The High Court showed us the mirror and said- you people are teachers, why are you forgetting this

कोलकाता 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में आंदोलन कर रहें बर्खास्त शिक्षकों को आईना दिखाया और कहा कि, आप लोग शिक्षक हैं, यह क्यों भूल रहे हैं? पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन के सामने चल रहे बर्खास्त शिक्षकों के लगातार आंदोलन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने आज अहम टिप्पणी की।

न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों को याद दिलाया कि वे शिक्षक हैं और उन्हें अनुशासन नहीं भूलना चाहिए। आज हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति घोष ने कहा कि आप लोग शिक्षक हैं, यह बात क्यों भूल रहे हैं? कोर्ट आपके शांतिपूर्ण आंदोलन पर कोई रोक नहीं लगा रहा, लेकिन दूसरों को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने आगे कहा कि 500 लोगों की भीड़ नहीं हो सकती, अब से 50 से 100 लोग ही एक साथ बैठ सकेंगे। दरअसल, विकास भवन के सामने लंबे समय से आंदोलनरत शिक्षकों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद, बिधाननगर उत्तर थाने ने कई बर्खास्त शिक्षकों को तलब किया था। इस तलब को चुनौती देते हुए दो शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

उसी पर आज सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों को विकास भवन के सामने की जगह मेला ग्राउंड में बैठना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वहां केवल शिक्षक ही बैठें, बाहर के लोग या किसी राजनीतिक दल के सदस्य वहां न आएं। इसके जवाब में शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता सुदीप्त मैत्र ने कहा कि मेला ग्राउंड काफी दूर है।

हालांकि, न्यायमूर्ति घोष ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मेला ग्राउंड विकास भवन से दूर नहीं है, और यदि कोई समस्या हो तो पुलिस उसे सुलझाएगी। इसके साथ ही न्यायमूर्ति ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ताओं के मामलों में केस डायरी तलब की जाएगी और पुलिस को गुरुवार सुबह तक केस डायरी पेश करनी होगी।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक याचिकाकर्ता पुलिस के समक्ष पेश हों, और तब तक पुलिस उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकती। इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार शाम चार बजे होगी। हालांकि, आज की सुनवाई में अदालत ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया।

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