हो रहा है।
सोणोवाल ने कहा, “स्थायी शांति ने राज्य में आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार की नींव रखी है। पीएम मोदी जी के गतिशील नेतृत्व और क्षेत्र पर विशेष ध्यान के कारण असम देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है, जिसे केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग प्राप्त हुआ है।”
सर्बानंद सोणोवाल ने पूर्व की कांग्रेस सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें लंबे समय तक चली उपेक्षा, भ्रष्टाचार और शासन विफलताओं का प्रतीक बताया, जिसने असम के विकास की अमूल्य संभावनाओं और अवसरों को खत्म कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने असम के विकास के लिए निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व की सराहना की, जिन्होंने विकास पहलों को तेजी और समन्वय के साथ को आगे बढ़ाया।
सोणोवाल ने कहा कि वर्ष 2014 से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते एक दशक में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसमें असम और पूर्वोत्तर के राज्य भारत की राष्ट्रीय विकास यात्रा के हिस्से के रूप में आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहे हैं।ये पहल सरकार के अमृत काल विजन के अनुरूप है, जो समावेशी विकास, बुनियादी ढांचा निर्माण और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है।
सोणोवाल ने कहा कि एनडीए की “डबल इंजन” सरकार औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सभी समुदायों के लिए समान विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियों, पहाड़ियों और मैदानों के लोगों से असम के विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट रहने की अपील की।
सोणोवाल ने असम और पूर्वोत्तर में शांति, बुनियादी ढांचा विकास, सांस्कृतिक सशक्तिकरण और दीर्घकालिक समृद्धि को बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम ने अभूतपूर्व विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का दौर देखा है, जिसमें बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और स्वदेशी पहचान पर नए सिरे से जोर दिया गया है।
सोणोवाल ने कहा कि दो कार्यक्रम-डिब्रूगढ़ में असम वेटलैंड्स रिस्टोरेशन एंड रीजुवनेशन प्रोजेक्ट का शुभारंभ और ढेमाजी में 10वें मिसिंग युवा महोत्सव का समापन- विकास, आपदा राहत और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति सरकार के समन्वित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
सोणोवाल ने कहा कि असम की वेटलैंड्स ने ऐतिहासिक रूप से बाढ़ नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और लोगों की आजीविका समर्थन में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन दशकों से अतिक्रमण, अव्यवस्थित विकास और गाद जमने होने से उनकी प्राकृतिक क्षमता कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि इस बहाली के प्रयास से पारिस्थितिक संतुलन, भूजल पुनर्भरण और सतत बाढ़ प्रबंधन प्रणालियों को मजबूती मिली है।
इस पहल से लगभग 7.5 लाख लोगों को बाढ़ से राहत मिलेगी, करीब 77,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी, बाढ़ की तीव्रता कम होगी और पानी जमा करने की क्षमता बढ़ने से भूजल स्तर में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि इन 15 बड़े तालाबों से सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे असम के किसान वर्ष में तीन बार फसल उगा सकेंगे, पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और डेयरी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। ये जलाशय जलक्रीड़ा के लिए भी उपयोगी होंगे और पर्यटन के आकर्षण केंद्र बनेंगे।
डिब्रूगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, असम के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंता, असम के जल संसाधन मंत्री पिजुश हजारिका तथा राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। गृह मंत्री अमित शाह धेमाजी के करेंग चपोड़ी में आयोजित 10वें मिसिंग युवा महोत्सव के समापन समारोह में भी शामिल हुए। यह महोत्सव असम सरकार द्वारा मिसिंग समुदाय की एकता, संस्कृति और पहचान के उत्सव के रूप में आयोजित किया गया था। विदेश एवं वस्त्र मंत्रालय में राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भी डिब्रूगढ़ में आयोजित समारोह में उपस्थित थे।
सोणोवाल ने कहा कि यह महोत्सव स्वदेशी परंपराओं के संरक्षण, युवाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम असम के सबसे जीवंत स्वदेशी समुदायों में से एक की जीवित विरासत को उजागर करता है और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति तथा सामाजिक एकता का मंच प्रदान करता है।
समापन समारोह में असम के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू, लखीमपुर के सांसद प्रदन बरुआ और मिसिंग स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य परमानंद चायांगिया भी उपस्थित थे।
सोणोवाल ने अंत में कहा कि सरकार “विकसित भारत” के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से आत्मविश्वासी असम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।










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