B Sudarshan Reddy filed nomination for the post of Vice President

इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार संग दिखे सोनिया-राहुल

नई दिल्ली,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए नामांकन का दौर जारी है. विपक्षी दलों (इंडिया ब्लॉक) के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने आज गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. उन्होंने अब से कुछ देर पहले ही नामांकन किया.

इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राज्यसभा सदस्य और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत तमाम विपक्षी दलों के नेता उपस्थित रहे. वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कैंडीडेट और महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था.

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने नामांकन के बाद जोर देकर कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक व्यक्ति के बारे में नहीं है, बल्कि उस भारत के विचार की पुष्टि करता है जहां संसद ईमानदारी से काम करे, असहमति का सम्मान हो और संस्थाएँ स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ लोगों की सेवा करें.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी ने संकल्प लिया कि अगर वे निर्वाचित होते हैं, तो उपराष्ट्रपति पद की भूमिका निष्पक्षता, गरिमा और संवाद व शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे.

रेड्डी ने एक बयान में कहा कि आज, मुझे विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने का सम्मान मिला. मैंने यह काम विनम्रता, जि़म्मेदारी और हमारे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ किया.

उन्होंने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, विधि के छात्र और इस गणराज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित एक नागरिक के रूप में, जनसेवा के मेरे जीवन ने मुझे सिखाया है कि भारत की असली ताकत प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, संवैधानिक नैतिकता की रक्षा और हमारी विविधता में एकता में निहित है.

उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति पर संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचित होता हूं, तो मैं निष्पक्षता, गरिमा और संवाद एवं शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इस भूमिका का निर्वहन करने का वचन देता हूं.

रेड्डी ने विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा उन पर भरोसा जताने के लिए और उन अनगिनत नागरिकों के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया जो न्याय, समानता और सद्भाव के इस सामूहिक संघर्ष को प्रेरित करते रहते हैं.

रेड्डी ने आगे कहा कि हमारे संविधान में आस्था और अपने लोगों में आशा के साथ, मैं इस यात्रा पर निकल रहा हूं. हमारी लोकतांत्रिक भावना हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं.

राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी मतदान के पात्र होते हैं. निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 है. गोवा के पहले लोकायुक्त रेड्डी, हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं.

नामांकन दाखिल करने से पहले सुदर्शन रेड्डी ने प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद उन्होंने कहा कि बेशक, संख्याएं मायने रखती हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है. उन्होंने कहा कि चूंकि मैं किसी राजनीतिक दल से नहीं हूं, इसलिए मुझे विश्वास है कि सभी दल मेरा समर्थन करेंगे. मैंने कल बुधवार को यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दी थी. यह सिर्फ विचारधारा की लड़ाई है.

बता दें, दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत राज्यों से आते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार जीतेगा, वह दक्षिण का प्रतिनिधित्व करेगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को बी सुदर्शन का घटक दलों के सभी नेताओं से परिचय कराया.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रेड्डी को इस हफ्ते की शुरुआत में विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में घोषित किया गया था. उनका मुकाबला एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा. सुदर्शन के नामांकन के समय संसद में दौरान विपक्षी दलों के नेताओं के भी उनके साथ रहने की उम्मीद है.

इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी का नामांकन राज्यसभा के कामकाज में निष्पक्षता, निष्पक्षता और गरिमा बहाल करने के लिए विपक्ष की दृढ़ प्रतिबद्धता है.

संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सदस्यों को संबोधित करते हुए खडग़े ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को उच्च सदन में महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता के मामलों को उठाने का अवसर नहीं दिया गया है और इस उल्लंघन से बचने के लिए सुदर्शन रेड्डी का निर्वाचित होना महत्वपूर्ण है.

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