नई दिल्ली – वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में, भारत सरकार ने घोषणा की, कि जनजातीय बच्चों को उनके अपने वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए, 50% से अधिक अनुसूचित जनजाति आबादी और कम से कम 20,000 जनजातीय लोगों (2011 की जनगणना के अनुसार) वाले प्रत्येक प्रखंड में ईएमआरएस स्थापित किए जाएंगे। बिहार के भागलपुर जिले का कोई भी प्रखंड इन दोहरे मानदंडों को पूरा नहीं करता है।
बिहार में स्वीकृत ईएमआरएस का ब्यौरा निम्नानुसार है:
1. झाझा, जमुई जिला
2. रामनगर, पश्चिम चंपारण जिला
3. अधौरा, कैमूर जिला
पूर्णिया, बांका और मुंगेर जिलों का कोई भी प्रखंड, ईएमआरएस मंज़ूरी के लिए आवश्यक दोहरे मापदंडों को पूरा नहीं करता है।
ईएमआरएस की आवश्यकता की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
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