Security advisory for Durga Puja in Ranchi; essential instructions for devotees and organizers

रांची। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, अग्नि बचाव और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने और पूजा आयोजकों से सुरक्षा संबंधी इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा निर्देश

  • मोबाइल फोन: घर से निकलने से पहले फोन चार्ज रखें और इंटरनेट की उपलब्धता जांच लें।
  • बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को पहचान पत्र पहनाएं और उनकी जेब में नाम, पता व संपर्क नंबर लिखकर रखें।
  • परिवार का ध्यान: भीड़ में परिवार के सदस्यों के संपर्क में रहें और बुजुर्गों की सहायता करें।
  • महिलाओं की सुरक्षा: छेड़छाड़ या परेशानी होने पर पुलिस अथवा सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें।
  • भीड़ में सावधानी: भीड़भाड़ में सेल्फी लेने से बचें और निकास द्वारों की जानकारी रखें।
  • वाहन सुरक्षा: नियंत्रित गति से वाहन चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें तथा नशे की हालत में वाहन न चलाएं।
  • अफवाहों से बचाव: अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और आपात स्थिति में सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

पूजा आयोजकों के लिए सुरक्षा निर्देश

  • भीड़ प्रबंधन: प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित करें तथा भीड़ नियंत्रित रखें।
  • अग्नि सुरक्षा: अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखें और बिजली के तारों व अस्थायी कनेक्शनों की जांच कराएं।
  • आपातकालीन निकासी: निकास द्वार स्पष्ट रूप से चिह्नित करें और रास्तों को अवरोधमुक्त रखें।
  • अग्निशमन व एंबुलेंस: आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह रखें।
  • सुरक्षा कर्मी: प्रवेश द्वारों, निकास मार्गों और भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करें।
  • चिकित्सा सुविधा: प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखें और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस उपलब्ध कराएं।
  • विभागीय समन्वय: पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखें।
  • आपातकालीन तैयारी: आग लगने या भगदड़ की स्थिति में निकासी के लिए स्वयंसेवकों को आवश्यक निर्देश दें।

श्रद्धालुओं और आयोजकों से सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की गई है। बेहतर भीड़ प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा और विभागीय समन्वय से संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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