It is mandatory for unrecognized privatenon-governmental schools to apply for recognition by April 8, 2026.

08 अप्रैल 2026 तक मान्यता हेतु आवेदन अनिवार्य

नियमों का उल्लंघन करने पर विद्यालय बंद करने की कार्रवाई संभव

विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर किया जा सकता है आवेदन

विद्यालयों की सुविधा हेतु यूजर मैनुअल एवं मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी पोर्टल से किया जा सकता है डाउनलोड

रांची,29.03.2026 – सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड, राँची के निदेश के आलोक राज्य के सभी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय, जहाँ कक्षा 1 से कक्षा 8 तक शिक्षण कार्य संचालित है, उन्हें झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 (संशोधित 2019 एवं 2025) के प्रावधानों के अनुरूप अनिवार्य रूप से मान्यता प्राप्त करना है।

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार जिला के सभी संबंधित विद्यालय प्राचार्य/प्रबंधन समिति/संचालकों को निर्देशित किया जाता है कि वे विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in
पर जाकर अपने विद्यालय का पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन पत्र दिनांक 08.04.2026 तक अनिवार्य रूप से जमा (Submit) करना सुनिश्चित करें।

विद्यालयों की सुविधा हेतु यूजर मैनुअल एवं मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उक्त पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।

🔹 प्रमुख निर्देश

यह आदेश सभी गैर मान्यता प्राप्त निजी/गैर सरकारी विद्यालयों पर लागू होगा, जहाँ कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाई हो रही है।

सभी विद्यालय प्रबंधन को समय-सीमा के भीतर आवेदन पूर्ण रूप से भरकर जमा करना सुनिश्चित करना होगा।

आवेदन के दौरान विद्यालय से संबंधित सभी आवश्यक विवरण

➤ आधारभूत संरचना

➤ योग्य शिक्षक

➤ छात्र नामांकन

➤ सुरक्षा व्यवस्था

➤ शौचालय एवं पेयजल सुविधा

सही एवं अद्यतन रूप में अपलोड करना अनिवार्य होगा।

⚠️ नियम उल्लंघन पर विधिसम्मत कार्रवाई

यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्धारित तिथि तक आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जाता है या विद्यालय निर्धारित मानकों/शर्तों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो अधिसूचना संख्या 1291, दिनांक 11.05.2011 की कंडिका-12(6) के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय को बंद भी किया जा सकता है।

जिला प्रशासन की अपील

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय संचालकों एवं प्राचार्यों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें और समय-सीमा के भीतर आवेदन कर अपने विद्यालयों का संचालन विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सुरक्षित रह सकें।

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