Formal inauguration of Chintan Shivir by Union Minister for Minority Affairs and Parliamentary Affairs Shri Kiren Rijiju
केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज चिंतन शिविर के औपचारिक उद्घाटन के दौरान मंत्रालय के निगरानी ऐप, हज कलाई पट्टी (रिस्ट बैंड) और एआई चैटबॉट लॉन्च किए
नई दिल्ली – अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बिहार के राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय ‘चिंतन शिविर’ का समापन किया। इसमें केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक साथ लाकर अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नीति-आधारित कार्य योजना पर विचार-विमर्श किया गया।

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने पीएमजेवीके, पीएमविकास, एनएमडीएफसी, उम्मीद सेंट्रल पोर्टल, हज आधुनिकीकरण और डिजिटल पहलों जैसी अपनी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से अपनी प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया और प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने दृष्टिकोण को भी प्रस्तुत किया।

 

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने पीएमजेवीके योजना के तहत निगरानी ऐप का शुभारंभ किया, जो देश भर में बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने में योगदान देगा। उन्होंने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हज कलाई पट्टी (रिस्ट बैंड) और एआई चैटबॉट का भी शुभारंभ किया।

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श्री रिजिजू ने नालंदा विश्वविद्यालय में चिंतन शिविर के आयोजन के लिए मंत्रालय की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि नालंदा देश की प्राचीन सभ्यतागत विरासत का प्रतीक और उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि चिंतन शिविर की चर्चाओं से केंद्र-राज्य समन्वय को सुव्यवस्थित करने, हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने और जमीनी स्तर पर सफल कार्यान्वयन में मदद मिलेगी।

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अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि पीएमजेवीके योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना ने देश भर के अल्पसंख्यक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दिया है। मंत्रालय की पीएमविकास, एनएमडीएफसी, उम्मीद केंद्रीय पोर्टल और हज पहल अल्पसंख्यक कल्याण और विकास में योगदान दे रही हैं।

अल्पसंख्यक मंत्रालय में सचिव श्री चंद्र शेखर कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया और चिंतन शिविर को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार और नालंदा स्थित अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने नालंदा के ऐतिहासिक महत्व और उसकी अहमियत पर भी जोर दिया।

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चिंतन शिविर का उद्देश्य सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के माध्यम से विकसित भारत के लिए नागरिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘सुधार, क्रियान्वयन, रूपांतरण और सूचना’ का लक्ष्य सार्वजनिक-निजी-सामुदायिक भागीदारी और जन भागीदारी के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

नागालैंड के विधायक और रेशम उत्पादन विभाग एवं अल्पसंख्यक कार्य सलाहकार श्री इम्कोंग मार ने भारत में अल्पसंख्यक कल्याण की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने नागालैंड के अल्पसंख्यक समुदायों की सांस्कृतिक और जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे और कौशल विकास में आई कमियों को दूर करने के लिए पीएमजेवीके और पीएमविकास योजनाओं की सराहना की।

अरुणाचल प्रदेश के खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री श्री केंटो जिनी ने मंत्रालय की योजना और बुनियादी ढांचे एवं सामुदायिक कमियों को दूर करने में मंत्रालय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू और सचिव डॉ. सी. एस. कुमार को निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।

सिक्किम के समाज कल्याण मंत्री श्री समदुप लेपचा ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की योजनाओं के जमीनी स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव पर जोर दिया और कहा कि चिंतन शिविर अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

त्रिपुरा के सहकारिता, जनजातीय कल्याण (टीआरपी एवं पीटीजी) और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री शुक्ला चरण नोतिया ने कहा कि मंत्रालय प्रधानमंत्री के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।

इसके अलावा, कार्यक्रम में पांच विषयों पर केंद्रित समूह चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें निम्नलिखित विषय शामिल थे:

i. अवसंरचना विकास (पीएमजेवीके)

ii. सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण (पीएमविकास + एनएमडीएफसी)

iii. वक्फ प्रबंधन

iv. हज प्रबंधन

v. छात्रवृत्ति योजनाएं

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यह सत्र संवादात्मक प्रारूप में आयोजित किया गया था, जिसमें सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया। प्रतिभागियों ने निर्देशित प्रश्नों और समूह अभ्यासों के माध्यम से अनुभवों, चुनौतियों और समाधानों को जानने के लिए पांच विषयगत क्षेत्रों में सुगम और समयबद्ध चर्चाओं में भाग लिया।

इन सत्रों में सहकर्मी अभ्यास, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और आम सहमति निर्माण पर जोर दिया गया, जिससे ठोस अंतर्दृष्टि प्राप्त हुई। इसे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की नीति और कार्यक्रम सुधारों में शामिल किया जाएगा।

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