Impact of India's action, there is a huge shortage of medicines and fertilizers in Pakistan

3800 करोड़ से ज्यादा का कारोबार ठप

नई दिल्ली ,28 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए नृशंस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग अटारी बॉर्डर को बंद कर दिया है। इस हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष सैलानियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसमें सीधे तौर पर पाकिस्तान का हाथ माना जा रहा है।

भारत के इस फैसले से दोनों देशों के बीच होने वाला 3886.53 करोड़ रुपये का सीमा पार व्यापार तत्काल प्रभाव से रुक गया है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (त्रञ्जक्रढ्ढ) के एक अनुमान के मुताबिक, भले ही भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार सीमित हो, लेकिन अप्रत्यक्ष तरीकों से हर साल भारत का लगभग 10 अरब डॉलर का सामान पाकिस्तान पहुंचता है।

यह व्यापार मुख्य रूप से दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे तीसरे देशों के रास्ते होता है, जहां सामान के लेबल और दस्तावेज बदलकर उन्हें किसी और देश का बताकर पाकिस्तान भेजा जाता है।

पंजाब के अमृतसर स्थित अटारी बॉर्डर भारत और पाकिस्तान के बीच जमीनी रास्ते से व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। भारत द्वारा इस बॉर्डर को बंद किए जाने के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत के साथ व्यापार रोक दिया है।

गौरतलब है कि साल 2024 में भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 127 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, जो 2023 में 0.53 बिलियन डॉलर था। हालांकि, यह आंकड़ा 2019 में पुलवामा आतंकी हमले से पहले के 3 बिलियन डॉलर के व्यापार स्तर से काफी कम है।

भारत पाकिस्तान को मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं और उनकी सामग्री), चीनी, चाय, कॉफी, कपास, लोहा, स्टील, टमाटर, नमक, ऑटोमोटिव कॉम्पोनेंट्स और उर्वरक जैसी वस्तुएं निर्यात करता रहा है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान से भारत में मसाले, खजूर, बादाम, अंजीर, बेसिल और रोजमेरी जैसी जड़ी-बूटियां आयात की जाती हैं।

दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार बंद होने से पाकिस्तान को भारतीय सामानों के लिए तीसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इससे सामानों की ढुलाई लागत में वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर पाकिस्तान में इन वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा और मूलभूत चीजें महंगी हो जाएंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान का फार्मा सेक्टर विशेष रूप से प्रभावित हो सकता है। इसकी तुलना में, भारत पर इस व्यापार निलंबन का प्रभाव काफी कम होने की उम्मीद है।

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