Teachers who have become unemployed are now trying to meet PM Modi

कोलकाता ,28 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राज्य में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के भ्रष्टाचार की वजह से नौकरी से बर्खास्त किए गए शिक्षकों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद अब इन शिक्षकों को पुन: परीक्षा में बैठने का निर्देश दिया गया है, जिसे लेकर नाराजगी जताते हुए शिक्षक अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री गुरुवार को अलीपुरद्वार के दौरे पर आ रहे हैं और शिक्षक चाहते हैं कि वे उनके सामने अपनी व्यथा रख सकें।

इस मुद्दे पर नौकरी से निकाले गए शिक्षक चिन्मय मंडल ने कहा कि अलीपुरद्वार में प्रधानमंत्री की सभा हो रही है, हमलोग उनसे मुलाक़ात करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे प्रतिनिधि पहले से वहां मौजूद हैं और लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि हमें मौका मिलेगा या नहीं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि सभी को फिर से परीक्षा में बैठना होगा। हालांकि शुरू से ही एक बड़ा वर्ग इस निर्णय का विरोध कर रहा है।

इस वर्ग के शिक्षक साफ कह चुके हैं कि वे दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे और इस बारे में वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के शिक्षा मंत्री को कई बार पत्र भी भेज चुके हैं।  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हाल ही में पत्रकारों से कहा था कि हम कोर्ट के आदेश को नहीं टाल सकते, परीक्षा में बैठना ही होगा। इसके बाद अब शिक्षक प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे हैं।

अलीपुरद्वार की एक शिक्षिका मौमिता पाल ने कहा कि हम पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं। हम सिर्फ पांच मिनट का समय चाहते हैं। इसके लिए स्थानीय सांसद, भाजपा के जिलाध्यक्ष और यहां तक कि जिलाधिकारी से भी संपर्क किया है, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

कोलकाता में आंदोलन कर रहे अन्य शिक्षक भी अलीपुरद्वार के शिक्षकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और प्रधानमंत्री से मिलने की संभावना को लेकर रणनीति बना रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर इन शिक्षकों से मिलने का समय देंगे या नहीं। लेकिन इतना तय है कि राज्य में एसएससी से जुड़े विवाद को लेकर शिक्षकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

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