India's tourism sector will reach Rs 42 lakh crore by 2035 due to increase in domestic travelers Report

नई दिल्ली ,05 जून(एजेंसी)। भारत के ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में 2035 तक बढ़कर 42 लाख करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट में बताया गया कि देश को प्रतिस्पर्धी बने रहने और इस सेक्टर की विकास की गति को बनाए रखने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेस्टिनेशन मार्केटिंग में अधिक निवेश करने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों द्वारा देश में किया जाने वाला खर्च प्री-कोविड स्तर को पीछे छोड़ते हुए ऑल-टाइम हाई 3.1 लाख करोड़ रुपए रहा था। इस दौरान घरेलू यात्रियों ने करीब 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे, जो कि 2019 के मुकाबले 22 प्रतिशत अधिक है।

इसके अतिरिक्त, डब्ल्यूटीटीसी की ओर से बताया गया कि भारत के ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में 2035 तक नौकरियों की संख्या बढ़कर 6.4 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जो कि फिलहाल 4.65 करोड़ पर है।

हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में सीआईआई ‘एनुअल बिजनेस समिट 2025Ó में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा था कि ग्लोबल इकोनॉमी में 10 प्रतिशत योगदान टूरिज्म सेक्टर का होता है और मुझे यकीन है कि ग्लोबल पैरामीटर के तहत 2030 तक हमारा पर्यटन क्षेत्र भी देश की जीडीपी में 10 प्रतिशत का योगदान देगा। हम इस विजन पर तेजी से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, भारत के टूरिज्म सेक्टर को प्रमोट करने और वैश्विक स्तर पर देश की क्षमता को बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएशन पहली जरूरत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सड़कें, एक्सप्रेसवे और डेढ़ लाख किलोमीटर के हाइवे बने, नया मॉडर्न रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ। नए एयरपोर्ट्स बने।

उन्होंने आगे कहा, हालांकि, अभी भी बहुत से काम किए जाने बाकी हैं। फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। भविष्य में 3,000 एयरक्राफ्ट्स आने वाले हैं। एयरक्राफ्ट्स की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदल रहा है।

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