रांची: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा के दौरान लगाए गए तोरण द्वार और अस्थायी संरचनाओं को अब तक नहीं हटाए जाने पर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी संबंधित पूजा समितियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लगाए गए तोरण द्वार, बांस की संरचनाओं और अन्य अवशेषों को अविलंब हटाने की अपील की है।

जिला प्रशासन के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में पूजा समितियों द्वारा तोरण द्वार और अस्थायी संरचनाएं बनाई गई थीं। प्रशासन ने पहले ही निर्देश दिया था कि प्रतिमा विसर्जन के दिन सभी तोरण द्वार और अस्थायी संरचनाओं को हटा लिया जाए। इसके बावजूद शहर के कई स्थानों पर सड़क के बीच बांस से बनी संरचनाएं अब भी मौजूद हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

सड़कों पर बिखरी कीलों से वाहन चालकों को परेशानी

उपायुक्त ने यह भी बताया कि शहर के कई इलाकों में सड़कों पर लोहे की कीलें और अन्य निर्माण सामग्री बिखरी हुई हैं। इसके कारण वाहनों के टायर पंचर हो रहे हैं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क पर बिखरी सामग्री से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने पूजा समितियों से अपने क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सड़क को पूरी तरह आवागमन के लिए बाधामुक्त बनाने की अपील की है।

अनुमंडल पदाधिकारी, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम करेंगे निगरानी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूजा समितियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, रांची, ट्रैफिक पुलिस और रांची नगर निगम द्वारा की जाएगी।

प्रशासन ने सभी संबंधित पूजा समितियों से तत्काल कार्रवाई करते हुए तोरण द्वार, बांस की संरचनाएं और पूजा से संबंधित अन्य अवशेष हटाने को कहा है।

आम नागरिकों की सुविधा के लिए प्रशासन की अपील

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी पूजा समितियों से यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

जिला प्रशासन का उद्देश्य शहर की सड़कों को सुरक्षित और बाधामुक्त बनाना है, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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