ईएमआरएस के निर्माण में देरी के मुख्य कारण बाधा मुक्त भूमि की अनुपलब्धता, उचित पहुंच मार्गों का अभाव, भौगोलिक चुनौतियां आदि हैं।
राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति (एनएसईटीएस) ने अखिल भारतीय स्तर पर ईएमआरएस कर्मचारी चयन परीक्षा(ईएसएसई)-2023 के माध्यम से 10391 पदों की सीधी भर्ती के लिए अपना पहला अभियान चलाया और चयनित शिक्षण एवं गैर शिक्षण कर्मचारियों को विभिन्न ईएमआरएस में तैनात किया गया है।
7267 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों को भरने के लिए ईएसएसई-2025 की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों को प्रतिनियुक्ति और आउटसोर्सिंग के आधार पर भी कर्मचारियों को नियुक्त करने की सलाह दी गई है ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।
आदिवासी छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए, इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक पुस्तकालय, विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, छात्रों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं, खेल, कला और संगीत जैसी पाठ्येतर गतिविधियों की सुविधाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी विभिन्न सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाती हैं।
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