It is not right to dispute international issues Chirag Paswan

पटना ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय विषयों पर जितनी राजनीति करनी है कीजिए, लेकिन ऐसे मुद्दों पर जहां पूरी दुनिया आपको देख रही है, वहां विवाद उचित नहीं है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह समझना होगा कि दुनिया में आप भारत की कैसी छवि दे रहे हैं। वैसे इसका कारण समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा, प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्टी के ही नेताओं के नाम दिए गए हैं।

अब कौन कांग्रेस ‘में’ है और कौन कांग्रेस ‘का’ है, यह कौन जानता है। जब आपको अपनी ही पार्टी के नेताओं पर इतना संदेह है, तो ऐसे लोगों को पार्टी में रखते ही क्यों हैं? जब अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर इस तरह करेंगे, तो भारत की कैसी छवि आप अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर पेश कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हकीकत यह है कि इन लोगों की अपनी पार्टी में गुट बने हुए हैं। तकलीफ इनको यह है कि जो इनकी गणेश परिक्रमा करते हैं, उनका नाम नहीं दिया जा रहा और ऐसे लोगों का नाम दिया जा रहा है, जो सच में काबिल हैं।

ये लोग काबिल लोगों को प्रमोट नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि इनको डर रहता है कि ऐसे लोग उनसे आगे नहीं निकल जाएं। आज की तारीख में जब दुनिया आपको देख रही है, आतंकी मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जाना जरूरी है। इस पर राजनीति करना सही नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल में पार्टियों से नाम मांगे जाने और नहीं मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संसदीय प्रणाली का हिस्सा है। कई बार ऐसा होता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बिहार में आगामी सम्मेलन को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह अच्छी बात है।

राहुल गांधी को बिहार याद रहा है, लेकिन उनको भूलना नहीं चाहिए कि उनकी ही पार्टी ने कई सालों तक यहां शासन चलाया है। जो कार्य आप उस समय नहीं कर पाए, अब करने की सोच रहे हैं, तो यह अच्छी बात है।

चिराग पासवान ने बिहार में पलायन को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इसकी चिंता है। पलायन रोकने के लिए डबल इंजन की सरकार काम कर रही है, बिहार के लिए अगला पांच साल स्वर्णिम काल है।

उन्होंने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर साफ लहजे में कहा कि वे मेरे पिता तुल्य हैं। अगर कोई उन्हें अपशब्द कहेगा, तो उसके खिलाफ सबसे पहले मैं खड़ा होऊंगा। मैं उनकी नीतियों का विरोध जरूर करता हूं और उसे लेकर जनता के पास भी जाऊंगा।

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