Mrs. Anupriya Patel addressed the 7th convocation ceremony of Vardhman Mahavir Medical College and Safdarjung Hospital in New Delhi.
नई दिल्ली – केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज यहां वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के 7वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। जीजीएसआईपीयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा भी इस अवसर पर मौजूद थीं।

 

सभा को संबोधित करते हुए, श्रीमती पटेल ने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को बधाई दी और भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत बनाने में सार्वजनिक चिकित्सा संस्थानों की अहम भूमिका पर जोर दिया। “आज आपको जो डिग्रियां मिलेंगी, वे योग्यता प्रमाण पत्र से कहीं बढ़कर हैं। वे करुणा, समर्पण और लगन जैसे गुण एवं विशेषताएं हैं, जिन्हें आप अब से अपने चिकित्सा के पेशे में अपनायेंगे।” उन्होंने युवा डॉक्टरों से नैतिक चिकित्सीय कार्यप्रणाली, करूणा और जरूरतमंद एवं हाशिये पर पड़े समुदायों की सेवा करने के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता बनाए रखने का आग्रह किया।

पिछले 11 वर्षों के दौरान देश की स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए, श्रीमती पटेल ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवा  की पूरी प्रणाली को बदल दिया है। उन्होंने कहा, “प्राथमिक स्तर पर, देश में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं जो लोगों को प्राथमिक स्तर की देखभाल की पूरी सेवाएं दे रहे हैं, सरकार सीएचसी व जिला अस्पतालों जैसी द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं में जरूरी कमियों को ठीक कर रही है और हम तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं तथा चिकित्सा शिक्षा के बारे में भी नए सिरे से सोच रहे हैं।”

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “पिछले 11 वर्षों में, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है। अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटें 51,000 से बढ़कर 1,28,000 हो गई हैं और पोस्टग्रेजुएट सीटें 31,000 से बढ़कर आज लगभग 82,000 हो गई हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत–पीएमजेएवाई योजना के तहत 62 करोड़ से अधिक लोगों को, जो भारत की आबादी का 40 प्रतिशत से अधिक हैं, 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज दिया जा रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजना है। उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना और अमृत फार्मेसी जैसी योजनाएं भी हैं जो दवाएं, चिकित्सीय उपकरण और सर्जिकल इम्प्लांट रियायती दरों पर प्रदान कर रही हैं।”

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “आज, भारत डिजिटल स्वास्थ्य और अत्याधुनिक तकनीक के मामले में सबसे आगे है क्योंकि हम सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा के बड़े लक्ष्य को पूरा करना चाहते हैं”। अपने  भाषण का समापन करते हुए, उन्होंने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को अकादमिक और अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान देने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने आगे कहा, “चिकित्सक  के तौर पर आपने एक सामाजिक अनुबंध किया है, इसलिए मानवीयता का वह स्पर्श कहीं खोना नहीं चाहिए”।

इस अवसर पर, 217 से अधिक पोस्टग्रेजुएट छात्रों, 136 अंडरग्रेजुएट छात्रों एवं 40 सुपर-स्पेशियलिटी छात्रों को डिग्रियां दी गईं और 43 छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं समर्पण  के लिए पदकों से सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. मनस्वी कुमार; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) संदीप बंसल; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) गीतिका खन्ना; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) चारू बंबा तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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