प्रतिभागियों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार व्यक्त करते हुए रक्षा उत्पादन सचिव ने कहा कि इस तरह की बातचीत से मंत्रालय को अकादमिक अनुसंधान क्षमताओं और दृष्टिकोणों के बारे में पर्याप्त जानकारी मिलेगी। उन्होंने शिक्षाविदों से दीर्घकालिक राष्ट्रीय क्षमता विकास को सक्षम बनाने के लिए रक्षा उत्पादन विभाग के साथ एक परामर्श प्रारूप को अपनाने का आग्रह किया।
इस संवाद में आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी; आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. एम. अग्रवाल; आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. एस. केदारे; आईआईटी हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी.एस. मूर्ति; आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. आर. मूना; आईआईटी तिरुपति के निदेशक प्रो. के.एन. सत्यनारायण; आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. डी. जलिहाल और देश के 24 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वरिष्ठ प्रोफेसर उपस्थित थे।

इस वार्ता ने उद्योग जगत के भागीदारों के सहयोग से एक अनुकूल, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की ताकत का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता जताई।
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