Parliamentary Question Enhancement of Indigenous Capability in the Nuclear Fuel Cycle
नई दिल्ली – भारत में यूरेनियम अयस्क के खनन और प्रसंस्करण के लिए अधिकृत परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने यूरेनियम खनन की स्वदेशी क्षमता को बढ़ाने के लिए पहल की है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप नई यूरेनियम खनन परियोजनाओं को शुरू करने की योजना बनाई है। राजस्थान के सीकर जिले के रोहिल में 2,500 टन प्रति दिन की क्षमता वाली खदान और मिल स्थापित करने तथा छत्तीसगढ़ के जाजवाल यूरेनियम परियोजना में एक और खदान और मिल स्थापित करने की पहल की है, जो वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने के विभिन्न चरणों में हैं।
Parliamentary Question Enhancement of Indigenous Capability in the Nuclear Fuel Cycle

परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाली परमाणु ईंधन परिसर (एनएफसी) परमाणु न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के लिए स्वदेशी रूप से ईंधन असेंबली का निर्माण करती है। न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यूरेनियम को कच्चे माल के रूप में उपयोग करके प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) और बॉइलिंग वाटर रिएक्टर (बीडब्ल्यूआर) संचालित करता है, जिसकी आपूर्ति यूसीआईएल से की जाती है और आयात भी किया जाता है। एनएफसी ने एनपीसीआईएल के रिएक्टर तैनाती कार्यक्रम और यूसीआईएल से प्राप्त आपूर्ति के अनुसार समय-समय पर अपनी ईंधन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए पहल की है।

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), परमाणु ऊर्जा विभाग के अनुसंधान एवं विकास इकाई और परमाणु पुनर्चक्रण बोर्ड (एनआरबी) तारापुर स्थित एकीकृत परमाणु पुनर्चक्रण संयंत्र (आईएनआरपी) तथा कल्पक्कम स्थित तीव्र रिएक्टर ईंधन चक्र सुविधा (एफआरएफसीएफ) में घरेलू स्रोतों से प्राप्त प्रयुक्त ईंधन के पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन तथा तीव्र रिएक्टरों के लिए ईंधन निर्माण हेतु उच्च क्षमता वाली एकीकृत परमाणु पुनर्चक्रण सुविधाओं का निर्माण कर रहे हैं। इन सुविधाओं से देश में ईंधन निर्माण और अपशिष्ट प्रबंधन की स्वदेशी क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

खनन और ईंधन निर्माण क्षेत्रों में की गई पहलों और एकीकृत परमाणु सुविधाओं के चालू होने से प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर के लिए ईंधन का उत्पादन बढ़ेगा और फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों के लिए मिश्रित ऑक्साइड (एमओएक्स) ईंधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। तारापुर और कलपक्कम में स्थित परमाणु पुनर्चक्रण सुविधाओं के अंतर्गत नए ईंधन निर्माण संयंत्र फास्ट रिएक्टरों के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार) एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

**********************