रांची,09.06.2026 – झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस और सत्तारूढ़ गठबंधन पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने तथा जोड़-तोड़ की राजनीति करने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद वह चुनाव जीतने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक दबाव की रणनीति अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव और धनबल के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा हमेशा राजनीतिक शुचिता, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सिद्धांतों से समझौता कर सत्ता प्राप्त करने की राजनीति नहीं करती।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्यसभा के निर्दलीय प्रत्याशी Parimal Nathwani के कार्यों की भी सराहना की। उनका कहना था कि परिमल नथवानी ने झारखंड के विकास और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि भाजपा ने यह स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में व्हिप जारी नहीं किया गया है और पार्टी कार्यकर्ता तथा विधायक अपने स्वविवेक के आधार पर मतदान करेंगे।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल और जनादेश का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव केवल सीट जीतने की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीति में नैतिकता और सिद्धांतों को बचाने का संघर्ष भी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। ऐसे में सभी की निगाहें मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं, जो झारखंड की राजनीति की आगामी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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