Punjab government's big decision will give shopkeepers freedom from inspector raj

20 हेल्पर रखने पर अब हिसाब-किताब की जरूरत नहीं

चंडीगढ़ ,04 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में आज की गई कैबिनेट मीटिंग में कई बड़े फैसलों को हरी झंडी दी गई। दुकानदारों को इंस्पेक्टर राज से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने पंजाब शॉप एंड कॉमर्शियल एक्ट में संशोधन किया है।

इस एक्ट के अनुसार अब दुकानदारों को 20 तक हेल्पर रखने के लिए कोई हिसाब-किताब नहीं देना होगा। मात्र छह महीने में एक बार जानकारी देगी। वहीं 20 से अधिक कर्मचारियों को रखने के लिए सभी का हिसाब रखना होगा और रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इस श्रेणी में लगभग 5 प्रतिशत लोग शामिल होंगे। वहीं, मुलाजिमों का बेतन भी बढ़ाना होगा। इस संबंध में आने वाले दिनों में विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा।

इसके अलावा, इस मुद्दे पर सभी विशेषज्ञों से राय ली जाएगी। हालांकि, उन्होंने बताया कि लेबर लॉ पहले की तरह जारी रहेंगे। मीटिंग में सीएम मान ने जानकारी देते हुए कहा कि ओवर टाइम सीमा तीन महीने में 50 घंटे थी। अब इसे बढ़ाकर 144 घंटे कर दिया है।
एक दिन में नौ घंटे से अधिक व हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम करने पर दोगुने रेट का ओवर टाइम मिलेगा। भले ही उसने एक घंटा काम किया है। इससे उनकी इनकम बढेगी।

कुल समय 12 घंटे तक कर पाएगा। हालांकि मंत्री ने बताया कि नौ घंटे में उनकी ब्रेक भी शामिल रहेगी। वहीं, कोई भी दुकानदान वायलेशन करता है, जिसमें कई चीजें शामिल हैं, जैसे कि ओवरटाइम। पहले, वायलेशन के लिए कोर्ट में जाकर चालान का भुगतान करना पड़ता था। अब कोर्ट का प्रावधान खत्म कर दिया गया है।

अब एएलसी (असिस्टेंट लेबर कमिश्नर) स्तर पर हम नोटिफाई करेंगे कि किस वायलेशन के लिए कितनी फीस है, और व्यक्त मौके पर ही अपना भुगतान कर पाएंगे। इसके लिए पोर्टल की व्यवस्था भी कर रहे है। दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन के लिए 24 घंटे में पोर्टल में अप्रूवल मिलेगी। यदि अप्रूवल नहीं मिलती है, तो माना जाएगा कि उन्हें अप्रूवल मिल गई है। गलती में सुधार का मौका भी मिलेगा। इंस्पेक्टर तीन महीने में एक बार चेकिंग कर सकता है।

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