Mr. Sanjay Kumar inaugurated a microforest at the PM Shri Navodaya Vidyalaya in Gautam Buddh Nagar.
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीएसईएलके सचिव श्री संजय कुमार ने 14 दिसंबर2025 को पीएम श्री नवोदय विद्यालयगौतम बुद्ध नगरउत्तर प्रदेश में विशेष अभियान  5.0 के तहत विकसित किए गए फलोद्यान एवं परागण उद्यान युक्त एक सूक्ष्म वन यानी माइक्रोफ़ॉरेस्ट का उद्घाटन किया।

इस पहल ने मिशन लाइफ हेतु इको क्लब्स के तत्वावधान में 3,200 वर्ग मीटर से ज़्यादा बंजर ज़मीन को जीवंत पारिस्थितिक शिक्षण स्थान में बदल दिया है। इस आयोजन  में श्री राजेश लखानीआयुक्त नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस); डॉअमरप्रीत दुग्गलसंयुक्‍त सचिवडीएसईएलश्री ज्ञानेंद्र कुमारसंयुक्त आयुक्त एनवीएसश्रीमती वंदना तुम्मलपल्लीसरकारी और सार्वजनिक भूमि अधिग्रहण प्रमुखसे ट्रीज़सुश्री मोनीथानॉलेज हेडसे ट्रीज़मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीविद्यार्थी शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।

श्री संजय कुमार ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि शिक्षा की असली महत्व इस बात में है कि वह  प्रसन्नमानसिक रूप से स्वस्थ और सर्वांगीण विकास वाले व्यक्तियों का पोषण करेशिक्षण को पाठ्यपुस्तकों की सीमाओं से आगे बढ़ाकर वास्तविक जीवन के अनुभवों तक ले जाएजैसा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी2020 में दृष्टिगत किया गया है। उन्होंने कहा कि खुशनुमासमावेशी और प्रकृति से जुड़ा शिक्षण वातावरण विद्यार्थियों में मानवीय मूल्योंसार्थक रिश्तों और स्वतंत्र सोच को बढ़ावा देने में मदद करता है।

पर्यावरणीय जागरूकता और अनुभवात्मक शिक्षा के संबंध में एनईपी 2020 के विज़न को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मिशन लाइफ हेतु इको क्लबजो अब 9.23 लाख से ज़्यादा स्कूलों में चलाए जा रहे हैंमिशन लाइफ के सात विषयों के अनुरूप गतिविधियों के जरिए व्यावहारिक शिक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षण को प्रकृति के साथ जोड़ने का आग्रह करते हुए स्कूल के विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

 

 

उन्होंने एनवीएस से देश भर में साफ़सुथरेहरेभरे और सुव्यवस्थित परिसर विकसित करने को कहाजहाँ मिशन लाइफ हेतु इको क्लब फलफूल सकें तथा विद्यार्थियों की भलाई और उन्हें ज़िम्मेदार नागरिक बनाने में योगदान दे सकें।

एनवीएस के आयुक्त श्री राजेश लखानी ने विद्यालय के विद्यार्थियों से वृक्षों  की देखभाल की सामूहिक ज़िम्मेदारी लेने का आग्रह करते हुए कहा कि परिसर में फलदायी वृक्षों की देखभाल करने से टिकाऊ जीवनस्वस्‍थ आदतों और पारिस्थितिकीय संतुलन कायम करने में मदद मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से वृक्षों का पोषण और हिफाजत करते हुए नई विकसित हरीभरी जगहों की देखभाल करने की भावना विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित कियाजिससे पर्यावरणीय स्थिरता और उनके स्वयं के समग्र विकास में योगदान मिल सके।

विशेष अभियान  5.0 के अंतर्गत डीएसईएल ने स्वच्छता दक्षता और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया। स्कूलों और कार्यालयों में 6.16 लाख से ज़्यादा स्वच्छता अभियान चलाए गए। अक्टूबर2025 को ईअपशिष्ट जागरूकता और प्रबंधन पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। उसके बाद एक ईअपशिष्ट संग्रह अभियान चलाया गयाजिसमें लाख से ज़्यादा विद्यार्थियों  ने हिस्सा लिया और 4,000 किग्रा से ज़्यादा ईअपशिष्ट इकट्ठा किया गया। इकट्ठा किए गए लगभग 100 किग्रा ईअपशिष्ट का रचनात्मक  तरीके से दोबारा इस्तेमाल करके नई दिल्ली के शास्त्री भवन में जागरूकता बढ़ाने वाला एक भित्ति चित्र  बनाया गया।

 

एनवीएस गौतम बुद्ध नगर में फलोद्यान युक्त नए माइक्रोफ़ॉरेस्ट में 500 से ज़्यादा फलदायी वृक्ष हैंजबकि  परागण उद्यान में 350 से ज़्यादा परागकण अनुकूल  पौधे हैंजो मधुमक्खियोंतितलियों और दूसरी ज़रूरी प्रजातियों के लिए पर्यावास उपलब्ध कराते हैं। इस पहल से जैव विविधता बढ़ेगी और विद्यालय परिसर के वातावरण की गुणवत्ता बेहतर होगी।

इसे गैरलाभकारी संगठन से ट्रीज़ की सहायता लागू किया गया हैजिसने पूरे भारत में पाँच मिलियन से ज़्यादा पेड़ लगाए हैं और 50 से ज़्यादा झीलों का कायाकल्प किया है। फलोद्यान और परागण उद्यान विद्यालय परिसर का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे तथा एसडीजी (गुणवत्तापूर्ण शिक्षाऔर एसडीजी 13 (जलवायु कार्रवाईके अनुरूप जलवायु कार्रवाई में लगातार सहभागिता को बढ़ावा देंगे।

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग देश भर के स्कूलों में पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलानेपर्यावरण के अनुकूल व्यवहारस्वच्छता और टिकाऊ तरीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल को देश भर के दूसरे नवोदय विद्यालयोंकेंद्रीय विद्यालयों और स्कूलों में भी विस्तारित किया जाएगाजिससे पूरे देश में हरित शिक्षण वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

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