Akhilesh Yadav said- Health services in UP have completely derailed

सरकार की मनमानी और अव्यवस्था चरम पर

लखनऊ 10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की खराब हालत को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और इसके लिए जिम्मेदार है वर्तमान सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार। उन्होंने डिप्टी सीएम पर भी तंज कसा कि वे अपने विभाग के काम की बजाय मुख्यमंत्री पद की कुर्सी को लेकर व्यस्त हैं, जिससे मनमानी और बदहाली व्याप्त हो गई है।

अखिलेश यादव ने कानपुर में दो सीएमओ के बीच कुर्सी के विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस तक बुलानी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम अपनी असफलता छुपाने के लिए केवल छापेमारी करते हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं होता।पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में डिप्टी सीएम के गोंडा मेडिकल कॉलेज दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वहां हालत बेहद खराब थी।

डॉक्टर जींस-टीशर्ट में थे, मरीजों को चादर नहीं मिल रही थी और कई मरीज घर से शाल और कम्बल लेकर अस्पताल में लेटे थे। डिप्टी सीएम के 37 मिनट के दौरे के बाद भी अस्पताल की स्थिति नहीं सुधरी।झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जमीन पर बैठे मरीज को ड्रिप लगाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं।

अमेठी के जगदीशपुर ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सुविधाओं का अभाव है, जबकि प्राथमिक उपचार भी उचित तरीके से उपलब्ध नहीं है। उरई, पीलीभीत और फतेहपुर के मेडिकल कॉलेजों में भी इलाज की कमी के गंभीर मामले सामने आए हैं। हमीरपुर के जिला अस्पताल में एक मरीज को बिना उचित देखभाल के पैदल वार्ड में भेज दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

राजधानी लखनऊ में भी स्थिति दयनीय है। वेंटिलेटर और बेड होने के बावजूद मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज होता है। गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जाता है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों की कमी है और महंगी मशीनें जंग खा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बदइंतजामी और खराब सेवाओं के कारण मरीज प्राइवेट अस्पतालों की ओर मजबूर हो रहे हैं, जहां गलत इलाज से मौतों की घटनाएं बढ़ रही हैं और मरीजों से अवैध वसूली हो रही है।

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई के बाद ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव होगा। जनता इस बदलाव की प्रतीक्षा कर रही है।

******************************