
समागम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत आधुनिक इतिहास में अभूतपूर्व स्तर पर परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि अवसंरचना विस्तार, डिजिटल सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा युवा नवाचार अर्थव्यवस्था और समाज की नींव को नया आकार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रगति लोगों के देशभर में यात्रा करने के बढ़ते आत्मविश्वास में भी दिखाई दे रही है। भारत ने 2025 में 400 करोड़ से अधिक आंतरिक पर्यटक यात्राओं का रिकॉर्ड दर्ज किया, जो न केवल महामारी-पूर्व स्तर पर पूर्ण पुनरुद्धार को दर्शाता है बल्कि नागरिकों में अपनी ही धरती की खोज के लिए नई उत्साह को भी प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का यादगार प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित सभी कलाकारों, कारीगरों और शिल्पकारों को बधाई दी।

समापन समारोह के दौरान, पर्यटन एवं पेट्रोलियम राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी ने कहा कि भारत पर्व भारत के रंगों, ध्वनियों, स्वादों और परंपराओं को एक छत के नीचे लाकर देश की विविधता में निहित असाधारण एकता की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव नागरिकों को राष्ट्र की आत्मा के निकट लाते हैं, राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करते हैं तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत उसके सबसे बड़े राजदूत के रूप में अपनी प्रासंगिकता को पुनः पुष्ट करते हैं।

भारत पर्व 2026, एक छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन उत्सव, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में 26 से 31 जनवरी 2026 तक ऐतिहासिक रेड फोर्ट के सामने लॉन्स तथा ज्ञान पथ पर आयोजित किया गया। समापन समारोह में पर्यटन एवं पेट्रोलियम राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी ने भी शिरकत की।

भारत पर्व पर्यटन मंत्रालय का प्रमुख वार्षिक आयोजन है जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, कलात्मक, पाक एवं आध्यात्मिक विरासत का उत्सव मनाता है तथा “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “देखो अपना देश” जैसे राष्ट्रीय पहलों को बढ़ावा देता है। वर्षों से यह उत्सव भारत की एकता में विविधता तथा अपार पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने वाले प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुआ है।

यह उत्सव भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने, आंतरिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने, कारीगरों एवं राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मंच प्रदान करने, पर्यटन जागरूकता बढ़ाने तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष के आयोजन में 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों, 25 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों तथा देश भर से प्रमुख संस्थानों और संगठनों ने भाग लिया।

इस वर्ष का भारत पर्व विशेष महत्वपूर्ण था क्योंकि यह “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक था—वह प्रतिष्ठित गीत जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया और आज भी एकता, सांस्कृतिक गौरव तथा मातृभूमि के प्रति प्रेम का प्रतीक बना हुआ है।भारत पर्व 2026 में भारी जन भागीदारी दर्ज की गई, जिसमें औसतन प्रतिदिन लगभग 40,000 आगंतुकों की उपस्थिति रही।
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