The Centre is playing politics over Bengal's language and identity Mamata Banerjee

सीएम ने कहा- बंगाल के संघर्ष को कभी भूला नहीं जा सकता है

झारग्राम 07 Aug, (एजेंसी) । मुख्यमंत्री ममता ने झारग्राम स्टेडियम में जहां झारग्राम जिले के लिए तमाम परियोजनाओं का ऐलान किया तो वहीं उन्होंने केन्द्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए बंगाल के लोगों की पहचान को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। सीएम ममता बनर्जी ने झारग्राम के स्थानीय लोगों से बांग्ला भाषा की रक्षा करने और मतदाता सूची में बने रहने का आग्रह किया।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पहचान पत्र और बंगाल के लोगों की पहचान को लेकर राजनीति की जा रही है। बनर्जी ने सवाल किया कि क्या दस्तावेज़ों की मांग करने वाले विधायकों के पास अपनी कानूनी पहचान साबित करने वाले उचित दस्तावेज़ हैं? सीएम ममता ने सलाह देते हुए लोगों से कहा कि, बिना जानकारी के कोई फॉर्म न भरें।

जो लोग नए मतदाता बन रहे हैं, याद रखें कि आपको अपने माता-पिता के प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। यह डबल इंजन सरकार की साजिश है। उन्हें बिना उनके नाम के बांग्लादेश भेजने की साजिश।” उन्होंने यह भी कहा, “जो लोग कानून का पालन करते हुए बांग्लादेश से आए हैं, वे इस देश के नागरिक हैं। घुसपैठियों का मुद्दा हमारे हाथ में नहीं है।

आप ऐसा क्यों कह रहे हैं? दिल्ली वाले कूचबिहार, अलीपुरद्वार और मतुआ को पत्र भेज रहे हैं। हमारे बंगाल के लोगों ने लड़ाई लड़ी। उन्होंने संघर्ष किया लेकिन इन्हें विदेशी करार दिया जा रहा है? क्या केवल आप ही देशवासी हैं? हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

झारग्राम में सभा मंच से गरजते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मेरी अपील है कि आप सभी बांग्ला भाषा या मतदाता सूची में अपना नाम न छोड़ें।” उन्होंने कहा कि बांग्ला भाषा और राज्य पहचान रजिस्टर (एसआईआर) को लेकर राजनीति हो रही है। इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, “क्या कानून बनाने वालों के पास पर्याप्त दस्तावेज़ हैं?”

सीएम ने आगे कहा, “हर व्यक्ति की एक भाषा होती है। भाषा उनका सम्मान, गौरव है। वे कहते हैं कि बंगाली भाषा नहीं है। उनलोगों के इन बातों से मेरी छाती फट जाती है। वे गलत बोलते हैं और हम बोल नहीं सकते। हम स्तब्ध और दुखी हैं।

बंगाल के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। मैं 2,000 से अधिक लोगों को वापस लायी हूं। गुड़गांव, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश में उन पर अत्याचार हो रहा है। उन्हें बांग्लादेश भेजा जा रहा है।

वोट से पहले, वे कहेंगे कि पैसा लो और वोट दो। आप पैसे देने वाले कौन हैं? वह राज्य का पैसा है, आपका पैसा नहीं। आप सब कुछ दे दो लेकिन अपना पता मत दो। अपनी भाषा मत दो। अपना अस्तित्व मत दो। यदि आप बंगाली बोलते हैं, तो वे आपको रोहिंग्या कहेंगे ।

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