रांची के सदर अस्पताल में आयोजित शोकसभा में हमारे प्रिय चिकित्सक डॉ. विकास गुप्ता को श्रद्धांजलि देने पहुँचे स्वास्थ्य मंत्री।
उन्होंने कहा – मैं वहाँ स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक चिकित्सक और एक साथी के रूप में पहुँचा था। सफेद कोट पहनने वाला जब दूसरे सफेद कोट को खो देता है, तो वह पीड़ा शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। सच में ऐसा लगा जैसे हमने अपना एक सगा भाई, अपना हमदर्द, अपना साथी खो दिया हो।

पूरा वातावरण शोक में डूबा था… हर डॉक्टर की आँखें नम थीं, हर चेहरा उदास था। सन्नाटा भी मानो रो रहा था।
डॉ. विकास एक साधारण परिवार से उठकर सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने। वे सिर्फ एक डॉक्टर नहीं थे, वे उम्मीद थे… वे भरोसा थे… वे उन गरीब मरीजों की आस थे जो अस्पताल में इलाज के साथ सहारा भी ढूंढते हैं।
विमान एम्बुलेंस में उनका असामयिक निधन हम सभी के लिए गहरी और अपूरणीय क्षति है। उनका जाना चिकित्सा जगत के लिए एक ऐसी रिक्तता है जिसे भर पाना संभव नहीं।
मैं स्वयं एक डॉक्टर हूँ, इसलिए इस दर्द को दिल की गहराइयों से महसूस कर रहा हूँ। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मैंने उनके परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार हर संभव सहायता देगी। लेकिन सच यह है कि किसी अपने की कमी को कोई सहायता पूरा नहीं कर सकती।
ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।
डॉ. विकास गुप्ता अमर रहें।
आपकी सेवा, आपका समर्पण हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा
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