Before monsoon, Delhi government is working on short, mid and long term Minister Pravesh Verma

नई दिल्ली,20 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बीते दिनों बारिश ने जिस कदर राजधानी दिल्ली का हाल-बेहाल किया उसने नई सरकार को मानसून के लिए अलर्ट कर दिया है. नई सरकार के लिए दिल्ली में मानसून से निपटना बड़ी चुनौती होगी. हालांकि, मानसून से पहले ही दिल्ली सरकार, एमसीडी, एनडीएमसी समेत तैयारियों से जुड़े विभाग अलर्ट पर हैं. मीटिंग का दौर लगातार जारी है.

वहीं, दिल्ली में मानसून को लेकर दिल्ली सरकार की क्या तैयारी है, इस सवाल के जबाव में दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि जिस तरीके से पिछले दिनों बारिश हुई थी और मिंटो ब्रिज पर पानी नहीं भरा था हमने सारे ऐसे बिंदु को चिन्हित किया है. जहां-जहां पर पानी भरता था उसके लिए हमने तीन गोल बनाए हैं शॉर्ट, मिड और लॉन्ग टर्म.

मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि शॉर्ट टर्म जहां पर ज्यादा समस्या नहीं थी जहां एक से डेढ़ महीने में काम हो सकता था हमने उसके उपर काम किया, उनमें से एक था मिंटो ब्रिज. उन्होंने कहा कि इस बार अतिशी ने बारिश में कई फोटो दिखाएं, लेकिन मिंटो ब्रिज के फोटो नहीं दिखाए जो हमारे शॉर्ट टर्म गोल थे.

उसके ऊपर में काम चल रहा है और अगले 10 दिन में काम पूरा हो जाएगा. वहीं, हमारे जो मिड टर्म के गोल है वो तीन से चार महीने में करने हैं और जो लॉन्ग टर्म काम है वहां पर बड़ी-बड़ी ड्रैन डालने का काम चल रहा है.

प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से हर दिन हम नई सच्चाई को उजागर कर रहे हैं. नालियाँ पूरी तरह से जाम हैं, लाइनों की सफाई कभी नहीं हुई और पिछले 10 सालों में कोई जमीनी काम नहीं हुआ.

यह केजरीवाल सरकार की असली विरासत है. अब 70 प्रतिशत पीडब्ल्यूडी नालियाँ साफ हो चुकी हैं. इसलिए हमें उपदेश देने के बजाय, आप नेताओं को जवाब देना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने वास्तव में क्या किया?

मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली के नालों की हर साल ठीक से सफाई क्यों नहीं की गई? बाढ़ प्रबंधन के लिए कोई दीर्घकालिक योजना क्यों नहीं बनाई गई? डीजेबी और आईएंडएफसी जैसी एजेंसियों को करोड़ों क्यों आवंटित किए गए, लेकिन फिर भी हर बारिश के बाद शहर डूब जाता है?

प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. परियोजनाओं की समीक्षा कर रही हैं, साइटों का दौरा कर रही हैं और अधिकारियों को जवाबदेह बना रही हैं. पिछले आप नेतृत्व के विपरीत, जो केवल सुर्खियों और फोटो-ऑप पर ध्यान केंद्रित करते थे, हम जमीनी स्तर पर डिलीवरी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

आम आदमी पार्टी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और बताना चाहिए कि आप के 10 साल के शासन के बाद दिल्ली इतनी टूटी-फूटी स्थिति में क्यों रह गई. दिल्ली के लोगों ने उनके बहाने समझ लिए हैं अब वे आरोप नहीं, कार्रवाई चाहते हैं.

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