Sadhana Week – Day 6 Key Highlights of Webinars Focused on Tangible Results
नई दिल्ली – साधना सप्ताह 2026 के छठे दिन का मुख्य उद्देश्य ठोस परिणाम अर्जित करने पर केंद्रित होगा, जिसके लिए 7 अप्रैल 2026 को विशेषज्ञों के नेतृत्व में वेबिनार आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में सार्वभौमिक स्वास्थ्य आश्वासन, स्थिरता के लिए प्रणालीगत सोच और सामाजिक सुरक्षा एवं समग्र समावेशन के लिए डेटा-आधारित दृष्टिकोणों पर चर्चा की जाएगी।

कई केंद्रीय मंत्रालय, विभाग और राज्य सरकारें नागरिक-केंद्रित सेवाओं, क्षमता विकास, डेटा प्रबंधन, प्रशासन में नैतिकता और परिणाम मापन ढांचे पर विशेष वेबिनार का आयोजन भी करेंगी।

मुख्य बातें (अप्रैल, 2026):

1. डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी:

विषय: भारत के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा की ओर

समय: सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक

डॉ. रेड्डी (पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष) सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा की दिशा में भारत की यात्रा पर चर्चा करेंगे। सत्र में सभी नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक नीतिगत ढांचे, वितरण तंत्र और वित्तपोषण मॉडल की खोज की जाएगी, जिसमें मापनीय परिणामों और टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

2. श्री अशोक खोसला:

विषय: स्थिर राष्ट्र के लिए प्रणालीगत चिंतन

समय: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक

श्री खोसला (अध्‍यक्ष, डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स) इस बात का विश्लेषण करेंगे कि किस प्रकार प्रणालीगत सोच भारत को सतत विकास की ओर अग्रसर कर सकती है। सत्र में विकास, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के एकीकृत दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के बीच अंतर्संबंधों और दीर्घकालिक परिणामों के लिए समग्र समाधानों के महत्व पर बल दिया जाएगा।

3. श्री सौरभ तिवारी:

विषय: डीबीटीलाभार्थी विश्लेषणसामाजिक सुरक्षासमग्र समावेशन

समय: दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक

श्री तिवारी (अपर सचिव – डीबीटी, कैबिनेट सचिवालय) प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, लाभार्थी विश्लेषण और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में समग्र समावेशन सुनिश्चित करने की कार्यनीतियों पर चर्चा करेंगे। सत्र में यह प्रदर्शित किया जाएगा कि डेटा-आधारित दृष्टिकोण और डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार लक्षित लाभ को बेहतर बना रहे हैं, राजस्‍व रिसाव को कम कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लाभ लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

मंत्रालय/विभाग और राज्य स्तरीय वेबिनार:

ग्रामीण विकास विभाग – डॉ. वी. सुरेश बाबूसहायक प्रोफेसरएनआईआरडी एवं पीआर (सुबह 10:00 बजे):

विषय: “वीबीजी राम (जी)” पर अनुकूलन

डॉ. सुरेश बाबू परिणाम मापन संरचना पर एक अनुकूलन सत्र आयोजित करेंगे। इस सत्र में जमीनी स्तर पर विकास परिणामों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए कार्यप्रणाली, टूल्‍स और प्रक्रियाओं की व्याख्या की जाएगी, जिससे अधिकारियों को ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के प्रभाव को मापने में सहायता मिलेगी।

डाक विभाग – पीटीसी दरभंगा (सुबह 10:30 बजे):

विषय: नागरिक केंद्रित सेवाएं

पीटीसी दरभंगा डाक क्षेत्र में नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर प्रस्तुति देगा। सत्र में डाक संचालन में सेवा की गुणवत्ता, पहुंच और नागरिकों की आवश्‍यकताओं के प्रति जवाबदेही में सुधार के लिए की गई पहलों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर प्रकाश डाला जाएगा।

डेयर-आईसीएआर – डॉ. एस.के. शर्माएडीजी (एचआरएम)आईसीएआर मुख्यालय (सुबह 11:00 बजे):

विषय: क्षमता विकास की अनिवार्यता @ICAR

आरंभिक टिप्पणी: डॉ. गोपाल लालनिदेशकआईसीएआर-एनएएआरएमहैदराबाद

डॉ. शर्मा आईसीएआर में कृषि अनुसंधान और विस्तार लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए क्षमता विकास की अनिवार्यता पर चर्चा करेंगे। सत्र में कृषि संस्थानों को सुदृढ़ बनाने और परिणामों में सुधार लाने के लिए आवश्यक मानव संसाधन विकास रणनीतियों, प्रशिक्षण आवश्यकताओं और योग्यता ढांचों को शामिल किया जाएगा।

डेयर-आईसीएआर – डॉ. कैरम नरसैयानिदेशकआईसीएआर-आईएएसआरआईनई दिल्ली (दोपहर 3:00 बजे):

विषय: आईसीएआर में डेटा प्रबंधन

प्रारंभिक टिप्पणी: डॉ. एस.पी. अहलावतपीएस (एचआरएम)आईसीएआर मुख्यालय

डॉ. नरसैया आईसीएआर में डेटा प्रबंधन प्रथाओं और प्रणालियों पर चर्चा करेंगे। सत्र में कृषि अनुसंधान में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के लिए डेटा संग्रह, भंडारण, विश्लेषण और उपयोग को शामिल किया जाएगा, जिसमें अनुसंधान परिणामों और प्रभाव को मापने के लिए मजबूत डेटा प्रणालियों के महत्व पर जोर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य – डॉ. के. सुब्रमण्यमसदस्यछत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग (शाम 5:00 बजे):

विषय: प्रशासन में नैतिकता और मूल्य

डॉ. सुब्रमण्यम लोक प्रशासन में नैतिकता और मूल्यों की भूमिका पर चर्चा करेंगे। इस सत्र में यह पता लगाया जाएगा कि नैतिक ढाँचे और मूल्य-आधारित शासन किस प्रकार बेहतर परिणाम, पारदर्शिता और सरकारी संस्थानों एवं कार्यक्रमों में जनविश्वास को बढ़ावा देते हैं।

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