The district administration provided guidelines and relief measures to farmers to protect their crops from the impact of cyclonic storm 'Montha'.

रांची, 28.10.2025 – जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने एवं इसके जिले पर संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी किसानों से अपील की है कि वे सतर्क रहें एवं फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं (60-110 किमी/घंटा) एवं भारी बारिस की स्थिति पैदा कर सकता है

अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय में जिला कृषि पदाधिकारी मोबाइल संख्या-9431427940 से संपर्क करें या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टॉल फ्री न.- 14447 शिकायत कर बीमा का दावा करें

जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने एवं इसके जिले पर संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी किसानों से अपील की है कि वे सतर्क रहें एवं फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं (60-110 किमी/घंटा) एवं भारी बारिस की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे धान, सब्जी एवं अन्य खरीफ फसलों को भारी क्षति पहुंचने का खतरा है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह एवं दिशा-निर्देश

किसानों को निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि फसलों एवं संपत्ति को अधिकतम बचाया जा सके:

1. जिन खेतों में धान, मक्का या अन्य फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, उन्हें तुरंत ना काटे कटी फसल को खेतों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि फसल हवा से गिर गई हो, तो उसे ढककर रखें ताकि वर्षा से सुरक्षित रहे। प्लास्टिक शीट या तिरपाल का उपयोग करें।

2. फसलों की सुरक्षा
सब्जियां) के लिए हल्के डंडों से सहारा दें ताकि हवा से न गिरें। नदी-नालों के किनारे लगी फसलों को विशेष सतर्कता बरते। सब्जी उत्पादकों को सलाह दी जाती है कि पॉलीहाउस या नेट हाउस को मजबूत करें एवं रस्सी एवं लोहे के तार से अतिरिक्त सहारा दें।

3. पशुधन एवं संसाधनों की सुरक्षा

पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें एवं चारा भंडारण सुनिश्चित करें। वर्षा से भीगने से बचाने का प्रयास करें। सिंचाई पंप, ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्रों को ऊंचे स्थानों पर ले जाएं।

4.सब्जियों की बुआई रोक दे। आलू की बुआई अगर कर दी गई है, तो मेढ को कई जगह काट दे, ताकि पानी का जमाव न हो।

सरकारी सहायता एवं राहत योजनाएं

जो किसान बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) के अंतर्गत पंजीकृत हैं, वे तत्काल नुकसान का फोटो/वीडियो प्रमाण सहित विभाग को सूचित करें।

चुकी किसान हमारे जिले की रीढ़ हैं एवं यह तूफान चुनौतीपूर्ण है। लेकिन सामूहिक प्रयासों से हम सामना कर लेंगे। जिला प्रशासन एवं जिला कृषि कार्यालय पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, कि किसी भी किसान को राहत में कोई कमी न रहे। सभी से अपील है कि पैनिक ना हो।

अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय या जिला कृषि पदाधिकारी राँची, मोबाइल संख्या-9431427940 से संपर्क करें या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टॉल फ्री न.- 14447 शिकायत कर 72 घंटो के अंदर अगर धान या मक्का का फसल कटनी करके खेतो में रखा गया है, तो प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के टॉल फ्री न. पर बीमा का दावा करें।

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