उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों के बीच किया कंबल वितरण

कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में बेसहारा, वृद्ध, महिला एवं जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण

गुणवत्ता पूर्ण मुलायम कंबल पाकर लोगों ने राज्य सरकार का किया धन्यवाद

ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,03.01.2026 – कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच जब पूरा शहर अपने घरों में सिमटा हुआ था, उसी समय उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों की पीड़ा समझने और उन्हें राहत देने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरे।

The district administration set an example of compassion and service on a cold night.

रात के अंधेरे में खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर लोगों के लिए यह पहल किसी उम्मीद की किरण से कम नहीं थी। कर्बला चौक और रांची रेलवे स्टेशन परिसर में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्वयं उपस्थित होकर बेसहारा, वृद्ध, महिला एवं जरूरतमंद लोगों के बीच मुलायम, गुणवत्ता-पूर्ण कंबलों का वितरण किया।

The district administration set an example of compassion and service on a cold night.

कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर जो सुकून और राहत दिखाई दी, वह इस मानवीय प्रयास की सार्थकता को स्वयं बयान कर रहा था। कई लोगों की आंखों में संतोष और कृतज्ञता के भाव थे।

The district administration set an example of compassion and service on a cold night.

गुणवत्ता पूर्ण कंबल पाकर लोगों ने राज्य सरकार का हृदय से धन्यवाद दिया। कई जरूरतमंदों ने कहा कि इस भीषण ठंड में सरकार द्वारा की गई यह मदद उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न सहे, यही जिला प्रशासन का प्रयास है।

जिला प्रशासन द्वारा ठंड के मौसम में लगातार कंबल वितरण के कार्य किए जा रहे हैं, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी सरकार की चिंता और संवेदना पहुंचे। यह कंबल वितरण केवल एक सहायता नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की मानवीय सोच और संवेदनशील दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है।

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