Bihar Elections Tejashwi Yadav to be CM face, Rahul Gandhi's image missing from Grand Alliance posters;political turmoil intensifies

पटना 23 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : महागठबंधन गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इस बीच अटकलें लगाई जा रही हैं कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। यह घटनाक्रम तेजस्वी यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के बीच बुधवार को पटना में हुई बैठक के बाद सामने आया है। कृष्णा अल्लावरु ने बुधवार को पटना में तेजस्वी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी।

पटना के मौर्य होटल में गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की पृष्ठभूमि इन अटकलों को और बल देती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बैनर पर महागठबंधन के सभी सहयोगियों के चुनाव चिन्ह प्रमुखता से प्रदर्शित हैं, लेकिन तेजस्वी यादव की केवल एक बड़ी तस्वीर ही दिखाई गई है। इस पोस्टर से राहुल गांधी की तस्वीर गायब होने से सियासी हलचल भी तेज हो गई है।

बैनर पर ‘बिहार मांगे तेजस्वी सरकार’ हैशटैग भी दिखाया गया है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से यह महागठबंधन की पहली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी। आखिरी बार महागठबंधन के नेताओं ने 24 सितंबर को पटना में ‘अति पिछड़ा ईबीसी संकल्प पत्र’ के विमोचन के दौरान मंच साझा किया था, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी मौजूद थे।

इससे पहले, नेताओं ने राहुल गांधी की दो सप्ताह तक चली ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ में संयुक्त रूप से भाग लिया था, जो बिहार के 25 से अधिक जिलों से होकर गुजरी थी। हालांकि कांग्रेस ने बुधवार की बैठक के नतीजों पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है, लेकिन गठबंधन सहयोगी भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में हो रही देरी को लेकर महागठबंधन में बढ़ती बेचैनी का संकेत दिया है।

भट्टाचार्य ने कहा था, “विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में तेजस्वी के नाम की आधिकारिक घोषणा गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जा सकती है। पूरा बिहार जानता है कि अगर विपक्षी गुट को बहुमत मिलता है तो तेजस्वी ही मुख्यमंत्री होंगे।” हालांकि, अशोक गहलोत ने सतर्क रुख अपनाया और केवल इतना कहा कि गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘सारी उलझनें’ दूर हो जाएंगी।

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