The first batch of students was welcomed in Prayagraj.
नई दिल्ली – काशी तमिल संगमम 4.0 में भाग लेने वाले 200 छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल आज प्रयागराज पहुंचा। इस यात्रा का उद्देश्य एक भारतश्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप काशी और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करना है।

यह प्रतिनिधिमंडल संगम पहुंचा और प्रयागराज जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। प्रत्येक छात्र को भगवद् गीता का तमिल संस्करण भेंट किया गया।

 

संगम के किनारे आयोजित एक सांस्कृतिक संध्या में दोनों क्षेत्रों की कलात्मक परंपराओं का प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में कजरी, भजन और कथक के साथ-साथ तमिल लोक कला रूपों को भी प्रस्तुत किया गया। यह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक सद्भाव को दर्शाता है।

इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद, छात्रों ने संगम का दर्शन किया और गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के आध्यात्मिक महत्व का अनुभव किया। बाद में उन्होंने श्री बड़े हनुमान जी मंदिर जाकर प्रार्थना की।

इस प्रतिनिधिमंडल ने बाद में स्वामीनारायण मंदिर का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान, छात्रों को प्रयागराज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का समृद्ध अनुभव प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर बोलते हुए महापौर उमेश चंद्र ने इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने के उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि संगम एकता, सद्भाव और आपसी सम्मान का प्रतीक है।

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