Indian Railways earns freight revenue of Rs 14,571 crore in February on strong growth in steel, iron ore and fertilizer traffic
नई दिल्ली – भारतीय रेल कोयला, इस्पात, उर्वरक, सीमेंट, अनाज और कंटेनर जैसी आवश्यक वस्तुओं के कुशल परिवहन को सुनिश्चित करके देश की आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। फरवरी 2026 में माल ढुलाई परिचालन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में स्थिर वृद्धि दर्ज की गई। इससे विभिन्न क्षेत्रों में रेल-आधारित रसद की निरंतर मांग का पता चलता है।

फरवरी 2026 के दौरान , भारतीय रेल ने 137.72 मिलियन टन माल ढुलाई की। फरवरी 2025 में 132.48 मिलियन टन की तुलना में 3.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस माह के दौरान माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व 14,571.99 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष के इसी माह के 14,151.96 करोड़ रुपये से 2.97 प्रतिशत अधिक है।

परिवहन उत्पादन के मामले में भारतीय रेल के प्रदर्शन में भी मजबूती दर्ज की गई है। माल ढुलाई का एक प्रमुख सूचक, नेट टन किलोमीटर (एनटीकेएम) , फरवरी 2026 में 76,007 मिलियन एनटीकेएम तक पहुंच गया, जबकि फरवरी 2025 में यह 72,955 मिलियन एनटीकेएम था। इसमें 4.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रमुख वस्तुओं से संचालित वृद्धि

माल ढुलाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी प्रमुख क्षेत्र की वस्तुओं द्वारा संचालित है। इस माह के दौरान, भारतीय रेल ने बड़ी मात्रा में कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, उर्वरक, सीमेंट और कंटेनर ढुलाई की। तैयार इस्पात, लौह अयस्क और उर्वरक जैसी वस्तुओं में वृद्धि ने समग्र माल ढुलाई प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रमुख वस्तुओं के क्षेत्र में भी प्रदर्शन उत्साहजनक बना रहा। दैनिक माल ढुलाई की स्थिति में, लौह अयस्क, कच्चा लोहा और तैयार इस्पात, इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चा माल (लौह अयस्क को छोड़कर), उर्वरक, खनिज तेल और कंटेनर ईएक्‍सआईएम यातायात जैसी वस्तुओं में साल-दर-साल उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। लौह अयस्क का लदान पिछले वर्ष के 0.529 मिलियन टन की तुलना में इस वर्ष 0.675 मिलियन टन रहा (27.6 प्रतिशत की वृद्धि), जबकि कच्चा लोहा और तैयार इस्पात का लदान पिछले वर्ष के 0.284 मिलियन टन की तुलना में 0.343 मिलियन टन रहा (20.8 प्रतिशत की वृद्धि)। इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल (लौह अयस्क को छोड़कर) का लदान 0.096 मिलियन टन से बढ़कर 0.141 मिलियन टन हो गया (46.9 प्रतिशत की वृद्धि)। इसी प्रकार, उर्वरक का लदान 0.167 मिलियन टन से बढ़कर 0.184 मिलियन टन (10.2 प्रतिशत की वृद्धि), खनिज तेल का लदान 0.146 मिलियन टन से बढ़कर 0.172 मिलियन टन (17.8 प्रतिशत की वृद्धि) और कंटेनर एक्सआईएम यातायात 0.213 मिलियन टन से बढ़कर 0.251 मिलियन टन (17.8 प्रतिशत की वृद्धि) हो गया।

फरवरी के मासिक संचयी प्रदर्शन में, कई वस्तुओं ने पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। उर्वरक का लदान 4.224 मिलियन टन से बढ़कर 5.396 मिलियन टन (27.7 प्रतिशत की वृद्धि) हो गया है, जबकि क्लिंकर 5.421 मिलियन टन से बढ़कर 6.508 मिलियन टन (20.1 प्रतिशत की वृद्धि) हो गया। पिग आयरन (कच्चा लोहा) और तैयार स्टील का लदान 5.522 मिलियन टन से बढ़कर 6.237 मिलियन टन (12.9 प्रतिशत की वृद्धि) हो गया, और लौह अयस्क 14.925 मिलियन टन से बढ़कर 16.370 मिलियन टन (9.7 प्रतिशत की वृद्धि) हो गया। कंटेनर एक्स-इम यातायात (5.432 मिलियन टन बनाम 5.142 मिलियन टन, 5.6 प्रतिशत की वृद्धि) और कंटेनर घरेलू यातायात (2.015 मिलियन टन बनाम 1.970 मिलियन टन, 2.3 प्रतिशत की वृद्धि) में भी वृद्धि देखी गई। यह प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में निरंतर मांग को दर्शाता है।

रेल माल ढुलाई थोक वस्तुओं के परिवहन के सबसे किफायती और पर्यावरण के अनुकूल साधनों में से एक बनी हुई है। इससे उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों को लंबी दूरी तक विश्वसनीय और लागत प्रभावी तरीके से ले जाने में मदद करती है।

वित्त वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई का संचयी प्रदर्शन मजबूत रहा।

भारतीय रेल ने चालू वित्त वर्ष के दौरान संचयी माल ढुलाई प्रदर्शन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 की अवधि के दौरान, भारतीय रेल ने 1,503.80 मिलियन टन माल ढुलाई की। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 1,456.07 मिलियन टन थीयानी 3.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस अवधि के दौरान माल ढुलाई से होने वाली आय 1,60,987 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 1,58,539.86 करोड़ रुपये थीयानी यह 1.54 प्रतिशत की वृद्धि है।

एनटीकेएम में मापी गई कुल माल ढुलाई 840,000 मिलियन रही, जबकि पिछले वर्ष यह 826,586 मिलियन एनटीकेएम थीजो 1.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है ।

आर्थिक विकास और राष्ट्रीय रसद का समर्थन करना

भारतीय रेल क्षमता वृद्धि, बेहतर टर्मिनल बुनियादी ढांचे, समर्पित माल गलियारों और डिजिटल माल प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन पहलों से उद्योगों और व्यवसायों को माल की आवाजाही अधिक कुशलतापूर्वक करने और साथ ही माल ढुलाई लागत को कम करने में मदद मिल रही है।

बुनियादी ढांचे और माल ढुलाई संचालन में निरंतर निवेश के साथ, भारतीय रेलवे देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की रीढ़ के रूप में अपनी भूमिका को बढ़ाने और देश के आर्थिक विकास का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

**************************