Dr. Mansukh Mandaviya launched 'My Bharat Budget Quest 2026' to increase youth engagement with the Union Budget.
नई दिल्ली – केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज माई भारत बजट क्वेस्ट 2026′ का शुभारंभ किया। यह एक राष्ट्रव्यापी युवा-केंद्रित पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं के बीच केंद्रीय बजट की समझ को बढ़ाना और बजटीय प्रावधानों को अधिक सुलभ, प्रासंगिक तथा नागरिक-केंद्रित बनाना है। यह पहल एक संरचित और सहभागी ढांचे के माध्यम से देश भर के महाविद्यालयों, संस्थानों और कोचिंग केंद्रों के युवाओं को शामिल करके केंद्रीय बजट 2026 को नागरिकों के दैनिक जीवन से जोड़ने का प्रयास करती है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह प्रतियोगिता कल (3 फरवरी 2026) से ‘माई भारत’ प्लेटफॉर्म (https://mybharat.gov.in/) पर शुरू होगी। यह केंद्रीय बजट 2026 पर आधारित एक राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी है, जिसमें ‘माई भारत’ पोर्टल पर पंजीकृत युवा भाग ले सकते हैं। भाग लेने की अंतिम तिथि 17 फरवरी है। इसके बाद, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा और वे 17 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक चलने वाले दूसरे चरण में भाग लेंगे, जो निबंध लेखन का दौर होगा। निबंध लेखन के इस चरण में युवाओं को विकसित भारत के विजन के अनुरूप केंद्रीय बजट से संबंधित 8 विषय दिए जाएंगे। प्रतिभागी निबंधों के माध्यम से अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “इस वर्ष के बजट भाषण में माननीय वित्त मंत्री ने वीबीवाईएलडी के दौरान युवाओं द्वारा साझा किए गए नवोन्मेषी विचारों की सराहना की और उल्लेख किया कि कुछ विचारों को केंद्रीय बजट 2026-27 में शामिल किया गया है। ‘माई भारत बजट क्वेस्ट 2026’ के साथ हम इस भावना को जारी रखना चाहते हैं और एक बार फिर युवा की बातों को महत्‍व देना चाहते हैं।”

निबंधों का मूल्यांकन 3 मार्च से 10 मार्च, 2026 के बीच किया जाएगा और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार योग्यता सूची 10 मार्च, 2026 को घोषित की जाएगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के विजेताओं को बाद में ‘विकसित भारत बजट’ के विजन पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ आभासी रूप से बातचीत करने का अवसर मिलेगा, जो राष्ट्रीय आर्थिक विमर्श और विकास प्राथमिकताओं में सूचित युवा भागीदारी के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

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