All press registration services are now available online through the Press Seva Portal
1.5 लाख से अधिक पत्रिकाओं के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया गया

नई दिल्ली – प्रेस एवं पत्रिका पंजीकरण (पीआरपी) अधिनियम, 2023 के अनुसार, पत्रिकाओं के पंजीकरण के सभी आवेदन प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संसाधित किए जाते हैं। इसके अनुसार, प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण (पीआरबी) अधिनियम, 1867 (अब निरस्त) के अंतर्गत पंजीकृत समाचार पत्रों के सभी भौतिक अभिलेखों (1.5 लाख से अधिक) को डिजिटाइज़ करके प्रेस सेवा पोर्टल का हिस्सा बना दिया गया है। वर्तमान में, नई पत्रिकाओं का पंजीकरण, मौजूदा पत्रिकाओं के पंजीकरण का संशोधन, पत्रिकाओं का स्वामित्व हस्तांतरण, वार्षिक विवरण दाखिल करना, ऑनलाइन जुर्माना भुगतान, पत्रिकाओं का प्रसार सत्यापन आदि जैसी सेवाएं प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से संसाधित की जा रही हैं। अधिनियम के कार्यान्वयन के अंतर्गत, 780 जिलों के निर्दिष्ट प्राधिकरणों को प्रेस सेवा पोर्टल से जोड़ा गया है। 1 मार्च 2024 से अब तक 11,081 आवेदनों पर कार्रवाई की जा चुकी है और संबंधित श्रेणियों के लिए प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से लगाए गए और भुगतान किए गए जुर्माने की विस्तृत सूची अनुलग्नक I में संलग्न है और रद्द किए गए ऐसे समाचार पत्रों की राज्यवार विस्तृत सूची अनुलग्नक-II में संलग्न है। सरकार अपनी विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों के प्रभाव का निरंतर मूल्यांकन करती है। प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (पीआरजीआई) पोर्टल के माध्यम से बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं और कार्रवाई करते हैं।

पंजीकृत समाचार पत्रों/पत्रिकाओं की सूची पीआरजीआई की वेबसाइट https://prgi.gov.in/ पर “हमारी सेवाएं” शीर्षक के अंतर्गत “पंजीकृत शीर्षक” टैब में उपलब्ध है।

सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने यह जानकारी आज लोकसभा में श्री दामोदर अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नक-I जैसा कि लोकसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 3028 के उत्तर में ‘प्रेस सेवा पोर्टल‘ के संबंध में उल्लेख किया गया है। इसका उत्तर दिनांक 11.03.2026 को दिया गया है।
दिनांक 27.02.2026 तक प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से लगाए गए और भुगतान किए गए जुर्माने का विवरण
क्र.सं. प्रकाशन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्राप्त कुल जुर्माने की राशि (रुपये में)
1 कर्नाटक 52,74,000
  2 ओडिशा 9,20,000
3 तमिलनाडु 44,17,000
4 हरियाणा 4,72,000
5 महाराष्ट्र 99,60,000
6 पश्चिम बंगाल 13,87,000
7 दिल्ली 37,92,000
8 गुजरात 37,59,000
9 उत्तर प्रदेश 44,08,000
10 आंध्र प्रदेश 30,72,000
11 छत्तीसगढ 8,44,000
12 मध्य प्रदेश 82,84,000
13 केरल 17,39,000
14 तेलंगाना 12,61,000
15 पंजाब 8,33,000
16 जम्मू-कश्मीर 6,63,000
17 राजस्थान 26,77,000
18 उत्तराखंड 8,68,000
19 झारखंड 2,02,000
20 बिहार 5,09,000
21 हिमाचल प्रदेश 1,12,000
22 त्रिपुरा 1,42,000
23 चंडीगढ़ 1,50,000
24 अंडमान-निकोबार द्वीप समूह 18,000
25 असम 2,55,000
26 नगालैंड 9,000
27 सिक्किम 1,59,000
28 गोआ 33,000
29 मिजोरम 50,000
30 पुद्दुचेरी 45,000
31 मणिपुर 51,000
32 दादरा और नगर हवेली 9,000
33 मेघालय 9,000
34 अरुणाचल प्रदेश 0
कुल राशि 5,63,83,000

 

अनुलग्नक-II जैसा कि लोकसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 3028 के उत्तर में ‘प्रेस सेवा पोर्टल‘ के संबंध में उल्लेख किया गया है। इसका उत्तर दिनांक 11.03.2026 को दिया गया है।
राज्यवार रद्द प्रकाशनों की संख्या का विवरण
क्र.सं. प्रकाशन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश रद्दीकरण संख्या
1 अंडमान-निकोबार द्वीप समूह 69
2 आंध्र प्रदेश 2485
3 अरुणाचल प्रदेश 12
4 असम 612
5 बिहार 1703
6 चंडीगढ़ 534
7 छत्तीसगढ 817
8 दादरा और नगर हवेली 5
9 दिल्ली 11920
10 गोआ 131
11 गुजरात 3539
12 हरियाणा 1854
13 हिमाचल प्रदेश 289
14 जम्मू-कश्मीर 582
15 झारखंड 325
16 कर्नाटक 5059
17 केरल 3541
18 लक्षद्वीप 7
19 मध्य प्रदेश 4806
20 महाराष्ट्र 12403
21 मणिपुर 226
22 मेघालय 87
23 मिजोरम 163
24 नगालैंड 17
25 ओडिशा 1723
26 पुद्दुचेरी 125
27 पंजाब 2481
28 राजस्थान 4851
29 सिक्किम 51
30 तमिलनाडु 6443
31 तेलंगाना 1962
32 त्रिपुरा 88
33 उत्तर प्रदेश 11987
34 उत्तराखंड 1096
35 पश्चिम बंगाल 6322
कुल 88,315