The Ministry of Education organized a workshop to review the implementation of the National Means-cum-Merit Scholarship Scheme.
नई दिल्ली – शिक्षा मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) के अधिक प्रभावी कार्यान्वयन कार्य की समीक्षा करने और रणनीतियों को अंतिम रूप देने हेतु 6 दिसंबर 2025 को राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।

मंत्रालय ने कार्यशाला की शुरुआत में राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। यह योजना मंत्रालय की प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं में से एक है, जिसके तहत समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित मेधावी छात्रों को प्रतिवर्ष एक लाख नई छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। इस योजना का उद्देश्य आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करना और छात्रों को बारहवीं कक्षा तक अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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इस कार्यशाला में केंद्र सरकार और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए, पात्र लाभार्थियों तक योजना की प्रभावी पहुंच बढ़ाने और वितरण में सुधार लाने संबंधी सुझाव दिए गए।

कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक के प्रदर्शन की समीक्षा, कोटा का उपयोग, एनएमएमएसएस परीक्षा का संचालन और छात्रवृत्ति के नवीनीकरण में आने वाली चुनौतियों को शामिल किया गया। इसके बाद हाइब्रिड मोड में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों और हितधारकों के साथ परामर्श किया गया।

राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत नवी कक्षा तक के छात्रों को प्रतिवर्ष एक लाख छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं, जिनका नवीनीकरण दसवीं से बारहवीं कक्षा तक के लिए किया जा सकता है। सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र इसके लिए पात्र हैं। छात्रवृत्ति की राशि 7,12,000 रुपये  प्रति वर्ष है, और जिन छात्रों के माता-पिता की वार्षिक आय 3,50,000 रुपये से अधिक नहीं है, वे भी इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। चयन परीक्षा के लिए, छात्रों को सातवीं कक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 5 प्रतिशत अंकों की छूट है।

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